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बॉलीवुड अभिनेता धर्मेंद्र को क्यों करानी पड़ी सर्जरी, जानें आंख की किस समस्या से जूझ रहे थे दिग्गज एक्टर

बॉलीवुड के जाने माने अभिनेता और ही-मैन के नाम से चर्चित धर्मेंद्र देओल हाल ही में अपनी आंखों पर बैंडेज लगाए नजर आए हैं। जिसकी जानकारी में उन्होंने बताया कि उनकी आंखें ग्राफ्ट हो गयी है, आइए जानते हैं Eye Grafting क्या होता है? इसके साथ ही जानिए क्यों करनी होती है आई ग्राफ्टिंग?

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Dharmendra eye surgery

बॉलीवुड के जाने माने और दिग्गज अभिनेता और ही-मैन के नाम से चर्चित धर्मेंद्र देओल हाल ही में अपनी आंखों पर बैंडेज लगाए नजर आए हैं। मीडिया के सामने आए धर्मेंद्र के नए रूप की चर्चा तेजी से लोगों के बीच होने लगी। आंख पर लगी पट्टी के कारण उनके फैंस काफी परेशान हो गए। जिसके बाद धर्मेंद्र ने अपनी आंख के बारे में जानकारी देते हुए मीडिया से बातचीत की। धर्मेंद्र ने कहा कि "अभी भी बहुत दम है, बहुत जान रखता हूं, मेरी आंख में ग्राफ्ट हुआ है। आप दर्शकों से प्यार करता हूं, मेरे दोस्तों, मेरे प्रशंसकों से प्यार करता हूं। मैं मजबूत हूं।" आइए जानते हैं क्या होता है Eye Grafting?

क्या होता है Eye Grafting?

Eye Grafting आंख के बहुत ही संवेदनशील भाग कॉर्निया के ट्रांसप्लांट से जुड़ा एक ऑपरेशन है। जिसमें आपके खराब हुए कॉर्नियो को बाहर निकालकर उसकी जगह हेल्दी कॉर्निया को ट्रांसप्लांट किया जाता है। इस ऑपरेशन में आपको हेल्दी डोनर कॉर्निया के टिश्यू की जरूरत होती है। इसे चिकित्सकीय भाषा में केराटोप्लास्टी या कॉर्नियल ग्राफ्ट के नाम से जाना जाता है।

क्यों होती है Eye Grafting?

आंखों के सबसे अहम और संवेदनशील पार्ट यानी कॉर्निया में समस्या आने पर Eye Grafting तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है? इस तकनीक के माध्यम से आपकी नजर में सुधार, आंखों में दर्द से राहत और इंफेक्शन जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है। इस तकनीक के द्वारा आपके डैमेज कॉर्निया को बदल लिया जाता है।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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