एक्सप्लेनर्स

समझिए चीनियों के लिए कैसे कब्रगाह बनते जा रहा पाकिस्तान, जनता तो जनता अब नेता भी दिखाने लगे आंख

  • Compiled by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Apr 7, 2024, 10:59 PM IST

Anti China Terror Attack in Pakistan: पाकिस्तान में चीनी नागरिकों पर हमले की ज्यादातर समय जिम्मेदारी बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) लेते रहा है। कुछ हमलों में टीटीपी के हाथ होने की भी बात कही जाती रही है।

Image

चीनी नागरिक को पाकिस्तान में बनाय जा रहा है निशाना

Anti China Terror Attack in Pakistan: चीन और पाकिस्तान दुनिया को एक पक्के दोस्त के तौर पर दिखाते रहे हैं, लेकिन सच्चाई इससे उलट दिख रही है। पाकिस्तान के अंदर चीन की पैठ को आम पाकिस्तानी नापसंद करते दिख रहे हैं। यही कारण है कि चीनी नागरिकों पर पाकिस्तान में कई हमले हो चुके हैं, जिसमें अब तक कई चीनी नागरिकों की मौत हो चुकी है, हाल ये है कि अब चीनी नागरिक पाकिस्तान से भागने की तैयारी करने लगे हैं। पहले तो जनता ही चीन को आंखें दिखा रही थी, अब नेता भी चीनी नागरिकों के व्यवहार से खफा होते दिख रहे हैं। चीनी नागरिकों के लिए पाकिस्तान एक कब्रगाह बनते दिख रहा है।

हाल के दिनों में पाकिस्तान में कई हमले

  • पाकिस्तान में 26 मार्च को हुए आत्मघाती हमले में पांच चीनी इंजीनियरों की मौत हो गई है, जिसके बाद से चीनी नागरिक पाकिस्तान में खौफ में जी रहे हैं।
  • 16 मार्च से 26 मार्च के बीच 10 दिनों में, पाकिस्तान में पांच अलग-अलग हमले हुए, तीन उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में और दो दक्षिण-पश्चिमी बलूचिस्तान प्रांत में।
  • सभी पांच हमले आत्मघाती बम विस्फोट थे, जिनमें कम से कम 12 सैन्यकर्मी, पांच चीनी नागरिक और एक पाकिस्तानी नागरिक की मौत हो गई।
  • पिछले साल अगस्त में ग्वादर में दो बंदूकधारियों ने 23 चीनी इंजीनियरों के काफिले को निशाना बनाया था, लेकिन सुरक्षा अधिकारियों ने उनके हमले को नाकाम कर दिया था।
  • 2022 के अप्रैल में एक महिला सुसाइड अटैकर ने खुद को कराची यूनिवर्सिटी के चीनी सेंटर के सामने उड़ा लिया था, जिसमें तीन चीनी शिक्षकों की मौत हो गई थी।
  • जुलाई 2021 में, एक जलविद्युत परियोजना पर काम कर रहे कम से कम नौ चीनी इंजीनियरों की मौत तब हो गई, जब एक आत्मघाती हमलावर ने उनकी बस में टक्कर मार दी थी, यह हमला 26 मार्च को हुए हमले के समान ही था।

कौन कर रहा है चीनियों को पाकिस्तान में टारगेट

पाकिस्तान में चीनी नागरिकों पर हमले की ज्यादातर समय जिम्मेदारी बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) लेते रहा है। कुछ हमलों में टीटीपी के हाथ होने की भी बात कही जाती रही है। 26 मार्च वाले हमले की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली है। इस हमले के लिए फ्रीलांस आतंकियों पर भी शक किया जा रहा है।

pakistan attack.

पाकिस्तान में चीनी नागरिकों पर हो चुके हैं कई हमले

चीनियों से पाकिस्तान में नफरत की वजह

रिपोर्ट्स के मुताबिक चीनी नागरिकों को पाकिस्तान के लोग संदेह की नजर देखते हैं। उन्हें लगता है कि ये पााकिस्तान का दोहन करने आए हैं। सबसे ज्यादा विरोध बलूचिस्तान प्रांत में है, जहां चीन के कई प्रोजेक्ट चल रहे हैं। बलूचिस्तान क्षेत्रफल के हिसाब से पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है, लेकिन तेल, कोयला, सोना, तांबा और गैस भंडार सहित प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध होने के बावजूद सबसे गरीब भी है। चीन की जब यहां एंट्री हुई तो बलोच लोगों ने जमकर विरोध किया। उन्हें लगता है कि चीन, इस इलाके का और दोहन करेगा और बलूचों को कुछ नहीं मिलेगा। इसके अलावा एक और वजह है- चीन में मुसलमानों के साथ ज्यादती की खबरें। चीन के सिंकयांग राज्य में जारी चीनी मुसलमानों पर अत्याचार से भी पाकिस्तान के लोग नाराज बताए जाते रहे हैं।

चीन के पाकिस्तान में कितने प्रोजेक्ट

पाकिस्तान में चीन के कई प्रोजेक्ट चल रहे हैं। चीन पाकिस्तान के सबसे करीबी सहयोगियों में से एक है। उसने चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) में 62 अरब डॉलर का निवेश किया है। ये एक बुनियादी ढांचा परियोजना है जो दक्षिण-पश्चिमी चीन को अरब सागर में स्थित ग्वादर बंदरगाह से जोड़ेगा। साथ ही ग्वादर बंदरगाह का विकास भी चीन कर रहा है। चीन पाकिस्तान में हाईड्रो पावर प्रोजेक्ट पर भी काम कर रहा है। साथ ही टेलीकम्युनिकेशन के भी प्रोजेक्ट चल रहे हैं। पाकिस्तान में चीन के अरबों के प्रोजेक्ट दांव पर लगे हैं, जिसमें आतंकी हमलों के कारण कई साल की देरी पहले ही हो चुकी है।

cpec

चीन में पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है सीपेक

चीन ने कई प्रोजेक्टों पर काम किए बंद

इन आतंकी हमलों के बाद चीन ने कई प्रोजेक्टों पर काम बंद कर दिया है। एक चीनी कंपनी ने तारबेला 5वें एक्सटेंशन हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में सिविल कार्यों को बंद कर दिया है। साथ ही "सुरक्षा कारणों से" 2,000 से अधिक कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। सीपेक प्रोजेक्ट को भी कुछ समय तक के लिए रोकने की खबर है। दासू जलविद्युत परियोजना का भी काम चीन ने रोक दिया है।
china project.

पाकिस्तान में चीन के कई प्रोजेक्ट

अब नेता भी दिखाने लगे आंख

पाकिस्तान में पहले जनता ही चीन को आंखें दिखा रही थी, लेकिन अब सत्ताधारी दल भी ड्रैगन को खिलाफ जाने लगा है। नवाज शरीफ की बेटी और पंजाब प्रांत की सीएम मरियम नवाज ने चीनी नागरिकों को लेकर अपनी सिरदर्दी बयां की है। मरियम नवाज ने कहा कि जब भी पाकिस्तान में चीनियों को सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए कहा जाता है, वो भड़क जाते हैं।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

और पढ़ें
End of Article