त्योहारों के मौसम में मिठाइयों की बढ़ती मांग के बीच दिल्ली में मिलावट और असुरक्षित खाद्य पदार्थों के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिठाई बनाने वाली इकाइयों और खोया मंडी में कार्रवाई करते हुए कुल 922 किलोग्राम खाद्य सामग्री नष्ट की है। निहाल विहार में बिना लाइसेंस चल रही रसगुल्ला निर्माण इकाइयों और मिठाई की दुकानों पर औचक छापेमारी कर 402 किलो खाद्य सामग्री नष्ट की गई, जबकि मोरी गेट खोया मंडी में 520 किलो खराब खोया और छेना नष्ट किया गया। दोनों जगहों से प्रयोगशाला जांच के लिए नमूने भी लिए गए हैं। जांच रिपोर्ट और निरीक्षण में सामने आए तथ्यों के आधार पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
निहाल विहार में छापेमारी, 265 किलो रसगुल्ले नष्ट
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने शनिवार को निहाल विहार में बिना लाइसेंस संचालित रसगुल्ला निर्माण इकाइयों, अन्य मिठाई निर्माताओं और मिठाई की दुकानों समेत 13 परिसरों का निरीक्षण किया। कार्रवाई के दौरान कुल 402 किलो खाद्य सामग्री नष्ट की गई। इसमें 265 किलो रसगुल्ले, 45 किलो छेना, 80 किलो मिल्क केक और 12 किलो कसा हुआ नारियल शामिल है। यानी छापेमारी में सबसे ज्यादा मात्रा रसगुल्लों की मिली, जिन्हें नष्ट कराया गया। विभाग ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए 14 नमूने भी लिए। इनमें छेना के छह, रसगुल्ले और मिल्क केक के दो-दो तथा मोतीचूर के लड्डू, आटे के लड्डू, रसभरी और पनीर के एक-एक नमूने शामिल हैं।
पिछली कार्रवाई से सबक, इस बार छुट्टी के दिन एक साथ पहुंचीं टीमें
निहाल विहार में इस बार औचक निरीक्षण की रणनीति भी बदली गई। विभाग के मुताबिक, 26 अगस्त को हुई पिछली कार्रवाई के दौरान मिठाई बनाने वाली इकाइयों का पता लगाने में मुश्किल आई थी। अलग-अलग गलियों में कारोबारियों ने अपनी दुकानें बंद कर ली थीं और उस दौरान केवल तीन परिसरों की पहचान हो सकी थी। इस बार कार्रवाई की भनक पहले से न लगे, इसके लिए छुट्टी के दिन छापेमारी की गई और विभाग की टीमों को अलग-अलग गलियों में एक साथ भेजा गया। इसका मकसद ज्यादा से ज्यादा इकाइयों का निरीक्षण करना और खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन की जांच करना था।
मोरी गेट खोया मंडी में बदबूदार खोया-छेना मिला
मिठाइयों में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की गुणवत्ता जांचने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने मोरी गेट खोया मंडी में भी विशेष अभियान चलाया। यहां करीब 520 किलो खाद्य सामग्री नष्ट की गई, जिसमें 370 किलो खोया और 150 किलो छेना शामिल है। विभाग के अनुसार, यह सामग्री लावारिस हालत में मिली थी और खराब होने के साथ उसमें दुर्गंध भी आ रही थी। प्रयोगशाला जांच के लिए खोया के तीन नमूने लिए गए। इससे पहले 4 सितंबर को जन्माष्टमी के अवसर पर इसी मंडी में करीब 3,050 किलो खोया और पनीर नष्ट किया गया था। त्योहारों में मिठाइयों की मांग बढ़ने के साथ खराब कच्चे माल के इस्तेमाल की आशंका को देखते हुए विभाग की यह कार्रवाई अहम मानी जा रही है।
कुल 17 नमूने, रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई
दोनों अभियानों में खाद्य सुरक्षा विभाग ने कुल 17 नमूने जांच के लिए लिए हैं। निहाल विहार से 14 और मोरी गेट खोया मंडी से खोया के तीन नमूने लिए गए। विभाग संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और लागू नियमों के तहत कार्रवाई करेगा। जहां आवश्यक होगा, वहां प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट को भी कार्रवाई का आधार बनाया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि त्योहारों के दौरान निरीक्षण, नमूने लेने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि खराब और असुरक्षित खाद्य सामग्री उपभोक्ताओं तक न पहुंचे।
‘मुनाफे के लिए लोगों की सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं’
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि दिल्लीवासियों के स्वास्थ्य और खाद्य पदार्थों की शुद्धता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने खाद्य सुरक्षा विभाग को नियमित निगरानी के साथ औचक निरीक्षण और नमूनों की जांच प्रभावी ढंग से जारी रखने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, त्योहारों के दौरान मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है, ऐसे में उनकी गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करना और भी जरूरी हो जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मिठाइयां भारतीय परंपराओं, आस्था और आपसी स्नेह का अभिन्न हिस्सा हैं। ऐसे में उनकी शुद्धता सुनिश्चित करना केवल कानूनी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर दायित्व है। खाद्य पदार्थों का निर्माण साफ-सुथरे माहौल में हो, उनका भंडारण निर्धारित मानकों के अनुसार किया जाए और लोगों तक सुरक्षित खाद्य सामग्री पहुंचे, यह सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने साफ किया कि अधिक मुनाफा कमाने के लिए लोगों की सेहत को जोखिम में डालने वाले कारोबारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
त्योहारों की मिठास में मिलावट का जहर न घुले, इसके लिए दिल्ली सरकार ने निगरानी और कार्रवाई तेज कर दी है। अब नमूनों की जांच रिपोर्ट पर नजर रहेगी, जिसके आधार पर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अगला कदम उठाया जाएगा।
