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कितनी होती है बुलेट प्रूफ जैकेट की कीमत, कैसे यह बंदूक की गोलियों को भी झेल लेती है?

बुलेट प्रूफ जैकेट को आपने अक्सर फिल्मों में देखा होगा। इसके अलावा अपने आसपास सुरक्षाकर्मियों को भी ऐसी जैकेट पहने हुए देखा ही होगा। आप ये भी जानते हैं कि इनका इस्तेमाल क्यों किया जाता है।

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बुलेटप्रूफ जैकेट की कीमत

Cost Of Bullet Proof Jacket: रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने उच्च खतरे से सुरक्षा के लिए देश में सबसे हल्की बुलेटप्रूफ जैकेट विकसित की है। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह जैकेट एक नए डिजाइन दृष्टिकोण पर आधारित है, जहां नई प्रक्रियाओं के साथ आधुनिक निर्माण सामग्री का उपयोग किया गया है। इसमें कहा गया कि हाल में इस जैकेट का चंडीगढ़ स्थित टर्मिनल बैलिस्टिक रिसर्च लेब्रोटरी (टीबीआरएल) में सफल परीक्षण किया गया। इसी के साथ चर्चा छिड़ गई है कि एक बुलेटप्रूफ जैकेट की कीमत कितनी होती है और यह किस तरह गोलियों की बौछार झेल लेता है।

बुलेट प्रूफ जैकेट का क्यों इस्तेमाल

बुलेट प्रूफ जैकेट को आपने अक्सर फिल्मों में देखा होगा। इसके अलावा अपने आसपास सुरक्षाकर्मियों को भी ऐसी जैकेट पहने हुए देखा ही होगा। आप ये भी जानते हैं कि इनका इस्तेमाल क्यों किया जाता है। लेकिन शायद आपको इसकी कीमत के बारे में नहीं पता होगा और न ही ये पता होगा कि किस तकनीक के कारण ये गोलियों को भी झेल लेते हैं जिससे सुरक्षाकर्मियों की जान बच जाती है। अगर आप एक बुलेट प्रूफ जैकेट खरीदना चाहते हैं तो आपको कितनी कीमत देनी होगी, जानते हैं।

बुलेट प्रूफ जैकेट का काम

बुलेटप्रूफ जैकेट किसी हथियार से चलाई गई गोलियों से बचने के लिए तैयार की जाती है। खास तौर पर ये जैकेट पुलिस, सैनिकों और कमांडो को दी जाती है। इसके अलावा दुश्मनों की गोली से बचने के लिए देश के बड़े-बड़े लोग भी बुलेटप्रूफ जैकेट का इस्तेमाल करते हैं। देश के खास लोगों की सुरक्षा में लगे सुरक्षाकर्मी अक्सर बुलेटप्रूफ जैकेट में नजर आते हैं।

कितनी होती है कीमत?

आमतौर पर बुलेट प्रूफ जैकेट की कीमत 40 हजार से शुरू होती है और क्वालिटी के अनुसार कीमत 2 लाख रुपये तक पहुंच जाती है। कुछ वर्षों में मार्केट में उच्च तकनीक वाली जैकेट भी आ गई है जो काफी हल्की होती हैं। एक दशक पहले तक ये जैकेट भारी-भरकम होती थी। अगर किसी बुलेट प्रूफ जैकेट पहने व्यक्ति को गोली लग जाए तो उसे एक तेज धक्के जैसा अहसास होता है। जिन्हें अपनी जान का खतरा होता है या जो किसी की सुरक्षा में तैनात होते हैं, वे ऐसी जैकेट का इस्तेमाल करते हैं।

कैसे झेलती है गोलियां?

दरअसल, जब सामने से चलाई गई गोली बुलेट जैकेट से टकराती है तब उसकी स्पीड कम हो जाती है। गोली का नुकीला हिस्सा जैकेट से टकराकर टूट जाता है। इससे गोलियों के इस जैकेट को भेदने की ताकत कम हो जाती है और वो शरीर तक नहीं पहुंच पाती है। जब गोली जैकेट की पहली लेयर से टकराकर टूटती है तो उससे निकलने वाली ऊर्जा को बैलिस्टिक प्लेट की दूसरी लेयर्स सोख लेती हैं। यही वजह है कि बुलेट प्रूफ जैकेट पहने शख्स को किसी तरह का नुकसान नहीं होता है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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