Covishield:ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका वैक्सीन की दो डोज 85-90 प्रतिशत तक प्रभावी,UK के डेटा में आया सामने

Covishield vaccine efficacy: पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड  द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, एस्ट्राजेनेका की कोविड-19 वैक्सीन की दो डोज कोरोना के लक्षण वाली बीमारी से 85 से 90 फीसदी तक सुरक्षा देती है

Oxford AstraZeneca vaccine
प्रतीकात्मक फोटो 

मुख्य बातें

  • ऑक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका टीके की दो खुराक लाक्षणिक रोग से 85 से 90 प्रतिशत सुरक्षा उपलब्ध कराती हैं
  • ऑक्सफोर्ड/एस्ट्रोजेनेका के कोविड रोधी टीके का उत्पादन सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा भी किया जा रहा है
  • भारत में महामारी की रोकथाम के लिए इस टीके का इस्तेमाल Covishield के रूप में हो रहा है।

नई दिल्ली: ब्रिटेन के स्वास्थ्य विभाग की कार्यकारी इकाई पब्लिक हेल्थ इंग्लैण्ड (PHE) ने अपने पहले 'निगरानी आंकड़ें' में पाया है कि कोविड-19 के लक्षणों को रोकने में ऑक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका टीके (AstraZeneca vaccine) की दो खुराक 85-90 प्रतिशत प्रभावी हैं। स्वास्थ्य इकाई ने टीके की क्षमता का पता लगाने के लिए 'प्रायोगिक आंकड़े' की जगह पहली बार 'निगरानी आंकड़े' का हवाला दिया है।

पीएचई ने कहा, 'पहली बार अपनाए गए नए आकलन से पता चला है कि ऑक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका टीके की दो खुराक लाक्षणिक रोग से 85 से 90 प्रतिशत सुरक्षा उपलब्ध कराती हैं।'ऑक्सफोर्ड/एस्ट्रोजेनेका के कोविड रोधी टीके का उत्पादन सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा भी किया जा रहा है और भारत में महामारी की रोकथाम के लिए इस टीके का इस्तेमाल 'कोविशील्ड' (Covishield) के रूप में हो रहा है।

ब्रिटेन के टीका मामलों के मंत्री नधीम जहावी ने कहा, 'यह नया आंकड़ा टीके की दोनों खुराकों के शानदार प्रभाव को रेखांकित करता है और ऑक्सफोर्ड/एस्ट्रोजेनेका टीके की दूसरी खुराक 90 प्रतिशत तक सुरक्षा उपलब्ध करा रही है।'गौर हो कि ब्रिटेन में लगभग एक तिहाई आबादी को वैक्सीन की दोनों डोज लगाई जा चुकी है और वहां वैक्सीन के दो डोज के बीच का समय 12 हफ्ते तक बढ़ाया गया है।

कोविशील्ड और कोवैक्सीन कोरोना वायरस के खिलाफ इम्यून रिस्पॉन्स बनाती हैं

वहीं कोविड वैक्सीन के प्रभाव पर इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च  भी अपनी राय दे चुका है उनके वैज्ञानिकों के अनुसार, भारत में बनी दोनों वैक्सीन कोविशील्ड और कोवैक्सीन कोरोना वायरस के खिलाफ इम्यून रिस्पॉन्स बनाती हैं, उन्होंने कोरोना से बचाव का एकमात्र हथियार वैक्सीन को ही माना है और इसे लगवाने  पर जोर दिया जा रहा है।

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