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बवासीर ने किया है जीना मुश्किल तो मान लें बाबा रामदेव की बात, बस रोज सुबह चबाकर खा लें ये हरे पत्ते

Piles Ka Gharelu Upchar In Hindi : बवासीर एक गंभीर बीमारी है, जिससे बहुत से लोग परेशान दिखाई देते हैं। हालांकि बवासीर की एक वजह कब्ज भी होती है, लेकिन इसके कई और भी कारण हो सकते हैं। आज हम आपको बाबा रामदेव का बताया बवासीर से निजात दिलाने वाला नुस्खा बताने जा रहे हैं।

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Piles Treatment At Home Hindi : पाइल्स, फिशर और फिस्टुला जैसी बीमारियां आपको परेशानी में डाल सकती हैं। इन बीमारियों से आज दुनिया के लगभग 25 फीसदी लोग पीड़ित हैं। दरअसल आपके पाचन तंत्र में आई खराबी के कारण आपको गुदा द्वार से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बबासीर का कारण कब्ज की समस्या हो सकती है। जिसमें गुदा मार्ग पर मस्से जैसे होने लगते हैं, जिनमें से खून बहना और दर्द की शिकायत हो सकती है। योगगुरु स्वामी रामदेव ने बबासीर से निजात पाने का एक कारगर नुस्खा बताया है। जिसे आप फॉलो कर सकते हैं।

बवासीर क्या है?

बवासीर से पीड़ित लोगों में मल त्याग के दौरान गुदा क्षेत्र में दर्द, ब्लीडिंग, खुजली, रेडनेस और सूजन जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। वहीं यदि आपने बवासीर का इलाज समय रहते न कराया तो ये फिशर और भगंदर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन जाती है। इसके इलाज के लिए डॉक्टर आपको सर्जरी कराने की सलाह देते हैं। लेकिन आज हम आपको बवासीर से निजात पाने के लिए बाबा रामदेव का बताया नुस्खा बताने जा रहे हैं।

बवासीर का देसी इलाज

बाबा रामदेव अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर अक्सर घरेलू नुस्खे शेयर करते रहते हैं। हाल ही में साझा किए एक वीडियो में बाबा रामदेव ने बताया कि बवासीर का इलाज करने के लिए नागदौन के पत्ते काफी कारगर होते हैं। स्वामी रामदेव की मानें तो बवासीर ठीक करने के लिए नागदौन के 3 पत्ते रोज सुबह चबाकर खाने चाहिए।

1 हफ्ते में पूरा आराम

बाबा रामदेव अपनी वीडियो में कह रहे हैं कि नागदौन के पत्ते का सेवन रोज सुबह खाली पेट करने से आपको बवासीर, फिशर और भगंदर जैसी बीमारी से 3-7 दिन में निजात मिल सकती है। वहीं यदि आपको क्रोनिक बवासीर है तो आप नागदौन के पत्तों के अलावा रात में त्रिफला चूर्ण आदि का सेवन भी कर सकते हैं।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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