Addiction to mobile phones: गाजियाबाद के स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों में बढ़ती मोबाइल लत को लेकर एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अखिलेश मोहन द्वारा जारी इस सलाह में बताया गया है कि अत्यधिक मोबाइल उपयोग से बच्चों में व्यवहारिक समस्याएं, चिंता, तनाव और सामाजिक दूरी जैसी गंभीर समस्याएं सामने आ रही हैं।
स्वास्थ्य पर बुरा असर
एडवाइजरी में बताया गया है कि मोबाइल का अत्यधिक प्रयोग आंखों में तनाव, मोटापा, सिरदर्द, गर्दन और पीठ दर्द जैसी शारीरिक समस्याओं को जन्म देता है। इसके अलावा, यह बच्चों के खाने-पीने और सोने के पैटर्न को भी बाधित करता है, जिससे उनका संपूर्ण स्वास्थ्य प्रभावित होता है।
भावनात्मक और सामाजिक प्रभाव
मोबाइल की लत के चलते बच्चे जिम्मेदारियों से दूर भागने लगते हैं, सामाजिक मेल-जोल से कतराने लगते हैं, और अवसाद व चिंता जैसे लक्षण दिखाते हैं। साथ ही, वे अन्य कार्यों में भी रुचि नहीं लेते।
बचाव के उपाय
डॉ. मोहन ने सलाह दी कि माता-पिता को चाहिए कि वे बच्चों का स्क्रीन टाइम धीरे-धीरे कम करें, उन्हें बाहरी गतिविधियों और सामाजिक खेलों में शामिल करें। साथ ही, खुद भी मोबाइल का जिम्मेदार उपयोग करें और बच्चों के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताएं।
खतरनाक व्यवहार में वृद्धि
स्वास्थ्य विभाग ने यह भी चेताया कि मोबाइल लत से बच्चे खतरनाक आदतों की ओर बढ़ सकते हैं, जैसे चलते समय मैसेज चेक करना, सड़क पर ध्यान न देना, स्कूल में प्रदर्शन गिरना, साइबर अपराध में संलिप्त होना और नशे की ओर झुकाव बढ़ना। चिंताजनक रूप से, आत्महत्या की प्रवृत्ति में भी वृद्धि देखी गई है।
मदद के लिए हेल्पलाइन
अगर कोई अभिभावक अपने बच्चे के व्यवहार में बदलाव महसूस करे, तो वे 'टेली-मानस हेल्पलाइन' 14416 पर कॉल करके मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सलाह और परामर्श प्राप्त कर सकते हैं।
