Bandit Queen OTT Release: डायरेक्टर शेखर कपूर (Shekhar Kapur) की फिल्म बैंडिट क्वीन (Bandit Queen) साल 1996 में दर्शकों के सामने आई थी। इस फिल्म को बॉलीवुड में कल्ट का दर्जा प्राप्त है, जिससे कई बड़े सितारे निकले जो कभी स्ट्रगल कर रहे थे। सालों बाद बैंडिट क्वीन ओटीटी पर रिलीज हुई है, जिसको लेकर विवाद हो गया है। डायरेक्टर शेखर कपूर ने सोशल मीडिया पर सवाल खड़ा किया है कि मेकर्स ने उनकी इजाजत लिए बिना इसे खराब तरह से एडिट करवाकर क्यों ओटीटी पर रिलीज किया है। क्या वो किसी हॉलीवुड डायरेक्टर से कम हैं कि मेकर्स ने उनकी इतनी सी भी इज्जत नहीं रखी है।
डायरेक्टर शेखर कपूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है, 'जब एक फिल्म बनती है तो डायरेक्टर और एडिटर कई बार उसे देखते हैं और उसकी कमियां दूर करते हैं। दोनों मिलकर दिन-रात काम करते हैं और एडिटिंग पर लड़ाइयां भी करते हैं। मुझे याद है कि मैंने रेनू सलूजा के साथ कैसे महीनों तक बैंडिट क्वीन पर काम किया है और उसके बाद एक रैंडम इंसान आकर इसे ओटीटी के लिए एडिट कर देता है।'
'मैं इस इंसान से पूछना चाहता हूं कि क्या तुमने एक बार भी सोचा है कि हमने इस मूवी को बनाने में कितनी मेहनत की थी? क्या तुम्हें अंदाजा है कि तुम्हारी खराब एडिटिंग की वजह से नुसरत फतेह अली खान साहब की जादूगरी को कितना नुकसान हुआ है? और फिल्म में काम करने वाले एक्टर्स को कितना नुकसान हुआ है? तुम 50 डिग्री में खुद को तपा नहीं रहे थे, जब हम ये फिल्म शूट कर रहे थे इसलिए तुम्हें उस दर्द का अहसास नहीं होगा, जो हम कर रहे हैं।'
'तुम्हें पता ही नहीं है कि हम कैसे रात-रात भर फिल्म के एक-एक सीन को डिस्कस करते थे। एक शॉट लगाने से पहले हम कितनी मेहनत करते थे, इसका तुम्हें अंदाजा ही नहीं है। क्योंकि ये भारत है तो यहां फिल्मकारों के बारे में कौन ही सोचता है?'
