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रैनिटिडिन दवाओं की क्वालिटी को लेकर DCGI सख्त, सभी राज्यों को NDMA की जांच के निर्देश

DCGI's Instruction On Ranitidine Drug: भारत के औषधि महानियंत्रक (DCGI) ने सभी राज्यों को निर्देश दिया है कि रैनिटिडिन दवा में कैंसरजनक रसायन NDMA की नियमित जांच की जाए। यह कदम देशभर में स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है। कंपनियों को अपने API और फॉर्मुलेशन में NDMA की मात्रा तय मानक के अनुसार बनाए रखनी होगी। यदि तय सीमा से अधिक NDMA पाया गया, तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

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DCGI's Instruction On Ranitidine Drug

DCGI's Instruction On Ranitidine Drug: देशभर में स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर एक अहम कदम उठाते हुए, भारत के औषधि महानियंत्रक (DCGI) ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के औषधि नियंत्रकों को निर्देश जारी किए हैं। ये निर्देश एसिडिटी और गैस की आम दवा 'रैनिटिडिन' की गुणवत्ता जांच को लेकर हैं।

DCGI ने कहा है कि रैनिटिडिन बनाने वाली सभी दवा कंपनियां यह सुनिश्चित करें कि उनकी दवा में NDMA (N-Nitrosodimethylamine) की मात्रा नियंत्रित हो। यह एक संभावित कैंसर कारक (Cancer-causing) तत्व है, जिसकी उपस्थिति मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।

क्या है NDMA?

NDMA एक प्रकार का रसायन है जो यदि अधिक मात्रा में शरीर में चला जाए, तो लीवर को नुकसान पहुंचा सकता है और कैंसर का कारण भी बन सकता है। इसे अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं "संभावित कैंसरजनक पदार्थ" के रूप में चिह्नित कर चुकी हैं।

DCGI का आदेश

DCGI ने सभी राज्यों के ड्रग कंट्रोल विभागों को कहा है कि:

  • रैनिटिडिन बनाने वाली कंपनियों से NDMA की नियमित जांच करवाई जाए।
  • कंपनियों को अपने उत्पादों के Active Pharmaceutical Ingredients (API) और फाइनल फॉर्मुलेशन में NDMA का स्तर मापना होगा।
  • अगर NDMA का स्तर तय मानकों से अधिक पाया जाता है, तो ऐसे उत्पादों पर तुरंत कार्रवाई की जाए।

इससे पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रैनिटिडिन को लेकर चिंता जताई गई थी, जिसके बाद कुछ देशों ने इस दवा को बाजार से वापस भी मंगवाया था। भारत में भी 2019 के बाद से रैनिटिडिन को लेकर परीक्षण किए जाते रहे हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि यह कदम जन स्वास्थ्य की रक्षा के लिए उठाया गया है। दवाओं की गुणवत्ता में किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। लोगों को सुरक्षित और भरोसेमंद दवाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

अगर आप रैनिटिडिन या कोई एसिडिटी की दवा ले रहे हैं, तो डॉक्टर की सलाह लें और दवा का नाम, बैच नंबर व निर्माणकर्ता की जानकारी जरूर देखें।

bhawana gupta
भावना किशोर author

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मूल की भावना ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIMC से 2014 में पत्रकारिता की पढ़ाई की. 12 सालों से मीडिया में काम कर रही हैं. न्यू... और देखें

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