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अब दिल्लीवालों को क्या-क्या फ्री मिलेगा? केजरीवाल तो गयो; याद कर लें BJP के वादे...

Free for Delhi: अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी का दिल्ली की सत्ता से सफाया हो चुका है। सबसे बड़ा सवाल है कि अब दिल्लीवालों को क्या-क्या फ्री मिलेगा? क्या भाजपा भी दिल्ली में बिजली-पानी मुफ्त देगी? दिल्ली चुनाव से पहले भाजपा ने क्या-क्या वादे किए थे, आपको इस रिपोर्ट में एक-एक पॉइंट समझाते हैं।

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दिल्ली के चुनावी नतजों के बाद खड़ा हुआ सबसे बड़ा सवाल।

Delhi Ki Janta ko Ab Kya Kya Free Milega: आम आदमी पार्टी की दिल्ली के सियासी सिंहासन से छुट्टी हो चुकी है। अब राजधानी की सत्ता पर भारतीय जनता पार्टी का मुख्यमंत्री बनना तय हो चुका है। पिछले 13 सालों से केजरीवाल ने दिल्ली की जनता को बिजली, पानी, महिलाओं को बस की यात्रा मुफ्त दी। हालांकि इस बार उनका झाड़ू खुद साफ हो गया। अब केजरीवाल तो गयो, ऐसे में भाजपा के शासन में दिल्लीवालों को क्या-क्या मुफ्त मिलेगा? ये बड़ा सवाल होगा।

दिल्लीवालों को अब क्या-क्या मुफ्त मिलेगा?

दिल्लीवालों ने केजरीवाल की विदाई कर दी है। चुनावी परिणाम में आप का सफाया हो गया, तो क्या दिल्लीवालों को अब मुफ्त बिजली-पानी जैसी सुविधाएं मिलनी बंद हो जाएंगी? सवाल तो बड़ा है, लेकिन जवाब बेहद उलझाने वाला है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ये ऐलान किया था कि दिल्ली में जारी जनहित योजनाओं को भाजपा बंद नहीं करेगी। यानी ऐसा संभव है कि दिल्लीवालों को बिजली-पानी मुफ्त में मिलता रहे। हो सकता है कि इसमें कुछ नए नियम बनाए जा सकते हैं। यहां ये जानना जरूरी है कि भाजपा के संकल्प पत्र में कौन-कौन से वादे शामिल हैं। आपको पूरी सूची देखनी चाहिए।

महिलाओं को 2500 रुपये हर महीने

दिल्ली में भाजपा की सरकार बनने जा रही है। ऐसे में भाजपा ने अपने घोषणापत्र में इस मुद्दे को शामिल किया है कि दिल्ली में बीजेपी की सरकार बनने पर गरीब महिलाओं को 2500 रुपये प्रति महीने मिलेंगे।

गर्भवती महिलाओं को 21 हजार रुपये

भाजपा ने महिलाओं से वादा किया कि दिल्ली में सरकार बनाने पर गर्भवती महिलाओं को 21 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। इसके साथ ही हर गर्भवती महिलाओं को 6 पोषण किट दिए जाएंगे।

10 लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त

मोदी सरकार द्वारा लागू आयुष्मान भारत योजना अब तक दिल्ली में लागू नहीं किया गया है। भाजपा ने अपने चुनावी घोषणापत्र में ये वादा किया है कि दिल्ली के लोगों को 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज का लाभ भी मिलेगा। 5 लाख रुपये तक इलाज आयुष्मान योजना और 5 लाख रुपये दिल्ली में बीजेपी की सरकार देगी।

500 रुपये में मिलेगा गैस सिलेंडर

भाजपा के घोषणापत्र में एक और ये खास वादा शामिल है, जिसके तरह गरीब महिलाओं को 500 रुपये में सिलेंडर दिए जाएंगे। इसके अलावा भाजपा की सरकार होली-दिवाली पर मुफ्त सिलेंडर देगी।

SC/ST छात्रों को हर महीने 1000 रुपये

भाजपा के एक और वादे में ये भी शामिल था कि दिल्ली में भाजपा की सरकार बनेगी तो एससी और एसटी छात्रों को प्रति माह 1000 रुपये की मदद मिलेगी।

अनधिकृत कॉलोनियों के निवासियों को तोहफा

दिल्ली में भाजपा की सरकार बनने पर राजधानी की 1700 से अधिक अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को मकानों का मालिकाना हक देने का वादा किया गया था।

युवाओं को 15 हजार रुपये आर्थिक मदद

दिल्ली में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को भाजपा की सरकार 15 हजार रुपये आर्थिक मदद देगी। इस मुद्दे को भी बीजेपी के संकल्प पत्र में शामिल किया गया है।

इन वर्कर्स को 10-10 लाख का जीवन बीमा

भाजपा ने दिल्ली चुनाव के लिए अपने घोषणापत्र में ये वादा किया है कि टेक्सटाइल वर्कर्स और गिग वर्कर्स को 10-10 लाख का जीवन बीमा होगा।

इलाज कके लिए मुफ्त लैब टेस्ट

दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए में भाजपा ने सरकार बनाने पर 10 लाख का मुफ्त इलाज देने के अलावा ओपीडी सर्विसेज और लैब टेस्ट भी मुफ्त करने का वादा किया है।

वरिष्ठ नागरिकों की पेंशन में इजाफा

भाजपा ने अपने घोषणापत्र में वादा किया है कि वरिष्ठ नागरिकों की पेंशन 2,000 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये प्रति माह और 70+ वर्ष के वरिष्ठ नागरिकों, विधवाओं, बेसहारा एवं परित्यक्त महिलाओं की पेंशन 2,500 रुपये से बढ़ाकर 3000 रुपये प्रति माह किया जाएगा।

दिल्ली की सत्ता में 27 साल बाद भाजपा को सत्ता पर काबिज होने का मौका मिला है। बीजेपी के समर्थक ने देशभर जश्न मना रहे हैं, समर्थकों ने ढोल बजाकर, पार्टी के झंडे लहराकर मिठाई बांट रहे हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या भाजपा के शासन में दिल्लीवालों बिजली-पानी मुफ्त मिलता है या नहीं।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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