work from home side effects : कोरोना काल में घर से काम करना नींद पर पड़ रहा है भारी, सर्वे में हुआ खुलासा

हेल्थ
श्वेता सिंह
श्वेता सिंह | सीनियर असिस्टेंट प्रोड्यूसर
Updated Sep 06, 2020 | 09:42 IST

Corona ruining sleep : कोरोना काल में आपको नींद कैसी आ रही है? क्या कभी आपने अपनी इस अनिद्रा के बारे में सोचा?

work from home side effects
Effect of corona on sleep, नींद पर भारी वर्क फ्रॉम होम  |  तस्वीर साभार: Shutterstock

मुख्य बातें

  • अधिक स्क्रीन टाइम से नींद प्रभावित हो रही है।
  • खानपान का नींद पर गहरा असर पड़ा है।
  • फिजिकल एक्टिविटी न होने से नींद की गुणवत्ता खराब हुई है।

कोरोना काल में लोगों की दिनचर्या पूरी तरह से बदल गई है। इस बदलाव का असर निद्रा पर भी पड़ा है। लोगों को अब अनिद्रा की शिकायत हो रही है। घर से काम करने के चक्कर में पूरा समय कुछ यूं बिगड़ गया है कि इसका असर नींद पर भी पड़ा है। जब भी काम करने के बाद आप आंखें बंद करने की कोशिश करते हैं तो सामने कोरोना से जुड़ा भय, उसकी खबरें, अपनों की सुरक्षा जैसी तमाम बातें आपके दिमाग में घुमती हैं, जो आपको सोने से रोकती हैं।  

कैसे हुए सर्वे? 
जर्नल ऑफ ट्रांसलेशनल मेडिसिन में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन से पता चला है कि कोरोना महामारी के कारण हमारी जीवन शैली में बड़े पैमाने पर बदलाव ने हमारी नींद की गुणवत्ता को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित किया है। शोधकर्ताओं ने नींद की कार्यक्षमता में प्रतिकूल परिवर्तन देखा। अध्ययन 18 से 65 वर्ष की आयु के बीच 121 पुरुषों और महिलाओं पर किया गया था। उनकी नींद की आदतों की निगरानी एक बार पहले और फिर क्वारंटाइन के 40 दिन बाद की गई। डेटा एकत्र करने के बाद, पिट्सबर्ग स्लीप क्वालिटी इंडेक्स (पीएसक्यूआई) का उपयोग करके उनकी नींद की गुणवत्ता की जांच की गई और उनके बीएमआई को भी नोट किया गया। 

शोध में होने वाला खुलासा  
शोध में पाया गया कि सभी प्रतिभागियों ने PSQI स्कोर में वृद्धि का उल्लेख किया है, जो वास्तव में क्वारंटाइन के बाद नींद की गुणवत्ता को खराब कर देता है। नींद की गुणवत्ता और बॉडी मास इंडेक्स पर क्वारंटाइन का गहरा असर पड़ा. लोगों की अच्छी नींद खराब नींद में बदल गई। 

घर से काम करने वालों पर दिखा अधिक असर  
इस शोध में ये भी पाया गया कि जो लोग वर्क फ्रॉम होम यानी घर से ऑफिस का काम कर रहे हैं, उनकी नींद की गुणवत्ता और भी खराब रही है। शोधकर्ताओं का मानना है कि लंबे समय तक कंप्यूटर, लैपटॉप और मोबाइल पर काम करते रहने से लोगों की नींद की गुणवत्ता खराब हुई है।  

भोजन का चयन और शारीरिक स्थिरता का असर  
लॉकडाउन में घर से काम करते रहने से लोगों की दिनचर्या में बड़ा बदलाव आया है. लोग अब बाहर आना-जाना बंद कर दिए। इससे उनका शरीर बहुत अधिक सोफे, बेड आदि का आदती हो गया। शोधकर्ताओं की मानें तो इसका असर भी लोगों की नींद पर पड़ा है। इसके साथ ही खानपान का भी असर लोगों पर पड़ा है। लोगों का खानपान पूरी तरह से बदल गया है।  

 तो अगर आप भी अपनी नींद को कोस रहे हैं, तो असल में अपनी दिनचर्या में थोड़ा बदलाव करके इसे सही कर सकते हैं। अपने खानपान का सही ध्यान रखें और अनिद्रा की बीमारी से बचें।  
 

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