Panchayat Season 4 Review: चुनाव ने खत्म की फुलेरा की मासूमियत, स्टार्स की एक्टिंग ने फिर जीता दिल

Panchayat Season 4 Review: वेब सीरीज पंचायत सीजन 4 का इंतजार फैंस को बेसब्री से था और आखिरकार यह 24 जून को अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज हो गया। इस बार फुलेरा गांव की कहानी में हंसी, इमोशन्स और पॉलिटिक्स का तड़का है, लेकिन क्या यह सीजन पहले की तरह दिल जीत पाया? आइए इस रिव्यू में जानते हैं।

AbhayAuthored by: AbhayUpdated Jun 24 2025, 19:43 IST

Panchayat Season 4

क्रिटिक्स रेटिंग
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4.0

panchayat season 4 review: elections ended phulera innocence, stars acting won hearts again

Panchayat Season 4 Review: प्राइम वीडियो की वेब सीरीज पंचायत का चौथा सीजन लंबे इंतजार के बाद रिलीज हो गया है। हर बार की तरह इस बार भी सीरीज में 8 एपिसोड रखे गए हैं। सीरीज के चौथे सीजन के रिलीज होने के बाद सोशल मीडिया पर इसको लेकर काफी चर्चा हो रही है। कोई सीरीज की जमकर तारीफ कर रहा है, तो किसी को कमी ही कमी नजर आ रही है। इन सोशल मीडिया रिव्यू ने पक्का आपको कन्फ्यूज कर दिया होगा। लेकिन इस सीरीज रिव्यू में हम आपकी इस कन्फ्यूज को दूर कर देंगे। इस रिव्यू में हम आपको वेब सीरीज पंचायत सीजन 4 की अच्छी और बुरी बातें बताने वाले हैं जो आपको सीरीज देखने से पहले जान लेनी चाहिए।

क्या है पंचायत 4 की कहानी

दीपक कुमार मिश्रा और अक्षत विजयवर्गीय के डायरेक्शन में बनी इस सीरीज पंचायत 4 में जितेंद्र कुमार, नीना गुप्ता, रघुबीर यादव, फैसल मलिक, चंदन रॉय और सुनीता राजवार जैसे सितारे एक बार फिर से रंग जमा दिया है। इस बार सीरीज में की कहानी फुलेरा में पंचायत चुनाव के इर्द-गिर्द घूमती है। इस सीजन में फुलेरा की सियासत पूरी तरह हावी है। लौकी बनाम प्रेशर कुकर, समोसे की डिप्लोमेसी, और देसी अंदाज में चुनावी तमाशा देखने को मिलता है। मंजू देवी जो गांव की प्रधान हैं, अपनी कुर्सी बचाने के लिए जद्दोजहद कर रही हैं, जबकि उनकी टक्कर क्रांति देवी से है। इस सीजन प्रधान जी पर चली गोली का राज भी खोल दिया गया है। साथ ही साथ सचिव जी पर चल रहा केस भी लाइमलाइट में बना रहता है।