हेल्थ

खांसी और गले की खराश से हैं परेशान, राहत देने में मरुआ है रामबाण, मुंह की बदबू भी करता है खत्म

Marua benefits In Hindi: मरुआ एक आयुर्वेदिक पौधा है जो खांसी, गले की खराश, कफ और पाचन संबंधी समस्याओं में राहत देता है। इसके पत्तों में मौजूद पोषक तत्व इम्युनिटी बढ़ाने में मदद करते हैं। मरुआ की चाय, काढ़ा और चटनी सर्दियों में स्वास्थ्य बनाए रखने का आसान घरेलू उपाय मानी जाती है।

Image

आयुर्वेदिक औषधी मरुआ के गजब फायदे

Marua benefits In Hindi: सर्दियों में खांसी, कफ, गले की खराश और पाचन से जुड़ी समस्याएं आम हो जाती हैं। ऐसे में आयुर्वेद में इस्तेमाल होने वाला मरुआ एक असरदार घरेलू उपाय माना जाता है। पोषक तत्वों से भरपूर मरुआ न सिर्फ इम्युनिटी मजबूत करता है, बल्कि सांस, पाचन और मुंह की सेहत से जुड़ी परेशानियों में भी राहत देता है। सही तरीके से सेवन करने पर यह शरीर को अंदर से स्वस्थ रखने में मदद करता है।

मरुआ क्यों माना जाता है खास आयुर्वेदिक पौधा

मरुआ एक ऐसा आयुर्वेदिक पौधा है, जिसके पत्तों में पोटैशियम, कैल्शियम, आयरन, फाइबर, प्रोटीन, मैग्नीशियम और विटामिन बी6 जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। यही वजह है कि आयुर्वेद में इसे शरीर को ताकत देने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला माना गया है।

सर्दी, खांसी और गले की खराश में कैसे देता है राहत

सर्दियों में सर्दी-जुकाम, खांसी और कफ की समस्या तेजी से बढ़ती है। मरुआ की पत्तियों से बनी चाय इन परेशानियों में आराम पहुंचा सकती है। अगर इसमें थोड़ी मुलेठी मिला दी जाए तो गले की खराश और सूखी खांसी में और ज्यादा फायदा मिलता है।

बच्चों के पेट के कीड़ों में भी असरदार

मरुआ बच्चों के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। इसकी पत्तियों से बनी हल्की चटनी पेट के कीड़ों को खत्म करने में मदद करती है। साथ ही यह बच्चों के पाचन तंत्र को मजबूत बनाकर अपच और पेट दर्द जैसी समस्याओं से राहत दिलाती है।

पाचन सुधारने और पेट हल्का रखने में मददगार

अगर अपच या भारीपन की समस्या रहती है तो मरुआ के पत्तों और अदरक की चटनी फायदेमंद हो सकती है। इसे भोजन के साथ खाने से पाचन बेहतर होता है और खाना आसानी से पचता है।

कफ, मुंह की बदबू और मसूड़ों के लिए लाभकारी

मरुआ का काढ़ा कफ रोगियों के लिए काफी उपयोगी माना जाता है। इससे गले और फेफड़ों में जमा बलगम बाहर निकलने में मदद मिलती है। वहीं, मरुआ के पत्तों को चबाने से मुंह की दुर्गंध कम होती है और मसूड़ों की कमजोरी में भी राहत मिलती है।

सेवन से पहले रखें ये सावधानी

मरुआ का सेवन शुरू करने से पहले आयुर्वेदिक विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है। सही मात्रा और तरीके से उपयोग करने पर यह सर्दियों में संपूर्ण स्वास्थ्य बनाए रखने में मदद करता है।

Inputs: IANS

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

और पढ़ें
End of Article