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प्रेग्नेंसी में सूखे मेवे खाने से बच्चे को एलर्जी से मिल सकती है ढाल, नई रिसर्च का दावा

Eating Dry Fruits During Pregnancy​​ Benefits: हाल ही में प्रेग्नेंसी में ड्राई फ्रूट्स के सेवन को लेकर हुई एक नई रिसर्च में चौंकाने वाली बात सामने आई है। रिसर्च की मानें तो प्रेग्नेंसी में सूखे मेवे खाने से बच्चे में एलर्जी का खतरा कम हो सकता है। सिर्फ इतना ही नहीं ड्राई फ्रूट्स का सेवन उनके स्वास्थ्य के लिहाज से भी काफी फायदेमंद है। रिसर्च में क्या कुछ पाया गया है इस लेख में हम आपको इसके बारे में विस्तार से बता रहे हैं....

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Eating Dry Fruits During Pregnancy Benefits (फोटो: Istock)

Eating Dry Fruits During Pregnancy Benefits: प्रेग्नेंसी के दौरान एक महिला का आहार न केवल उसकी सेहत के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह उसके होने वाले बच्चे की दीर्घकालिक स्वास्थ्य पर भी प्रभाव डाल सकता है। हालिया शोध से पता चला है कि यदि गर्भवती महिलाएं सूखे मेवे, नट्स, सब्जियां और प्रोटीन से भरपूर चीजों का सेवन करती हैं, तो उनके बच्चों में जन्म के बाद पहले वर्ष में एलर्जी विकसित होने का जोखिम कम हो सकता है। यह अध्ययन यह दर्शाता है कि आहार न सिर्फ पोषण प्रदान करता है, बल्कि यह बच्चे की इम्यूनिटी के बेहतर विकास में भी सहायक होता है।

सूखे मेवों का महत्व

आपको बता दें कि सूखे मेवे, जैसे कि बादाम, अखरोट और किशमिश, पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इनमें विटामिन ई, मैग्नीशियम, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और ओमेगा-3 फैटी एसिड होते हैं। ये सभी तत्व सूजन को कम करने और भ्रूण की इम्यून सिस्टम के विकास में मदद करते हैं।

शोध का निष्कर्ष

यह अध्ययन ईरान में 244 माताओं पर किया गया था, जिसमें उन माताओं के आहार की तुलना की गई, जिनके बच्चों में एलर्जी विकसित हुई, और स्वस्थ नियंत्रण समूह की माताओं के आहार की। शोध में पाया गया कि जो माताएं नियमित रूप से सूखे मेवे, नट्स, सब्जियां और प्रोटीन का सेवन करती थीं, उनके बच्चों में एलर्जी का खतरा कम था।

संतुलित आहार का महत्व

विशेषज्ञों का मानना है कि गर्भावस्था के दौरान संतुलित आहार लेना बेहद महत्वपूर्ण है। केवल एलर्जेनिक खाद्य पदार्थों से बचना ही सही नहीं है; बल्कि, पौधों पर आधारित, पोषक तत्वों से भरपूर आहार अपनाना अधिक प्रभावी हो सकता है।

माताओं के लिए सलाह

हालांकि आनुवंशिक और पर्यावरणीय कारक भी एलर्जी के जोखिम को प्रभावित करते हैं, लेकिन माताएं अपने आहार के माध्यम से इस पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं। सूखे मेवों और नट्स का नियमित सेवन करने से बच्चों को स्वस्थ शुरुआत मिल सकती है।

निष्कर्ष

इस शोध से यह स्पष्ट होता है कि गर्भवती महिलाओं द्वारा किए गए सरल, रोजमर्रा के आहार संबंधी विकल्प उनके बच्चों की सेहत पर गहरा प्रभाव डाल सकते हैं। पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता देकर, माताएं अपने बच्चों को जन्म से ही मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली का उपहार दे सकती हैं। इसलिए, यदि आप गर्भवती हैं या गर्भधारण की योजना बना रही हैं, तो सूखे मेवों को अपने आहार में शामिल करना न भूलें। यह आपके और आपके बच्चे के लिए एक स्वस्थ और सुरक्षित विकल्प हो सकता है।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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