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बिन 'पानी' पाकिस्तान में मचा हाहाकार...झुलसीं फसलें, जनता महंगाई से बेहाल, PAK पर दोहरी मार

पाकिस्तान के सामने भीषण जल संकट खड़ा हो गया है भारत की तरफ से सिंधु नदी का पानी रोकने के बाद वहां अब फसलों की बुआई तक के लिए पानी नहीं मिल रहा है साथ ही इस स्थिति के चलते वहां महंगाई भी तेज असर दिखाने लगी है।

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पाकिस्तान में जल संकट,

Water Crisis in Pakistan: भारत के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान को लेकर कई प्रतिबंधात्मक कदम उठाए उनमें से एक सिंधु नदी जल समझौते को स्थगित करना भी है। भारत ने पाकिस्‍तान को कई मोर्चों पर घेरा है जिसका असर अब सामने आने लगा है और पाकिस्तान में किसानों को फसल के लिए पानी मयस्सर नहीं हो रहा है जिससे भारी दिक्कत खड़ी हो गई है और इसका असर पाकिस्तान में तेजी से बढ़ रही महंगाई के रूप में सामने आ रहा है...

मई से लेकर सितंबर में पाकिस्तान में होने वाली बुवाई पर इंडस रिवर सिस्टम अथॉरिटी (IRSA) का कहना है कि बांधों में पानी की कमी पर वह चिंतित है। नदी और बांधों में पानी की कमी से खरीफ की खेती प्रभावित होगी वहीं बांधों से पाकिस्तान के लिए बिजली भी पैदा होती है पानी की कमी से बिजली उत्पादन भी ठप हो सकता है।

नदी प्रवाह में 21 फीसद की कमी

IRSA के ताजा अनुमान के मुताबिक नदी प्रवाह में 21 प्रतिशत की कमी और दो बांधों के पानी में करीब 50 प्रतिशत की कमी आ चुकी है। पंजाब और सिंध प्रांतों में खेती और सिंचाई में इन दोनों बांधों की प्रमुख भूमिका रहती है। पाकिस्‍तान में पानी की कमी आने वाले समय में और बढ़ सकती है, पानी की कमी से पर्यावरण पर भी नकारात्मक असर पड़ेगा।

पानी की कमी से महंगाई बढ़ने की संभावना

पाकिस्तान में पानी की कमी से महंगाई बढ़ने की संभावना है बताते हैं कि सिंधु नदी बेसिन जो पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और कृषि के लिए महत्वपूर्ण है उसमें पानी की कमी से गेहूं, चावल, गन्ना और कपास जैसी फसलों के उत्पादन पर असर पड़ेगा जिससे पाकिस्तान में खाद्य उत्पादन में गिरावट आएगी और वहां अकाल का संकट खड़ा हो सकता है।

Water Crisis Pakistan

Water Crisis Pakistan

बिजली उत्पादन पर दिखेगा असर

पाकिस्तान में पानी की कमी से बिजली उत्पादन भी प्रभावित हो सकता है, जिससे उद्योग धंधे चौपट होंगे और औद्योगिक उत्पादन पर असर पड़ सकता है जिससे बेरोजगारी का आंकड़ा भी बढ़ेगा।

पानी के बहाव में उल्लेखनीय कमी

झेलम नदी के मंगला बंधी और सिंधु नदी के तरबेला बांध में पानी के बहाव में उल्लेखनीय कमी आई है दरअसल, अपने हिस्से का पानी नियंत्रित करने के बाद चिनाब नदी में पानी का बहाव कम हो गया है। भारत का कहना है कि यह संधि सौहार्दपूर्ण माहौल में 1960 में हुई थी। लेकिन अब हालात बदल गए हैं।

'अभी तो हमने कुछ किया ही नहीं, केवल पानी रोका है...'

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ शब्दों में कहा है कि पानी और खून और आतंकवाद और बातचीत दोनों साथ-साथ नहीं चल सकते। बीते दिनों बिहार में रैली में पीएम ने कहा कि 'अभी तो हमने कुछ किया ही नहीं, केवल पानी रोका है, उधर पसीने छूटने लगे।'

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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