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सर्दियों में आपके हाथ-पैर भी रहते हैं ठंडे, कहीं ये गंभीर बीमारी का संकेत तो नहीं, 99% लोग समझते हैं नॉर्मल

Cold Feet And Hands In Winter Reason: सर्दियों में हाथ-पैर ठंडे रहना आम लगता है, लेकिन कई बार यही आदत गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकती है। खराब ब्लड सर्कुलेशन, हार्ट से जुड़ी परेशानी या दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं इसके पीछे वजह बन सकती हैं। जानिए किन हालात में इसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है और कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

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Cold Feet And Hands In Winter Reason In Hindi

Cold Feet And Hands In Winter Reason: सर्दियों का मौसम आते ही ज्यादातर लोग एक बात जरूर कहते हैं - मेरे तो हाथ-पैर बर्फ जैसे ठंडे रहते हैं। अक्सर हम इसे मौसम का असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि हर बार हाथ-पैर ठंडे रहना वाकई नॉर्मल है या फिर शरीर आपको किसी गंभीर परेशानी का संकेत दे रहा है? एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कुछ मामलों में यह दिल और ब्लड सर्कुलेशन से जुड़ी दिक्कतों की ओर इशारा कर सकता है।

सर्दियों में हाथ-पैर ठंडे क्यों रहते हैं?

ठंड के मौसम में शरीर सबसे पहले जरूरी अंगों जैसे दिल और दिमाग को गर्म रखने की कोशिश करता है। इसके लिए हाथ और पैरों तक जाने वाली ब्लड सप्लाई थोड़ी कम हो जाती है। इसी वजह से उंगलियां और पैर ठंडे महसूस होने लगते हैं। यह एक नेचुरल प्रोसेस है और ज्यादातर हेल्दी लोगों में ऐसा होना सामान्य माना जाता है।

खराब ब्लड सर्कुलेशन भी हो सकता है कारण

अगर हाथ-पैर लगातार ठंडे रहते हैं, वो भी बिना ज्यादा ठंड के, तो यह ब्लड सर्कुलेशन की समस्या हो सकती है। जब खून ठीक से हाथों और पैरों तक नहीं पहुंच पाता, तो वहां ठंडापन बना रहता है। यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहे तो शरीर के दूसरे हिस्सों पर भी असर डाल सकती है।

हार्ट से जुड़ी बीमारी का संकेत

डॉक्टर्स के मुताबिक, कई बार हाथ-पैर ठंडे रहना हार्ट से जुड़ी परेशानी का शुरुआती संकेत भी हो सकता है। कमजोर दिल या धमनियों में ब्लॉकेज की वजह से खून का फ्लो सही नहीं रहता। ऐसे में शरीर के अंतिम हिस्सों यानी हाथ और पैर सबसे पहले प्रभावित होते हैं।

एनीमिया और थायरॉइड की भूमिका

कम हीमोग्लोबिन यानी एनीमिया होने पर भी हाथ-पैर ठंडे रह सकते हैं। इसके अलावा थायरॉइड हार्मोन असंतुलन होने पर मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ जाता है, जिससे शरीर गर्मी पैदा नहीं कर पाता। इसकी वजह से हर वक्त ठंडे हाथ-पैर और थकान महसूस होती है।

कब न करें इसे नजरअंदाज?

अगर हाथ-पैर ठंडे रहने के साथ सुन्नपन, दर्द, रंग बदलना, जल्दी थक जाना या सांस फूलने जैसी दिक्कतें भी हों, तो इसे बिल्कुल हल्के में न लें। ऐसे लक्षण शरीर में चल रही किसी गंभीर समस्या की ओर इशारा कर सकते हैं।

डॉक्टर से सलाह लेना क्यों है जरूरी?

अगर यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है और रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रही है, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। समय पर की गई जांच दिल, ब्लड सर्कुलेशन या हार्मोन से जुड़ी बीमारी को शुरुआती स्टेज में पकड़ने में मदद कर सकती है।

ये बात बांध लें गांठ

सर्दियों में हाथ-पैर ठंडे होना हर बार नॉर्मल नहीं होता। कभी-कभी शरीर हमें चुपचाप चेतावनी दे रहा होता है, जिसे समझना और समय रहते एक्शन लेना बेहद जरूरी है।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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