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'एपस्टीन फाइल्स में ट्रंप का नाम', एलन मस्क के दावे ने मचाई खलबली, POTUS के अलावा इन दिग्गजों के भी नाम

अपने X अकाउंट पर मस्क ने दावा किया कि एपस्टीन फाइल्स में अमेरिकी राष्ट्रपति का नाम है। अपने इस पोस्ट में मस्क ने कहा कि 'यह बड़ा धमाका करने का समय है। एपस्टीन फाइल्स में डोनाल्ड ट्रंप का नाम है और यही वजह है कि इन फाइल्स को सार्वजनिक नहीं किया गया है। डीजेटी आपका दिन शुभ हो।' मस्क यही नहीं रुके। इस ट्वीट के कुछ मिनट बाद उन्होंने एक दूसरा ट्वीट किया।

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ट्रप और मस्क के बीच आरोप-प्रत्यारोप निजी स्तर तक पहुंच गए हैं।

What is Epstein files : दुनिया के दो सबसे ताकतवर व्यक्ति आपस में टकरा रहे हैं। एक हैं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तो दूसरे हैं विश्व के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क। दोनों की दोस्ती में दरार पड़ चुकी है। टकराव बढ़ने पर मस्क ने ट्रंप प्रशासन से दूरी बनाते हुए DOGE से अलग हो गए लेकिन इसके बाद भी दोनों दिग्गजों के बीच कड़वाहट कम नहीं हुई। मस्क ने अपने बयानों से ट्रंप पर हमला जारी रखा। टेस्ला के मालिक अमेरिकी राष्ट्रपति पर तीखे हमले कर रहे हैं। इसे देखते हुए ट्रंप भी शांत नहीं हैं। उन्होंने ने भी मस्क के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

निजी स्तर तक पहुंचा विवाद

नीतियों के विरोध पर शुरू हुआ विरोध अब निजी स्तर तक पहुंच गया है। दोनों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और हमले सार्वजनिक हो चुके हैं। टकराव की यह लड़ाई दिनोंदिन तीव्र होती जा रही है। इस लड़ाई का असर मस्क के कारोबार पर होना शुरू हो गया है। टेस्ला के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। यह लड़ाई जिस तरह से मोड़ ले रही है और ट्रंप एवं मस्क का जिस तरह का जुझारू व्यक्तिगत है उसे देखने से इस बात की उम्मीद है कि यह हंगामा जल्द थमेगा। नीतियों और टैक्स बिल को लेकर दोनों में वार-पलटवार तो चल ही रहा था कि इसी बीच मस्क ने एपस्टीन फाइल्स का मुद्दा उठाकर एक नया विवाद पैदा कर दिया। बात बढ़कर ट्रंप के खिलाफ महाभियोग लाने की मांग तक पहुंच गई है।

मस्क ने किया सनसनीखेज खुलासा

अपने X अकाउंट पर मस्क ने दावा किया कि एपस्टीन फाइल्स में अमेरिकी राष्ट्रपति का नाम है। अपने इस पोस्ट में मस्क ने कहा कि 'यह बड़ा धमाका करने का समय है। एपस्टीन फाइल्स में डोनाल्ड ट्रंप का नाम है और यही वजह है कि इन फाइल्स् को सार्वजनिक नहीं किया गया है। डीजेटी आपका दिन शुभ हो।' मस्क यही नहीं रुके। इस ट्वीट के कुछ मिनट बाद उन्होंने एक दूसरा ट्वीट किया और इस ट्वीट में कहा कि मेरा यह दावा सही निकलेगा, इसलिए मेरी इस बात को नोट करके रख लें। यही नहीं ट्रंप के खिलाफ महाभियोग लाने के प्रस्ताव से भी वह सहमति हैं। वह उनकी जगह जेडी वेंस को देखना चाहते हैं।

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क्या है एपस्टीन फाइल्स्स?

दरअसल, साल 2019 में सेक्स ट्रैफिकिंग नेटवर्क चलाने के आरोप में जेफरी एपस्टीन की गिरफ्तारी हुई। जेफरी पर इंटरनेशनल नेटवर्क के जरिए किशोर लड़कियों का उत्पीड़न करने का आरोप था। मैनहटन जेल में उन्होंने आत्महत्या कर ली। माना जाता है कि उनकी मौत रहस्यमय परिस्थितियों में हुई। उनकी मौत पर कई तरह की साजिश की बात कही जाती है। कहा जाता है कि 'एपस्टीन फाइल्स' में जेफरी के साथ उनके प्राइवेट जेट में यात्रा करने वाले, संपर्क में रहने वाले और गवाहों के नाम हैं। इस फाइल्स में कोर्ट दिए गए गवाहों के बयान होने की भी बात कही जाती है। एपस्टीन फाइल्स के कुछ हिस्से 2019, 2024 और 2025 में सार्वजनिक हुए। इनमें कथित रूप से अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपतियों, बड़े परिवारों और हॉलीवुड की हस्तियों सहित कई नामी गिरामी शख्सियतों के नाम हैं। हालांकि, एपस्टीन फाइल्स में नाम होना यह साबित नहीं करता है कि उस व्यक्ति ने कोई गलत काम किया है क्योंकि इनमें से कई लोगों का एपस्टीन के साथ संपर्क कारोबार को लेकर हुआ होगा।

'लोलिता एक्सप्रेस में ट्रंप ने करीब 7 बार उड़ान भरी'

रिपोर्टों के मुताबिक दस्तावेजों में डोनाल्ड ट्रंप का नाम कई बार आया है। एपस्टीन के फ्लाइट्स रिकॉर्डस इस बात की पुष्टि करते हैं कि उन्होंने एपस्टीन के प्राइवेट जेट जिसका नाम 'लोलिता एक्सप्रेस' था, उसमें ट्रंप ने उड़ान भरी। उड़ान का यह किस्सा एक बार का नहीं बल्कि 1993 से लेकर 1997 के बीच कम से कम सात बार का है। एपस्टीन के इस प्राइवेज जेट की उड़ान ज्यादातर न्यूयॉर्क से पाम बीच के बीच हुई। कुछ यात्राओं के दौरान ट्रंप की तत्कालीन पत्नी मार्ला मैपल्स और उनकी बेटी टिफैनी भी थीं। ट्रंप ने हालांकि, एपस्टीन के प्राइवेट आइलैंड पर जाने और उनके प्लेन में सवार होने के दावों से इंकार करते आए हैं। ट्रंप का कहना है कि साल 2004 में उन्होंने एपस्टीन के साथ अपना रिश्ता खत्म कर लिया।

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लिस्ट में इन शख्सियतों के नाम होने का दावा

अमेरिकी न्याय विभाग के दस्तावेज के मुताबिक एपस्टीन के कंटैक्ट लिस्ट में डोनाल्ड ट्रंप, माइकल जैक्सन, एलेक बाल्डविन, हार्वी वेनस्टीन, मिक जैगर, एंड्रिउ कुआमो, नाओमी कैंपबेल, जॉन केरी नाओमी कैंपबेल, दिवंगत सीनेटर टेड केनेडी, बिल क्लिंटन, प्रिंस एंड्रिउ, केविन स्पैसी, एलन डर्सहोवित्ज के नाम हैं।

मस्क के दावे के बाद ट्रंप पर हमलावर डेमोक्रेट्स

मस्क के इस विस्फोटक दावे के बाद डेमोक्रेट टंप पर हमलावर हो गए हैं। डेमोक्रेट्स एपस्टीन की सभी फाइल्सें सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं। डेमोक्रेट कांग्रेसमैन डैन गोल्डमैन ने कहा है कि 'एक महीने पहले मैंने सभी एपस्टीन फाइल्स सार्वजनिक करने की मांग की थी क्योंकि मुझे संदेह है कि ट्रंप को बचाने के लिए अटार्नी जनरल पाम बोंडी फाइल्सें छिपा रहे हैं।' कैलिफोर्निया के डेमोक्रेट नेता टेड लिउ ने कहा कि वह न्याय विभाग से सभी एपस्टीन फाइल्सें जारी करने का अनुरोध करते हैं। उन्होंने पूछा कि ट्रंप प्रशासन क्या छिपाने की कोशिश कर रहा है? वहीं, रिपब्लिकन नेशनल कमेटी के पूर्व प्रवक्ता और ट्रंप के मुखर आलोचक टिम मिलर ने कहा कि 'अमेरिकी लोगों को यह जानने का अधिकार है कि क्या हमारा राष्ट्रपति एक पीडियोफाइल्स है।'

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मस्क के आरोपों पर व्हाइट हाउस ने दी सफाई

मस्क के इस सनसनीखेज दावे पर व्हाइट हाउस ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। व्हाइट हाउस की प्रेस सेकेटरी कैरोलिन लेविट ने ट्रप के दावे को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। सीएएन के साथ बातचीत में लेविट ने कहा कि 'एलन की तरफ से शुरू किया गया यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटनाक्रम है। वह 'वन बिग ब्यूटीफुल बिल' से खुश नहीं हैं। वह इसलिए खुश नहीं हैं क्योंकि जिस तरह की नीतियां वह चाहते थे, उस तरह की नीतियों को बिल में शामिल नहीं किया गया है।' कुल मिलाकर मस्क ने एपस्टीन फाइल्स का 'जिन्न' एक बार फिर सामने ला दिया है। अमेरिकी लोगों में इसे लेकर चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है। हालांकि, मस्क के इस दावे की टाइमिंग पर भी सवाल किए जा रहे हैं। सवाल है कि मस्क इस बारे में अब तक चुप क्यों थे? अगर उनके पास कोई सबूत है तो उसे सामने रखना चाहिए।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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