Is India Behind Pakistan Target Killing: वह आता है, मारता है और चला जाता है...वो फिर आता है, फिर मारता है और फिर चला जाता है। ये कहानी फिल्मों जैसी लग रही होगी, लेकिन पाकिस्तान में छिपे भारत के दुश्मनों की हत्या के पीछे सेम यही पैटर्न फॉलो हो रहा है। रविवार को लाहौर में अंडरवर्ल्ड डॉन और आतंकी आमिर सरफराज की गोली मारकर हत्या कर दी गई। आमिर लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद का करीबी था और इसने ने ISI के इशारे पर जेल में बंद भारतीय नागरिक सरबजीत की हत्या कर दी थी। रविवार को जब आमिर सरफराज अपने घर पर था तो बाइक से अज्ञात हमलावर उसके घर आए और गोली मारकर फरार हो गए।
यह पहला मौका नहीं है जब पाकिस्तान में भारत के मोस्ट वांटेड आतंकी की इस तरह की हत्या की गई हो। बीते तीन सालों में करीब 21 आतंकियों का सफाया इसी तरह हुआ है। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि रहस्यमय तरीके से हुई इन हत्याओं के पीछे किसी 'अज्ञात हमलावर' का नाम आता है। मारे गए सभी आतंकी लश्कर-ए-तैयबा (LeT), हिजबुल मुजाहिदीन, जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और प्रतिबंधित खालिस्तान टाइगर फोर्स जैसे आतंकी संगठनों से जुड़े थे।
सामने आया पाकिस्तान का सफेद झूठ
पाकिस्तान में बीते तीन साल में हुई आतंकी हत्याओं से भी निकलकर सामने आ गया है। दअरसल,पाकिस्तान अपनी धरती पर आतंकवादियों को पनाह देने की बात से इनकार करता रहा है। हालांकि, इन व्यक्तियों की हत्या ने इस्लामाबाद के झूठ को उजागर किया। इन व्यक्तियों में से कई भारत में आतंकवादी हमलों में शामिल थे।
हर मामले में एक ही पैटर्न
पिछले साल नवंबर में पाकिस्तान में लश्कर और जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकवादियों को मार गिराया गया था। सुरक्षा अधिकारियों की रिपोर्ट में हर हत्या के पीछे एक ही पैटर्न दिखाई देता है कि मोटरसाइकिलों पर सवार अज्ञात हथियारबंद लोगों ने भारत में आतंक फैलाने के आरोपी आतंकवादियों की एक के बाद एक हत्याएं कीं। पाकिस्तान आरोप लगाता है कि इसके पीछे भारत के 'सीक्रेट एजेंट' हैं, हालांकि भारत इन दावों का खंडन करता रहा है।
कब-कहां और कौनसा आतंकी मारा गया...
ख्वाजा शाहिद उर्फ मियां मुजाहिद: 5 नवंबर, 2023 को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पास उसका सिर कलम कर दिया गया था। वह लश्कर-ए-तैयबा का आतंकवादी था और सुंजुवान में भारतीय सेना शिविर पर 2018 के आतंकी हमले के मास्टरमाइंड में से एक था। उसने सात लोगों की जान ले ली थी।
अकरम खान उर्फ अकरम गाजी: 9 नवंबर, 2023 को खैबर पख्तूनख्वा के बाजौर जिले में लश्कर आतंकवादी अकरम खान उर्फ अकरम गाजी की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
रहीम उल्लाह तारिक: मौलाना मसूद अजहर के करीबी सहयोगी जेईएम आतंकवादी रहीम उल्लाह तारिक की 13 नवंबर, 2023 को अज्ञात लोगों ने कराची में गोली मारकर हत्या कर दी थी।
जहूर मिस्त्री: 1 मार्च, 2022 को आतंकवादी जहूर मिस्त्री को कराची की अख्तर कॉलोनी में दो बाइक सवार हमलावरों ने मार डाला था। 1999 में अफगानिस्तान के कंधार में भारतीय विमान आईसी-814 के अपहरण में आतंकवादी जहूर मिस्त्री शामिल था। 1999 में जब आईसी-814 का अपहरण किया गया था, उस समय भारत सरकार द्वारा रिहा किए गए तीन आतंकवादियों में से एक अजहर भी था। कहा जाता है कि गोली लगने से पहले मिस्त्री कई वर्षों तक जाहिद अखुंद के रूप में गलत पहचान बनाकर रह रहा था।
शाहिद लतीफ: भारत के एक अन्य मोस्ट वांटेड आतंकवादी शाहिद लतीफ की अक्टूबर 2023 में पाकिस्तान के सियालकोट में अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। लतीफ 2016 के पठानकोट आतंकी हमले में एक प्रमुख साजिशकर्ता था। इस हमले में सात सुरक्षाकर्मी मारे गए थे। लतीफ की हत्या एक मस्जिद के अंदर की गई थी। उसकी हत्या करने के बाद बंदूकधारी मोटरसाइकिल पर सवार होकर मौके से भाग गए।
मुफ्ती कैसर फारुख: मुफ्ती कैसर फारुख की कराची में अज्ञात लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। अक्टूबर 2023 में कराची के समानाबाद इलाके में एक धार्मिक संस्थान के पास उसे गोली मार दी गई थी। फारूक लश्कर-ए-तैयबा का सदस्य था और उसके प्रमुख और 26/11 के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का सहयोगी था।
जियाउर रहमान: सितंबर 2023 में जियाउर रहमान, जो लश्कर-ए-तैयबा का सदस्य था कराची में मारा गया। दो मोटरसाइकिलों पर सवार अज्ञात बंदूकधारियों ने उसे निशाना बनाकर कई गोलियां चलाईं। रहमान जब एक शाम सैर पर था, उसी समय उसे गोली मार दी गई।
परमजीत सिंह पंजवार: खालिस्तान कमांडो फोर्स के चीफ परमजीत सिंह पंजवार की हत्या भी इसी तरह हुई। भारत को आतंकवाद के मामले में पंजवार की भी तलाश थी। पंजवार की मई 2023 में उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई, जब वह लाहौर में अपने आवास के पास सुबह की सैर के लिए निकला था।
बशीर अहमद पीर उर्फ इम्तियाज आलम: भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादियों में से एक हिजबुल कमांडर बशीर अहमद पीर उर्फ इम्तियाज आलम को 20 फरवरी, 2023 को रावलपिंडी में एक दुकान के बाहर अज्ञात बंदूकधारियों ने मार डाला। पीर की हत्या के दो हफ्ते बाद एनआईए ने जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में उसकी संपत्ति कुर्क कर ली थी। जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों को भेजने और घुसपैठ के लिए रसद का इंतजाम करने वाले पीर को पिछले साल अक्टूबर में सरकार द्वारा आतंकवादी के रूप में नामित किया गया था। वह पाकिस्तान में हिजबुल का लॉन्चिंग चीफ था।
सलीम रहमानी: सलीम रहमानी एक अन्य आतंकवादी था, जिसे जनवरी 2022 में अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मार दी थी। भारत को भी उसकी आतंकवादी के रूप में तलाश थी।
रियाज अहमद उर्फ अबू कासिम: सितंबर 2023 में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के रावलकोट में अल-कुदुस मस्जिद के अंदर लश्कर-ए-तैयबा के एक शीर्ष आतंकवादी कमांडर रियाज अहमद उर्फ अबू कासिम की अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। वह कोटली से इबादत करने आया था, तभी उसके सिर में नजदीक से गोली मार दी गई। वह 1 जनवरी, 2023 को ढांगरी आतंकी हमले के पीछे मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक था।
मुल्ला सरदार हुसैन अरैन: जमात-उद-दावा के मुल्ला सरदार हुसैन अरैन की अगस्त 2023 में सिंध के नवाब शाह जिले में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
