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क्या आप भी हेल्दी समझकर खा रहे Fish Oil? नई स्टडी ने बताया दिल के लिए खतरे की घंटी, भारी पड़ सकती है ये 1 गलती

Fish Oil Supplements Linked To Increased Heart Disease: आजकल लोगों के बीच फिश ऑयल सप्लीमेंट्स का सेवन काफी बढ़ गया है, खासकर जिम जाने वाले लोग खूब इसका सेवन करते हैं। आमतौर पर लोग इन्हें हेल्दी समझकर लेते हैं। लेकिन अब नई स्टडी ने बताया है कि ये दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ा सकते हैं। जानिए रिसर्च में क्या कुछ पाया गया है...

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Fish Oil Supplements Linked To Increased Heart Disease

Fish Oil Supplements Linked To Increased Heart Disease: आजकल फिटनेस और हेल्दी लाइफस्टाइल की चाह में लोग तरह-तरह के सप्लीमेंट्स लेने लगे हैं। इन्हीं में से एक है फिश ऑयल (Fish Oil) सप्लीमेंट, जिसे अक्सर दिल और दिमाग के लिए फायदेमंद बताया जाता है। लोग मानते हैं कि ये दिल को मजबूत रखता है, कोलेस्ट्रॉल कम करता है और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर बनाता है। लेकिन हाल ही में आई एक इंटरनेशनल स्टडी ने इस धारणा को झटका दिया है। इस रिसर्च में सामने आया है कि लंबे समय तक फिश ऑयल सप्लीमेंट्स का सेवन करने से दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। यानी जिसे आप हेल्दी सोचकर खा रहे हैं, वही आपकी सेहत के लिए खतरे की घंटी साबित हो सकता है। आइए जानते हैं स्टडी की डिटेल और डॉक्टरों की राय।

फिश ऑयल सप्लीमेंट्स और दिल की बीमारी

ब्रिटेन में 4,00,000 से ज्यादा लोगों पर किए गए अध्ययन में चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। रिसर्च में पाया गया कि जो लोग फिश ऑयल सप्लीमेंट्स का नियमित सेवन कर रहे थे, उनमें एट्रियल फाइब्रिलेशन (दिल की धड़कन का अनियमित होना) और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।

क्यों माना जाता था फिश ऑयल हेल्दी?

ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर फिश ऑयल को दिल के लिए अच्छा बताया जाता रहा है। डॉक्टर और न्यूट्रिशनिस्ट अक्सर इसे ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने में मददगार मानते थे। इसी वजह से लोग इसे बिना सोचे-समझे डाइट में शामिल करने लगे।

रिसर्च ने तोड़ी धारणा

स्टडी के मुताबिक, शुरुआती उम्र में फिश ऑयल सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल हार्ट डिजीज से बचाव नहीं करता, बल्कि 60 साल से ऊपर के लोगों में हार्ट फेल्योर और स्ट्रोक का खतरा ज्यादा बढ़ाता है। इसका मतलब ये है कि लंबे समय तक इसे "सेफ" मानकर खाना एक बड़ी गलती हो सकती है।

एक्सपर्ट्स की चेतावनी

हार्वर्ड मेडिकल स्कूल और ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन के रिसर्चर्स ने कहा कि फिश ऑयल सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल सोच-समझकर करना चाहिए। हर किसी को ये दवा के तौर पर लेना जरूरी नहीं है। डॉक्टर से सलाह लिए बिना इसे लेना सेहत के लिए रिस्क साबित हो सकता है।

भारत में क्यों है फिश ऑयल का चलन

भारत में हेल्थ सप्लीमेंट्स का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। जिम जाने वाले, डायबिटीज या कोलेस्ट्रॉल की समस्या वाले लोग इसे "जादुई कैप्सूल" मानकर खरीदते हैं। लेकिन यह स्टडी बताती है कि बिना मेडिकल गाइडेंस Fish Oil लेना आपकी हेल्थ को फायदा देने के बजाय नुकसान पहुंचा सकता है।

निष्कर्ष

फिश ऑयल सप्लीमेंट्स को अब तक 'हार्ट फ्रेंडली' माना जाता था, लेकिन नई रिसर्च ने इस मिथक को तोड़ दिया है। यह साफ है कि हर सप्लीमेंट आपके लिए सही हो, ये जरूरी नहीं। अगर आप भी फिश ऑयल लेने का सोच रहे हैं तो पहले डॉक्टर से सलाह लें। हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए संतुलित आहार, व्यायाम और नियमित चेकअप ही सबसे सुरक्षित और असरदार तरीका है।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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