Maharashtra Politics: विपक्षी दलों के गठबंधन इंडियन नेशनल डेवलपमेंट इंक्लूजिव अलायंस (INDIA) के सहयोगी दलों के बीच इन दिनों कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है। और इस बात में कोई दो राय नहीं है कि राजनीति में कब क्या हो जाए, इसका अंदाजा लगा पाना बड़े से बड़े महारथियों के वश की बात नहीं है। खास करके बात जब महाराष्ट्र जैसे सूबे से जुड़ी सियासत की हो रही हो, तो कुछ भी कह पाना आसान नहीं होगा। राजनीति में कोई किसी का सगा नहीं है, इस बात को शरद पवार से बेहतर कौन समझता होगा। सरकारें गिराने, पाला बदलने और अपने फैसलों से चौंकाने के लिए शरद पवार ने कई मापदंड निर्धारित कर रखे हैं। अजित पवार और शरद पवार के बीच की राजनीतिक उठापटक किसी से छिपी नहीं है। ऐसे में इन दिनों शरद पवार के बारे में एकनाथ शिंदे मीठी-मीठी बातें कर रहे हैं। इसके क्या मायने निकाले जा सकते हैं?
क्या फिर चौंकाने वाले हैं शरद पवार?
राष्ट्रीय राजनीति में इन दिनों सबसे बड़ा सवाल है कि विपक्षी गठबंधन INDIA का भविष्य कैसा होगा? इसमें दरार बढ़ती ही जा रही है। कई राजनीतिक दल आपस में बार-बार भिड़ रहे हैं। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस के बीच की रस्साकशी जगजाहिर है। ऐसे में क्या शरद पवार नए रास्ते की तलाश कर सकते हैं? हाल ही में हुए महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में सबसे तगड़ा झटका शरद पवार की पार्टी को ही लगा है। जाहिर है, वो हमेशा अपने फैसलों से चौंकाते रहे हैं, हो सकता है कि एक बार फिर ये देखने को मिल जाए। खैर एक दिलचस्प बात ये भी है कि शरद पवार, एकनाथ शिंदे और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया साथ नजर आए।
पवार से 'गुगली' का सामना नहीं करना पड़ेगा?
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने एक दिन पहले ही राकांपा (एसपी) प्रमुख शरद पवार की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह उनसे सीखने वाली बात है कि राजनीतिक क्षेत्र से परे जाकर अच्छे संबंध कैसे बनाकर रखे जा सकते हैं। मौका था 98वें अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन का, जहां केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की मौजूदगी में शिंदे ने पवार की तारीफ कर दी।
शिंदे ने कहा, 'पवार गुगली गेंदें भी फेंकते हैं, जिन्हें समझना मुश्किल होता है। मेरे पवार के साथ अच्छे संबंध हैं, लेकिन उन्होंने मुझे कभी ‘गुगली’ नहीं फेंकी। मुझे पूरा भरोसा है कि वह भविष्य में भी मुझे गुगली नहीं फेंकेंगे।' शिंदे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह महाराष्ट्र के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं, जिससे ढाई साल की कम अवधि में राज्य में विकास कार्य सुनिश्चित हुए।
शिंदे को अक्सर फोन करते हैं शरद पवार
उन्होंने कहा कि पवार महाराष्ट्र में इतने कम समय में हुए विकास कार्यों के भी गवाह रहे हैं। शिंदे ने कहा, 'वह (पवार) मुझे अक्सर फोन करते हैं। किसी को पवार से सीखना होगा कि राजनीतिक सीमाओं से परे जाकर रिश्ते कैसे बनाकर रखे जाते हैं।' यहां तालकटोरा स्टेडियम में 98वां अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन 21 से 23 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा। पवार सम्मेलन की स्वागत समिति के अध्यक्ष हैं।
ये कहना गलत नहीं होगा कि राजनीति में कभी भी कुछ भी हो सकता है। सियासत है ही ऐसी चीज, जिसमें सबकुछ अनिश्चितताओं के आधार पर टिका हुआ है।
