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क्या होता है दशमूल, जानें क्यों सेहत के लिए इसे माना जाता है चमत्कारी, कैसे दूर करता है कमजोरी

What is Dashmool: दस जड़ी बूटियों से बनता है दशमूल जो शरीर की कमजोरी दूर करने का रामबाण तरीका माना जाता है। गठिया और सांस की समस्या में भी दशमूल फायदा पहुंचाता है। डिलीवरी के बाद महिलाओं को भी दशमूल लेने की सलाह दी जाती है।

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क्या होता है दशमूल

What is Dashmool: आयुर्वेद में तमाम जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल होता है जो शरीर को स्वस्थ रखने के लिए कारगर होती हैं। इन्हीं में से एक है दशमूल जो 10 जड़ी बूटियों के मेल से बनता है। जैसे कि इसके नाम से ही जाहिर है- दश यानी दस और मूल यानी जड़ें यानी 10 जड़ी-बूटियों का एक मिश्रण।

दशमूल दरअसल एक आयुर्वेदिक मिश्रण है जिसमें बिल्‍व, अग्निमंथ, श्‍योनाक, पटल, कष्‍मारी, बृहती, कंटकारी, शलपर्णी, पृश्‍पर्णी और गोक्षुरा आदि शामिल हैं। ये जड़ी-बूटियां एक साथ मिलकर शारीरिक कमजोरी को दूर कर मजबूत बनाती हैं।

दशमूल के फायदे

अगर आपको माइग्रेन की समस्या है, तो दशमूल आपके लिए लाभकारी है। कई लोगों को उल्टी, मतली और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल लक्षणों के साथ माइग्रेन होता है। दशमूल इन सभी समस्याओं से छुटकारा दिलाता है। वहीं डिलीवरी के बाद आई कमजोरी को दूर करने के लिए यह रामबाण की तरह काम करता है। यह गर्भाशय के ऊतकों को भी पोषण देता है। इसके अलावा, दशमूल कब्‍ज और गैस से भी राहत दिलाती है।

दशमूल गठिया की समस्याओं से जूझ रहे मरीजों के लिए भी फायदेमंद है। इसमें एनाल्जेसिक प्रभाव होता है जो सूजन या दर्द से राहत दिलाता है। इसके अलावा, अगर आपको सांस लेने में तकलीफ होती है या बार-बार खांसी आती है, तो दशमूल उपयोगी है। यह बलगम निकालता है और अस्थमा, काली खांसी और सामान्‍य खांसी को कम करता है। वहीं वायरल बुखार के लिए भी फायदेमंद है। यह इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है, जिससे शरीर बीमारियों से लड़ सके।

अगर पेशाब रुक-रुक कर आता है, तो दशमूल का सेवन करने से यह समस्या दूर हो जाती है। इसके अलावा, त्वचा से जुड़ी समस्याओं से भी राहत दिलाता है। जो लोग जल्दी थक जाते हैं, जिन्हें चक्कर आता है या हाथ-पैरों में कंपन होता है, उनके लिए दशमूल फायदेमंद है। यह तनाव कम करता है, नींद को बेहतर करता है और दिमाग को शांत रखता है। यह डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, कैंसर जैसे मरीजों के लिए गुणकारी है।

दशमूल का उपयोग कैसे करना चाहिए

अब सवाल आता है, कि इसका उपयोग कैसे करें। आप दशमूल को काढ़े के रूप में ले सकते हैं, चूर्ण या टैबलेट के रूप में भी इसका सेवन कर सकते हैं। दशमूल को किसी भी प्रकार के माल्ट में मिलाया जा सकता है। हालांकि सबसे अच्छा माना जाता है कि इसे जौ के माल्ट में मिलाया जाए। जौ का माल्ट दशमूल के स्वाद को और बढ़ा देता है और इसे और अधिक प्रभावी बनाता है।

इनपुट : आईएएनएस

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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