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दिल्ली-NCR की हवा फिर जहरीली, सांस लेना होगा मुश्किल! प्रदूषण पर कृषि विज्ञान का चौंकाने वाला खुलासा

Pollution In Delhi-NCR, Air is Toxic Again: हाल ही में कृषि विज्ञानियों ने दिल्ली-NCR में एक बार फिर हवा जहरीली होने को लेकर चिंता जताई है। बताया जा रहा है कि पराली जलने और बदलते मौसम के चलते AQI तेजी से बिगड़ रहा है। कृषि विज्ञानियों ने खुलासा किया है कि पराली प्रदूषण का बड़ा कारण है। जानें कैसे सांस लेना होगा मुश्किल और क्या है इसका हल।

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Pollution In Delhi-NCR

Pollution In Delhi-NCR, Air is Toxic Again: दिल्ली और NCR की हवा एक बार फिर सांस के दुश्मन बनने लगी है। मौसम बदलते ही प्रदूषण का स्तर तेजी से ऊपर जा रहा है और AQI खतरनाक जोन में पहुंचता नजर आ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि पराली जलाने का सीधा असर दिल्ली की हवा पर पड़ रहा है। कृषि विज्ञानियों ने इस पर बड़ा खुलासा किया है कि जब खेतों में धड़ाधड़ पराली जलाई जाती है, तो उसकी वजह से न सिर्फ स्मॉग छा जाता है, बल्कि प्रदूषण का स्तर भी कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे हालात में दिल्ली वालों के लिए खुले में सांस लेना बेहद मुश्किल हो जाएगा।

पराली जलाने से बिगड़ रहा NCR का AQI

कृषि विज्ञानियों का साफ कहना है कि दिल्ली-NCR की जहरीली हवा के पीछे पराली जलाना सबसे बड़ा कारण है। जब पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में धान की कटाई के बाद पराली जलाई जाती है, तो उसका धुआं सीधा NCR तक पहुंचता है। यही वजह है कि हर साल अक्टूबर-नवंबर में दिल्ली का AQI खतरनाक स्तर पर पहुंच जाता है।

प्रदूषण से सांस लेना होगा मुश्किल

दिल्ली और NCR में प्रदूषण का लेवल इतना तेजी से बढ़ रहा है कि लोगों को सांस लेने में दिक्कत आने लगी है। डॉक्टरों के मुताबिक, प्रदूषण की वजह से अस्थमा, खांसी, गले में खराश, आंखों में जलन जैसी समस्याएं ज्यादा बढ़ जाती हैं। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए ये जहरीली हवा बेहद खतरनाक साबित हो सकती है।

बदलते मौसम ने और बढ़ाई दिक्कत

अक्टूबर से सर्दियों की शुरुआत होते ही हवा का रुख धीमा पड़ जाता है। यही कारण है कि प्रदूषण के कण हवा में लंबे समय तक टिके रहते हैं और सांस के जरिए हमारे शरीर में चले जाते हैं। वैज्ञानिक मानते हैं कि मौसम और पराली जलाना, दोनों मिलकर दिल्ली की हवा को और ज्यादा जहरीला बना रहे हैं।

कृषि विज्ञानियों का बड़ा खुलासा

कृषि विशेषज्ञों ने कहा है कि पराली जलाने की समस्या को हल करने के लिए वैज्ञानिक विकल्प मौजूद हैं। किसान चाहें तो पराली को खाद या बायो-फ्यूल में बदल सकते हैं, लेकिन सही तरीके से इन तकनीकों का इस्तेमाल न होने की वजह से किसान पराली जलाने को मजबूर हो जाते हैं। इसका नतीजा सीधे-सीधे दिल्ली की हवा पर दिखता है।

दिल्ली वालों की सेहत पर खतरा

AIIMS और अन्य मेडिकल संस्थानों की रिपोर्ट बताती हैं कि हर साल दिल्ली-NCR में प्रदूषण से हजारों लोग बीमार पड़ते हैं। सांस की बीमारियां, दिल की समस्याएं और कमजोर इम्यूनिटी जैसी दिक्कतें प्रदूषण से और भी बढ़ जाती हैं। यह समस्या अब सिर्फ पर्यावरण की नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट बन चुकी है।

हो सकता है खतरनाक

दिल्ली-NCR की हवा हर साल की तरह इस बार भी जहरीली होती जा रही है। पराली जलाना, धीमी हवाएं और बदलता मौसम मिलकर हालात को और गंभीर बना रहे हैं। कृषि विज्ञानियों का मानना है कि अगर पराली प्रबंधन को गंभीरता से नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में दिल्लीवासियों के लिए सांस लेना और मुश्किल हो जाएगा। जरूरत है कि सरकार और किसान मिलकर वैज्ञानिक विकल्पों का इस्तेमाल करें, ताकि दिल्ली-NCR की हवा लोगों के लिए ज़हर नहीं, बल्कि राहत बन सके।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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