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आयुर्वेद में खास महत्व रखती है ये जड़ी-बूटी, सिर से पैर तक की समस्याओं की करती है छुट्टी, गंभीर बीमारियों का है रामबाण इलाज

Benefits Of Guggul Ke Fayde In Ayurveda In Hindi: आयुर्वेद में हर मर्ज का देसी उपचार छिपा है। आपको बता दें कि एक ऐसा खास बूटी भी है जो सिर से पैर तक की समस्याओं में राहत दिला सकती है। आयुर्वेद में इसे 'रामबाण' के रूप में माना गया है। अगर आप भी किसी शारीरिक समस्या से जूझ रहे हैं, तो इसका उपयोग करने से आपको बहुत फायगा मिलेगा। यहां जानें कौन सी है ये बूटी ..

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Benefits Of Guggul Ke Fayde In Ayurveda In Hindi

Benefits Of Guggul Ke Fayde In Ayurveda In Hindi: आयुर्वेद में ऐसी कई चमत्कारी जड़ी-बूटियां हैं जो सेहत के लिए वरदान मानी जाती हैं। इन्हीं में से एक है गुग्गुल। गुग्गुल को आयुर्वेद में 'रामबाण' माना गया है क्योंकि यह शरीर से जुड़ी कई समस्याओं का समाधान कर सकता है। प्राचीन आयुर्वेदिक ग्रंथ सुश्रुत संहिता में भी गुग्गुल का उल्लेख मिलता है: "गुग्गुलुः शूलवातघ्नो वातपित्तकफघ्नश्च। शोथघ्नो मेदोघ्नो च गुग्गुलुः सर्वकायका" अर्थात, गुग्गुल दर्द और वात को खत्म करने वाला, पित्त और कफ को संतुलित करने वाला तथा सूजन और मोटापे को कम करने वाला है। इसे 'सर्वगुण संपन्न' भी कहा गया है क्योंकि यह शरीर के लगभग हर हिस्से में फायदेमंद है।

क्या है गुग्गुल और कहां मिलता है?

गुग्गुल का वानस्पतिक नाम कॉमीफोरा विग्टी है। यह मुख्य रूप से भारत के शुष्क और सूखे इलाकों में पाया जाता है, जैसे कि राजस्थान और गुजरात। गुग्गुल एक छोटा कांटेदार वृक्ष होता है, जिससे गोंद जैसा पदार्थ निकलता है। इस गोंद में ही वो तमाम औषधीय गुण होते हैं, जो इसे खास बनाते हैं।

गुग्गुल के प्रमुख फायदे- Guggul Benefits In Hindi

1. वजन कम करने में मददगार

अगर आप मोटापे से परेशान हैं, तो गुग्गुल आपके लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है। इसमें मौजूद जेड-गुग्गुलस्टेरोन और ई-गुग्गुलस्टेरोन जैसे तत्व शरीर में वसा को कम करने में मदद करते हैं। 2015 में नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित एक शोध में पाया गया कि गुग्गुल धमनियों में वसा जमने से रोकने में कारगर है। इसके नियमित सेवन से वजन घटाने में मदद मिलती है।

2. जोड़ों और गठिया के दर्द में राहत

गठिया और जोड़ों के दर्द से परेशान लोगों के लिए गुग्गुल किसी वरदान से कम नहीं है। इसका इस्तेमाल पुराने समय से ही वात रोगों के उपचार में किया जाता रहा है। गुग्गुल के सेवन से सूजन कम होती है और दर्द में भी राहत मिलती है।

3. श्वसन तंत्र को रखे दुरुस्त

अगर आपको अक्सर खांसी या दमा की समस्या रहती है तो गुग्गुल का धुआं काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। इसके धुएं में ऐसे तत्व होते हैं जो फेफड़ों की सफाई में मदद करते हैं। यहां तक कि क्षय रोग (टीबी) जैसी गंभीर बीमारी में भी गुग्गुल का उपयोग लाभकारी माना गया है।

4. हृदय और कोलेस्ट्रॉल पर नियंत्रण

गुग्गुल न केवल वजन कम करने में सहायक है बल्कि हृदय रोगों से भी बचाव करता है। यह रक्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को नियंत्रित करता है और धमनियों में वसा जमने से रोकता है। इसके सेवन से रक्त प्रवाह में सुधार होता है और हृदय की सेहत भी बेहतर रहती है।

5. त्वचा और पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद

गुग्गुल में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाए रखते हैं। मुंहासे, फोड़े-फुंसियां और दाग-धब्बों को कम करने में यह असरदार है। इसके अलावा, गुग्गुल पाचन तंत्र को भी दुरुस्त रखता है। बदहजमी, खट्टी डकार और पेट से जुड़ी अन्य समस्याओं में इसका सेवन फायदेमंद होता है।

देती है कई अन्य फायदे

  • आंखों और कानों के रोग: आंखों की रोशनी बढ़ाने और कान की दुर्गंध को कम करने में सहायक।
  • खून की कमी (एनीमिया): रक्त शुद्धि में मददगार और हीमोग्लोबिन बढ़ाने में सहायक।
  • बवासीर और अल्सर: बवासीर के दर्द में राहत और पेट के अल्सर में सुधार।
  • नर्वस सिस्टम को संतुलित करे: तांत्रिकीय असंतुलन को ठीक करने में मदद करता है।

कैसे करें सेवन?

गुग्गुल का सेवन करने से पहले आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। आमतौर पर इसे चूर्ण, गोली या काढ़े के रूप में लिया जाता है। मात्रा और सेवन विधि व्यक्ति की शारीरिक स्थिति और बीमारी के अनुसार बदल सकती है।

With Inputs : IANS

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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