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कमजोर इम्यूनिटी और थकान? बच्चों में विटामिन D की कमी होने पर दिखते हैं ये संकेत, जानें कैसे कमी होगी दूर

Importance Of Vitamin-D : बच्चों में मौसमी थकान के पीछे विटामिन D की कमी से जुड़ी हो सकती है। सूरज की रोशनी से मिलने वाला विटामिन D इम्यूनिटी, हड्डियों की मजबूती और मानसिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। आज हम आपको विटामिन-डी की कमी का बच्चों की सेहत पर पड़ने वाला असर बताने जा रहे हैं।

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Child Health And Vitamin D

Importance Of Vitamin-D For Child Health : बच्चों की मानसिक और शारीरिक सेहत पर उनके आस-पास के माहौल का गहरा असर होता है। गर्म और खुशहाल वातावरण में रहने वाले बच्चे अधिक सेहतमंद होते हैं। बच्चों की सेहत में मौसमी थकान एक आम समस्या है, जो उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डालती है। जब बच्चे अंधेरे, ठंडे या गुमसुम माहौल में रहते हैं, तो यह न केवल उनके मूड को प्रभावित करता है, बल्कि उनकी इम्यूनिटी को भी कमजोर कर सकता है। इसके विपरीत, एक गर्म और खुशहाल वातावरण में रहने वाले बच्चे अधिक सकारात्मक और सक्रिय होते हैं। आइए जानते हैं बच्चों की सेहत पर विटामिन-डी की कमी का असर...

विटामिन-डी की कमी के लक्षण

सूरज की रोशनी विटामिन डी का प्रमुख स्रोत है, जिसे "सनशाइन विटामिन" कहा जाता है। यह विटामिन बच्चों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। विटामिन डी न केवल हड्डियों की मजबूती में मदद करता है, बल्कि यह इम्यून सिस्टम को भी मजबूत बनाता है। डाइटिशियन, डॉ. समीक्षा कालरा, ने बताया कि जब बच्चों को धूप की उचित मात्रा नहीं मिलती, तो विटामिन डी का स्तर गिर जाता है, जिससे थकान, बार-बार बीमार पड़ना, और कम मूड जैसी समस्याएँ उत्पन्न होती हैं।

क्या कहते हैं शोध के आंकड़े

हाल ही में फिनलैंड में हुए एक अध्ययन में यह पाया गया कि जो बच्चे अधिक मात्रा में विटामिन डी लेते हैं, उनमें मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा कम होता है। यह अध्ययन दर्शाता है कि विटामिन डी का सेवन बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डालता है। विटामिन डी का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह मूड को नियंत्रित करता है। यह न्यूरोट्रांसमीटर की गतिविधि को प्रभावित करता है, जो ध्यान और सतर्कता को बनाए रखने में मदद करते हैं। विटामिन डी की कमी से बच्चों में थकान और सुस्ती बढ़ सकती है, जिससे उनकी शारीरिक गतिविधियों में भी कमी आती है।

विटामिन-डी की पूर्ति के उपाय

बच्चों में विटामिन डी के स्तर को बनाए रखने के लिए कुछ सरल उपाय किए जा सकते हैं। जैसे कि, बच्चों को रोजाना बाहर खेलने के लिए प्रोत्साहित करना, विटामिन डी से भरपूर आहार जैसे फोर्टिफाइड दूध, अंडे, मशरूम, और मछली को अपने आहार में शामिल करना। इसके अलावा, अगर जरूरत हो, तो बच्चों को विटामिन डी के सप्लीमेंट्स लेने की सलाह दी जा सकती है।

बच्चों में विटामिन डी की कमी एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। कई अध्ययनों से पता चलता है कि भारत में बच्चों में विटामिन डी की कमी की दर 80% तक पहुंच गई है, जो उनके इम्यून सिस्टम को कमजोर बनाती है। इसलिए, यह जरूरी है कि हम बच्चों को पर्याप्त विटामिन डी प्रदान करने के लिए ठोस कदम उठाएँ।

इस प्रकार, विटामिन डी बच्चों की सेहत और इम्यूनिटी को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। एक स्वस्थ और सक्रिय जीवन के लिए विटामिन डी की सही मात्रा सुनिश्चित करना आवश्यक है।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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