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Powassan Virus: कोरोना के बाद अब इस बीमारी ने बढ़ाई दुनिया की चिंता! एक की मौत, जानिए क्या हैं लक्षण?

  • Edited by: प्रणव मिश्र
  • Updated May 30, 2023, 10:34 AM IST

Powassan Virus Disease in Hindi: कोरोना संकट के कारण पूरी दुनिया में सनसनी मच गई थी। कोरोना के कारण लाखों नागरिकों ने अपनी जान गंवाई। अंतत: यह निवारक टीका तैयार हुआ और विश्व कोरोना के प्रकोप को रोकने में सफल रहा। उसके बाद जब सारे लेन-देन शुरू हो गए तो अब नए वायरस ने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है।

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What Is Powassan Virus In Hindi : पॉवासन वायरस क्या है?

Photo : iStock

What is Powassan virus: कोरोना के बाद अब दुनिया को एक नई महामारी का सामना करना पड़ सकता है। कहा गया है कि यह महामारी कोरोना से भी ज्यादा खतरनाक है। कोरोना, जीका और मंकीपॉक्स के बाद दुनिया में एक और खतरनाक वायरस सामने आया है। इस वायरस का नाम पोवासन वायरस डिजीज है। इस संक्रमण से अमेरिका में एक शख्स की मौत हो गई है। अभी तक इस वायरस का कोई इलाज या टीका उपलब्ध नहीं है। पोवासन रोग दुर्लभ और गंभीर माना जाता है। इस वजह से विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने दुनिया भर के स्वास्थ्य विशेषज्ञों से सतर्क रहने का आग्रह किया है।

कोरोना, जीका और मंकीपॉक्स के बाद अब दुनिया में एक और खतरनाक वायरस सामने आया है। इस वायरस का नाम पोवासन है। इस संक्रमण से अमेरिका में एक शख्स की मौत हो गई है। अभी तक इस वायरस का कोई इलाज या टीका उपलब्ध नहीं है। इसलिए, पोवासन रोग को दुर्लभ और गंभीर माना जाता है।

अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल प्रिवेंशन ने इस बात की जानकारी दी है। यह वायरस (पोवासन वायरस) टिक जैसे छोटे कीड़ों से फैलता है। संयुक्त राज्य अमेरिका में हर साल लगभग 25 लोग वायरस से संक्रमित होते हैं। हालांकि अब सामने आया है कि इससे एक शख्स की मौत हो गई है। अमेरिका, कनाडा और रूस में भी इस वायरस के मरीज सामने आ चुके हैं।

टिक्स द्वारा फैल गया पोवासन वायरस - Powassan Virus Spread by Ticks

यह वायरस टिक्स (टिक-बोर्न वायरस) से फैलता है। ये परजीवी कीड़े दूसरे जानवरों या पक्षियों के खून पर रहते हैं। जंगली में संक्रमित टिक के काटने से मनुष्य वायरस से संक्रमित हो जाते हैं। साल 2015 से अब तक अमेरिका में इसकी वजह से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। हिरण की टिक, ग्राउंडहॉग टिक या गिलहरी की टिक के माध्यम से वायरस को मनुष्यों में प्रेषित किया जा सकता है।

पोवासन वायरस के लक्षण - Powassan Virus Symptoms

इस वायरस के संक्रमण (Powassan Virus Symptoms) के बाद बुखार, सिरदर्द, उल्टी, कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। ये लक्षण एक हफ्ते से एक महीने तक रहते हैं। कुछ मामलों में बोलने में दिक्कत होती है। यदि रोग एक गंभीर अवस्था में पहुंच जाता है तो दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं ।

पोवासन वायरस के इलाज - Powassan Virus Treatment

वर्तमान में इस बीमारी का कोई इलाज उपलब्ध नहीं है। एंटीबायोटिक्स लेने से लक्षण कम हो सकते हैं, लेकिन पूर्ण इलाज संभव नहीं है। इसलिए, एक उपाय यह है कि संक्रमण को रोकने का प्रयास किया जाए। इसके लिए टिक्स वाली जगहों पर लंबी बाजू के कपड़े पहनें और फुल पैंट का इस्तेमाल करें।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

प्रणव मिश्र
प्रणव मिश्रauthor

मीडिया में पिछले 5 वर्षों से कार्यरत हैं। इस दौरान इन्होंने मुख्य रूप से टीवी प्रोग्राम के लिए रिसर्च, रिपोर्टिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए काम किया है। इससे पहले जनसत्ता, लोकसभा टीवी/संसद टीवी, पेबेल मीडिया नेटवर्क, टाइम 8, डीडी न्यूज़ के लिए काम कर चुके हैं। इस समय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पेशल करेस्पोंडेंट के पद पर कार्यरत हैं।

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