Obesity Increase Risk Of Breast Cancer: अगर आपका वजन तेजी से बढ़ रहा है तो ये सिर्फ हार्ट या शुगर तक ही सीमित खतरा नहीं है। अब एक नई स्टडी में खुलासा हुआ है कि खासकर मेनोपॉज के बाद महिलाओं में मोटापा ब्रेस्ट कैंसर का खतरा भी बढ़ा सकता है। ये रिपोर्ट ‘कैंसर’ नाम के जर्नल में छपी है और इसमें साफ बताया गया है कि जिन महिलाओं का बॉडी मास इंडेक्स (BMI) ज्यादा होता है, उनमें ब्रेस्ट कैंसर की आशंका भी ज्यादा होती है। इतना ही नहीं, अगर किसी महिला को पहले से दिल की बीमारी है और उसका वजन बढ़ा हुआ है, तो रिस्क और भी बढ़ जाता है।
बढ़ता वजन बन सकता है ब्रेस्ट कैंसर की वजह
स्टडी के अनुसार, मेनोपॉज के बाद महिलाओं में अगर वजन ज़्यादा है, तो ब्रेस्ट कैंसर का खतरा पहले से कहीं ज्यादा हो सकता है। रिसर्च में पाया गया कि अधिक BMI वाली महिलाओं में कैंसर के केस ज़्यादा सामने आए। यानी अगर आप मेनोपॉज के बाद हैं और वजन कंट्रोल में नहीं है, तो सतर्क रहना जरूरी है।
डायबिटीज नहीं वजन से बढ़ता है खतरा
इस स्टडी में यह भी सामने आया कि टाइप-2 डायबिटीज का इस कैंसर रिस्क पर कोई खास असर नहीं पड़ता। यानी जिन महिलाओं को डायबिटीज नहीं भी है, लेकिन उनका वजन ज्यादा है, तो उनमें भी ब्रेस्ट कैंसर की आशंका समान रूप से बनी रहती है। मतलब, असली खतरा वजन से है, न कि सिर्फ डायबिटीज से।
दिल की बीमारी और मोटापा बढ़ाते हैं खतरा
शोध में ये भी बताया गया है कि अगर किसी महिला को पहले से हृदय रोग है और उसका वजन भी ज्यादा है, तो हर साल 1 लाख महिलाओं में करीब 153 नए ब्रेस्ट कैंसर के केस सामने आ सकते हैं। यानी ये दो बीमारियां मिलकर स्थिति को और बिगाड़ देती हैं।
स्टडी के आंकड़े क्या कहते हैं?
इस रिसर्च में 168,547 मेनोपॉज के बाद की महिलाओं का डेटा शामिल किया गया था। स्टडी की शुरुआत में इन महिलाओं को न तो हृदय रोग था और न ही डायबिटीज। लगभग 10 साल बाद पता चला कि इनमें से 6,793 महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर हो चुका था। ये आंकड़े साफ दिखाते हैं कि बढ़ते वजन को हल्के में नहीं लेना चाहिए।
मोटापा और भी कई तरह के कैंसर का कारण
पहले भी कई स्टडीज़ में ये बात सामने आ चुकी है कि मोटापा सिर्फ ब्रेस्ट कैंसर नहीं, बल्कि गर्भाशय, लिवर, किडनी और कोलोरेक्टल कैंसर जैसी 12 तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ाता है। यानी बढ़ता हुआ वजन सेहत के हर मोर्चे पर नुकसान पहुंचा सकता है।
अधिक वजन से बढ़ते हैं बड़े ट्यूमर और गंभीर स्टेज के केस
‘नेचर कम्युनिकेशंस’ में छपी एक और स्टडी में सामने आया कि जिन महिलाओं का वजन ज़्यादा होता है, उनमें कैंसर की पहचान अक्सर तब होती है जब वह बड़ी स्टेज तक पहुंच चुका होता है। ऐसे मामलों में इलाज कठिन और समय लेने वाला होता है।
Source : IANS
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
