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बालाकोट से ऑपरेशन सिन्‍दूर तक...'एयर स्‍ट्राइक' को रात में ही क्‍यों अंजाम दिया जाता है ? क्‍या इसके पीछे भी है कोई सीक्रेट

Why Air Strike Happens in Night: भारतीय सेना ने पाकिस्‍तान पर जवाबी कार्रवाई करते हुए एक बार फिर एयर स्‍ट्राइक की है। भारत ने ये एक्‍शन 06-07 मई की देर रात लिया। मगर क्‍या आपको मालूम है कि, एयर स्‍ट्राइक देर रात में ही क्‍यों की जाती है ? रक्षा और विदेशी मामलों के जानकार संजीव श्रीवास्‍तव ने इसका जवाब दिया है। आइए जानते हैं:

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एयर स्‍ट्राइक।

Why Air Strike Happens in Night: शौर्य और पराक्रम की पर्याय भारतीय सेना ने एक बार फिर दुनिया के सामने ये सिद्ध कर दिया कि अगर भारत को कोई छेड़ेगा तो भारत उसे छोड़ेगा नहीं। भारतीय सेना ने पाकिस्‍तान पर एयर स्‍ट्राइक कर आतंक के पनाहगारों को भी ये बता दिया कि उन्‍हें (आतंकियों) आश्रय देने का अंजाम क्‍या होता है। 07 मई, 2025 की सुबह जब भारतीयों ने खबरों का रुख किया तो पता चला कि भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन सिन्‍दूर' के तहत जवाबी कार्रवाई में पाकिस्‍तान में स्थित 09 आतंकी ठिकानों को नेस्‍तनाबूत कर दिया है। दरअसल, कश्‍मीर के पहलगाम में कुछ आतंकियों ने 26 पर्यटकों को जान से मार दिया था। इस आतंकी हमले का प्रतिशोध भारत ने 06-07 मई की देर रात पाकिस्‍तान पर एयर स्‍ट्राइक कर लिया। इससे पहले पुलवामा हमले का बदला भी भारतीय सेना ने देर रात एयर स्‍ट्राइक के माध्‍यम से ही लिया था जिसमें कई आत‍ंकियों का खात्‍मा हुआ था। अब सवाल ये उठता है कि, एयर स्‍ट्राइक जैसी सैन्‍य कार्रवाई देर रात ही क्‍यों की जाती है ? क्‍या ये सिर्फ संयोग है या इसके पीछे कोई सैन्‍य सोच होती है ? आज हम आपको एयर स्‍ट्राइक से सम्‍बन्धित उन सभी प्रश्‍नों के जवाब देंगे जो संभवत: आपके दिमाग में भी कौंध रहे हैं ?

एयर स्‍ट्राइक शब्‍द का उद्भव

बात है सन् 1911 की, जब इटालो-तुर्की युद्ध के दौरान इटली ने लीबिया पर पहला हवाई हमला किया था। यदि वर्तमान समय के परिप्रेक्ष्‍य में देखा जाए तो उस हवाई हमले को 'एयर स्‍ट्राइक' कहा सकता है, हालांकि उस समय ये शब्‍द इजाद नहीं हुआ था। जब इटली ने लीबिया पर 1911 में हवाई हमला किया तो लेफ्टिनेंट जिउलियो गावोट्टी ने तुर्की सैनिकों पर बमबारी की थी। फिर 1914 से 1918 के मध्‍य सैन्‍य हमलों में हवाई जहाजों को उपयोग में लाया जाने लगा। उस कालखण्‍ड में इन हवाई हमलों के लिए 'बॉम्बिंग' शब्‍द प्रयुक्‍त होता था। द्वितीय विश्‍व युद्ध के दौरान जब हवाई हमलों में व्‍यापकता आई तब मिसाइलों ने जहाज का स्‍थान ले लिया और इन हमलों को 'एयर स्‍ट्राइक' नाम मिला। बता दें कि ब्रिटेनिका की एक रिपोर्ट के मुताबिक भी द्वितीय विश्व युद्ध के बाद 'एयर स्‍ट्राइक' शब्‍द का उद्भव माना जाता है। इसके बाद 1941 में जब जापान में पर्ल हार्बर हमला किया तो उसे बतौर एयर स्‍ट्राइक दर्ज किया गया। इतिहास के पन्‍नों को पलटें तो जापान पर अमेरिका की एक एयर स्‍ट्राइक Doolittle Raid के नाम से भी दर्ज है।

कब की जाती है एयर स्‍ट्राइक

जब कोई देश किसी अन्‍य देश पर सीमा पार से हमला करता है तो जवाबी कार्रवाई के तहत एयर स्‍ट्राइक को अंजाम दिया जा सकता है। इसके अलावा दुश्मन देश की सीमा में घुसपैठ रोकने के लिए और आतंकवादी ठिकानों का खात्‍मा करने के लिए भी एयर स्‍ट्राइक की जाती है। बता दें कि किसी शहर, दुश्मन सैनिकों या उनकी आपूर्ति पर सैन्य विमानों द्वारा किए गए हमले को ही एयर स्‍ट्राइक कहा जाता है। ये कार्रवाई बमबारी करके या बंदूक चलाकर भी की जा सकती है।

बालाकोट एयर स्‍ट्राइक

अब बात करते हैं भारत द्वारा जवाबी कार्रवाई के तहत की गई एयर स्‍ट्राइक की। 14 फरवरी, 2019 को पुलवामा में हुए आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। इस घटना ने प्रत्‍येक भारतीय को आघात पहुंचाया था। इस आतंकी हमले के जवाब में भारतीय वायुसेना ने 26 फरवरी, 2019 तड़के पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की। इस कार्रवाई के तहत भारतीय लड़ाकू विमानों ने एलओसी पार कर आतंकियों के ट्रेनिंग कैंप को बर्बाद कर दिया था।

ऑपरेशन सिन्‍दूर

22 अप्रैल, 2025 को कश्‍मीर के पहलगाम में आंतकियों ने हमला किया था। इस कायरतापूर्ण हमले में आतंकियों द्वारा 26 लोग मारे गए और कई घायल हुए। इसके बाद भारतीय सेना के तीनों अंगों- थल सेना, वायु सेना और नौसेना ने पाकिस्‍तान पर एयर स्‍ट्राइक की। सेना ने ये जवाबी कार्रवाई 06-07 मई की देर रात की और पाकिस्‍तान में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर उड़ा दिया। एयर स्‍ट्राइक को लेकर सेना ने ये स्‍पष्‍ट कर दिया कि, कार्रवाई में केवल आतंक के अड्डों को ही टारगेट किया गया है। इस कार्रवाई में तीन मुख्य आतंकी संगठनों लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिद्दीन के ट्रेनिंग कैंप तबाह किए गए, जिसमें लश्कर-ए-तैयबा का मुख्यालय भी शामिल था।

एयर स्‍ट्राइक रात में ही क्‍यों की जाती है

आपने गौर किया होगा कि, भारत द्वारा पाकिस्‍तान पर की गईं दोनों एयर स्‍ट्राइक देर रात ही की गईं...मगर ऐसा क्‍यों ? टाइम्‍स नाउ नवभारत के साथ हुई बातचीत में इस सवाल का जवाब रक्षा और विदेशी मामलों के जानकार संजीव श्रीवास्‍तव ने दिया है। उन्‍होंने बताया कि, 'पाकिस्‍तान के विरुद्ध जो ऑपरेशन कंडक्‍ट किए गए उन्‍हें तीन कारणों से रात में अंजाम दिया गया है।' संजीव श्रीवास्‍तव कहते हैं कि, 'रात में एयर स्‍ट्राइक करने से एलिमेंट ऑफ सरप्राइज (किसी चीज को अप्रत्‍याशित या आश्‍चर्यजनक बना देना) को मेंटेन करने में मदद मिलती है। रात में सरप्राइज एलिमेंट प्रभावी तरह से इस्‍तेमाल हो सकता है।' दूसरी वजह बताते हुए वे कहते हैं कि, 'हमारी सेनाओं के पास नाइट विज़न डिवाइस हैं और एयरक्राफ्ट के पास नाइट विज़न कैपेबिलिटी है। ऐसे में वो अच्‍छे ढंग से काम कर पाती हैं। लो-विजिबिलटी में नाइट विजन डिवाइस सटीक तरह से कार्य करती हैं। रात के ऑपरेशन बिना दुश्‍मन को अलर्ट किए इन्‍हीं डिवाइस के माध्‍यम से संचालित होते हैं।' आगे वे बताते हैं कि, 'रात के समय में आम जनता घरों में सोने की स्थिति में होती है। ऐसे में उन्‍हें कम खतरा होने की संभावना रहती है और सिविलयन कैज़ुअलटी को कम से कम करने में मदद मिलती है।'

Shaswat Gupta
शाश्वत गुप्ताauthor

पत्रकारिता जगत में पांच साल पूरे होने जा रहे हैं। वर्ष 2018-20 में जागरण इंस्‍टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्‍युनिकेशन से Advance PG डिप्लोमा करने के बाद मीडिया जगत में दस्तक दी। 2019 में दैनिक जागरण से पत्रकारीय जीवन का आरंभ हुआ। इसके बाद जागरण न्‍यू मीडिया, दैनिक भास्‍कर और इंडिया टीवी में सेवाएं दीं। अप्रैल 2023 से टाइम्‍स नाउ नवभारत (https://www.timesnowhindi.com/) के साथ यह सफर अनवरत‍ जारी है। परंपरागत मीडिया से प्रारंभ हुआ करियर अब आधुनिक यानी डिजिटल मीडिया तक पहुंच चुका है। ग्राउंड रिपोर्टिंग से शुरू हुई यह यात्रा लोकल/हाइपरलोकल डेस्‍क, प्रादेशिक डेस्‍क, सोशल मीडिया डेस्‍क, नेशनल डेस्‍क से अब वायरल डेस्‍क तक पहुंच चुकी है। करीब साढ़े चार साल के इस करियर में अविस्‍मरणीय अनुभव रहे हैं। दैनिक जागरण में पहली पारी के दौरान बिकरू कांड जैसी बड़ी और ज्‍वलन्‍त घटना की कवरेज करने का अवसर मिला। प्रिंट मीडिया और डिजिटल मीडिया दोनों ही मंचों पर बेहतरीन ढंग से खबर का प्रस्‍तुतिकरण किया। प्रिंट मीडिया की प्रादेशिक डेस्‍क पर कार्य करते हुए कानपुर सिटी, कानपुर देहात, इटावा, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, फतेहपुर, औरैया, जालौन, उन्‍नाव, फर्रुखाबाद और कन्‍नौज संस्‍करण की जिम्‍मेदारी संभाली। इन सभी डेस्‍क का कार्य निष्‍पादित करते हुए हर ब्रेकिंग खबर का प्रिंट व डिजिटल दोनों माध्‍यमों में बेहतरीन प्रस्‍तुतिकरण किया। तत्‍पश्‍चात् जागरण न्‍यू मीडिया के हाइपरलोकल सेक्‍शन की लॉन्चिंग में यूपी टीम के सक्रिय सदस्‍य रहे। 2019 से लेकर 2022 तक कोरोना की तीनों लहरों की कवरेज की। इस दौरान लॉकडाउन और ऑक्‍सीजन संकट से ऊपजे हालात पर कई स्‍टोरीज कीं। उत्‍तर प्रदेश पंचायत चुनाव 2021 में अलग-अलग दिनों में होने वाली अलग-अलग स्‍थानों की वोटिंग, काउंटिंग और रिजल्‍ट से जुड़ी खबरों को पाठकों तक बखूबी पहुंचाया। इस दौरान खबरों की प्‍लानिंग, लाइव ब्‍लॉग लाइव करने के साथ मल्‍टीपल स्‍टोरीज करने का अवसर मिला। 2021 में माफिया मुख्‍तार अंसारी की बांदा जेल में वापसी पर भी प्रतिद्वंद्वियों से बेहतर कवरेज की। ढाई साल में उत्‍तर प्रदेश के अंदर हुई इस उथल-पुथल के बाद कन्‍नौज के पियूष जैन कांड की खबर को ब्रेक किया। इस केस में रेग्‍युलर कवरेज करने के अलावा कई एक्‍सक्‍लूसिव स्‍टोरीज करने का मौका भी मिला। तत्‍पश्‍चात् कानपुर मेट्रो से जुड़े कार्यों की कवरेज कर औपचारिक तौर पर पहली बार प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के दौरे और प्रथम कॉरिडोर के उद्घाटन की कवरेज करने के साक्षी रहे। उतार-चढ़ाव से भरा डिजिटल मीडिया का यह पहला अनुभव काफी शानदार रहा और बेहतरीन कवरेज से यूपी टीम में कानपुर सेक्‍शन को दूसरा सर्वाधिक Pageviews वाला सेक्‍शन बनाने में योगदान दिया। दैनिक भास्‍कर (DB Digital) के साथ उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में भगवा लहर के साक्षी रहे। डिजिटल मीडिया के दूसरे पड़ाव में प्रदेश की चुनावी सरगर्मी को भांपने का अवसर मिला। इसके साथ-साथ उत्‍तर प्रदेश की सैकड़ों तहसील, ब्‍लॉक व गांव इत्‍यादि की दैनिक खबरों का नियोजन कर उन्‍हें फ्लैश करने की जिम्‍मेदारी का निर्वाह किया। दूसरे पड़ाव में उत्‍तर प्रदेश के ग्रामीण परिवेश को खबरों के लिहाज से करीने से समझा और स्‍थानीय क्षेत्रों की समस्याओं को बड़े स्‍तर तक पहुंचाने का काम किया। विधानसभा चुनाव की छोटी-बड़ी खबरों को ब्रेक करने के साथ-साथ ऑब्‍जर्वेशन आधारित मल्‍टीपल स्‍टोरीज करने का अवसर भी मिला।इंडिया टीवी में समाचार लेखन और प्रस्‍तुतिकरण का एक नया अनुभव प्राप्‍त करने का सौभाग्‍य मिला। यू-ट्यूब की दुनिया में खबरों के महत्‍व, लेखन और प्रासंगिकता को समझने का अवसर मिला। जिसके बाद पंजाबी गायक स‍िद्धू मूसेवाला मर्डर केस और महाराष्‍ट्र के सियासी संकट की खबर को ब्रेक किया। यूपी में निर्माणाधीन एक्‍सप्रेस-वे पर वीडियो पैकेज बनाकर दर्शकों के सम्‍मुख यूट्यूब ओरिएंटेड एक्‍सक्‍लूसिव स्‍टोरी पेश की। राजू श्रीवास्‍तव-मुलायम सिंह यादव का निधन, श्रद्धा वाल्‍कर मर्डर केस, जोशीमठ की प्राकृतिक आपदा और द्रौपदी मुर्मू के राष्‍ट्रपति बनने के सफर पर कई वीडियो और उनकी LIVE स्‍ट्रीमिंग करने का मौका मिला। इनके अलावा साल 2022 में हुए गुजरात और हिमाचल प्रदेश के व‍िधानसभा चुनाव एवं दिल्‍ली एमसीडी चुनाव से जुड़े वीडियो पर खबरों की कवरेज (यू-ट्यूब पर), लाइव स्‍ट्रीमिंग की। चैनल के शो 'आप की अदालत' की री-लॉन्चिंग पर टीम के साथ को-ऑर्डिनेशन से लाइव स्‍ट्रीमिंग और वीडियो पैकेजिंग का अनुभव प्राप्‍त किया। इसके बाद माफिया अतीक अहमद की साबरमती जेल से वापसी और उसके बेटे के एनकाउंटर पर आधारित वीडियोज़ को बेहतरीन इमेज-कंटेंट क्रिएशन के साथ पब्लिश किया। कोई भी खबर न रुके, न छूटे, न चूके...इसी उद्देश्‍य के साथ विविधता से परिपूर्ण इस यात्रा को आगे बढ़ा रहे हैं।

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