Aamir Khan at Waves Summit 2024: बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान ने वेव्स समिट 2025 में शिरकत की और निर्माता रितेश सिद्धवानी और अजय बिजली के साथ भारतीय सिनेमा की चुनौतियों के बारे में चर्चा की। आमिर खान ने चर्चा के दौरान ये मुद्दा भी उठाया कि भारतीय सिनेमा ग्लोबल सिनेमा से पीछे क्यों है और अगर इंटरनेशनल पटल पर भारतीय सिनेमा को पहचान बनानी है तो इंडस्ट्री को जल्द से जल्द किन-किन कदमों को उठाना पड़ेगा।
आमिर खान ने चर्चा के दौरान कहा, 'भारतीय सिनेमा में जब भी कोई मूवी सुपरहिट होती है तो उसका फुटफॉल क्या होता है? हमारे देश की जनता मात्र 2 प्रतिशत... दुनियाभर में हमारे देश की पहचान सिनेमालवर के रूप में है, जो साल में किसी भी देश से ज्यादा फिल्में प्रोड्यूस करता है। आप इसी बात से अंदाजा लगाइए कि हमारे देश की केवल 2 प्रतिशत जनता फिल्में देखने के लिए थिएटर में जाती है जबकि 98 प्रतिशत लोग सिनेमा पर रुपये नहीं खर्च करते हैं।'
'मेरा ये मानना है कि भारत में ज्यादा से ज्यादा थिएटर होने चाहिए। देश के कई हिस्सों में तो थिएटर का नाम भी नहीं है। जब तक हम पूरे देश को कवर नहीं करेंगे और हर एक इंसान तक अपनी फिल्म नहीं पहुंचाएंगे तब तक हम सिनेमालविंग कंट्री नहीं बन पाएंगे। कई देशवासी ऐसे हैं, जो सिनेमा देखने के लिए थिएटर जाना चाहते हैं लेकिन उनके इलाके में सिनेमाघर है ही नहीं। अभी सोचिए मैं ही कोंकण एरिया में रहता हूं तो वहां कोई थिएटर ही नहीं है। मैं फिल्म के बारे में ऑनलाइन सुन सकता हूं लेकिन मैं इसे देख नहीं सकता हूं। मुझे नई फिल्म देखने के लिए पायरेसी का सहारा लेना पड़ेगा क्योंकी लीगली ये पॉसिबल ही नहीं है।'
आमिर खान ने भारती सिनेमाघरों की संख्या की तुलना विदेश से करते हुए कहा, '1.4 बिलियन पॉपुलेशन में हमारे पास केवल 10,000 सिनेमाघर हैं, जिनमें से केवल 9200 में फिल्में लगती हैं। अगर यूएस में देखें तो उनके पास 40,000 स्क्रीन्स हैं और चाइना के पास 90,000 स्क्रीन्स हैं। इसी से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि भारतीय सिनेमा में अभी भी कितना पोटेंशियल है, जिसको एक्सप्लोर किया जा सकता है।'
