देश में आने वाली महामारियों का सेंटर पॉइंट केरल बनता रहा है। जिसके अलग-अलग कारण हो सकते हैं। लेकिन केरल में एक बार फिर निपाह वायरस का खतरा काफी बढ़ता जा रहा है। ये एक खतरनाक वायरस है जो न सिर्फ तेजी से फैलता है, बल्कि जानलेवा भी साबित होता है। केरल के मलप्पुरम, पलक्कड़ और कोझिकोड जिलों में निपाह वायरस के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो केरल में लगभग 425 से ज्यादा लोगों को निगरानी में रखा गया है। इस खतरनाक वायरस की गंभीरता को देखते हुए हम आपको बताएंगे इस वायरस से संक्रमण के लक्षण और बचाव के उपाय...
क्या है निपाह वायरस?
निपाह एक जूनोटिक (जानवरों से इंसान में फैलने वाला) वायरस है। जिसके फैलने का मुख्य कारण चमगादड़ साबित होते हैं। ये वायरस चमगादड़ों से इंसानों में फैलता है। जिसके संक्रमण के बाद इंसानों में सांस लेने में दिक्कत, तेज बुखार और दिमागी सूजन जैसी गंभीर समस्याएं देखने को मिल सकती है। आइए जानते हैं इसके लक्षण और बचाव के टिप्स...
निपाह वायरस से संक्रमण के लक्षण
- बुखार और सिरदर्द
- सांस लेने में दिक्कत
- लगातार थकान और कमजोरी
- दिमाग में सूजन और मनोभ्रम
- अचानक चक्कर आना
- अचानक बेहोश होना
निपाह वायरस से बचाव के उपाय
- यदि किसी व्यक्ति में निपाह वायरस से संक्रमण के लक्षण दिख रहे हैं, तो उससे शारीरिक दूरी बनाएं। ऐसे मरीज की देखभाल करते समय फेस मास्क, ग्लव्स और सैनिटाइजर का प्रयोग करें।
- निपाह वायरस का संक्रमण चमगादड़ों से होता है। इसलिए पेड़ से गिरे हुए फलों को कभी न खाएं।
- घर से बाहर निकलते समय फेस को पूरी तरह कवर करके रखें और वापस आकर हाथ अच्छे से धो लें।
- निपाह से संबंधित किसी भी तरह का लक्षण दिखते ही बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करें।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
