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शिमला सीट, हिमाचल प्रदेश लोकसभा चुनाव 2024, वोटिंग की तारीख, मुख्य उम्मीदवार और चुनाव रिजल्ट की डेट

Shimla Lok Sabha Election 2024 : शिमला 2024 लोकसभा चुनाव के लिए बीजेपी और कांग्रेस पार्टी ने अपना गुणा गणित लगाकर प्रत्याशियों को चुनावी मैदान में भेजा है। जहां, बीजेपी ने दोबारा सिटिंग सांसद सुरेश कश्यप पर भरोसा जताते हुए टिकट दिया है, वहीं कांग्रेस पार्टी ने प्रत्याशी में तब्दीली करते हुए विनोद सुलतानपुरी को चुनावी मैदान में उतारा है। आइये जानते हैं इस सीट पर मुकाबला कितना कड़ा है।

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लोकसभा चुनाव 2024

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Shimla Lok Sabha Election 2024 : शिमला का नाम किसने नहीं सुना होगा। ये शहर पहाड़ों की रानी के नाम से भी मशहूर है। यह हिमाचल प्रदेश की चार लोकसभा सीटों में एक है, जो सबसे हॉट सीट मानी जाती है। इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस पार्टी की सीधी टक्कर देखने को मिलती है। लंबे अरसे तक ये सीट कांग्रेस के कब्जे में रही। लिहाजा, इसे कांग्रेस का गढ़ माना जाता रहा है, लेकिन पिछले तीन लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के तिलिस्म को उभरने नहीं दिया। इस बार यानी 2024 लोकसभा में 1 जून को यहां वोटिंग होनी है और 4 जून को पूरे देश की सभी सीटों के साथ रिजल्ट आएगा। आइये जानते हैं दोनों पार्टियों ने किन प्रत्याशियों पर दांव लगाया है और यहां का चुनावी समीकरण क्या कहता है?

शिमला लोकसभा सीट के इतिहास पर नजर डालें तो ये सीट साल 1962 में अस्तित्व में आई। यहां अभी तक 13 बार लोकसभा के चुनाव हो चुके हैं, जिनमें से 8 बार कांग्रेस पार्टी ने परचम लहराया और 2009 में बीजेपी को पहली बार जीत नशीब हुई। पहले लोकसभा इलेक्शन 1962, 1967 में कांग्रेस प्रत्याशी बीरभद्र सिंह ने जीत का खाता खोला था। बाद में 1967 में ही हुए उपचुनाव में कांग्रेस के प्रताप सिंह को जीत मिली थी। इसके बाद 1977 में ये सीट भारतीय लोकदल के खाते में चली गई और राम बालक यहां से सांसद बने। लेकिन 2009 आते-आते यहां का राजनीतिक समीकरण बदल चुका था। 2009 और 2014 में बीजेपी से वीरेंद्र कश्यप चुनाव जीते, लेकिन 2019 में पार्टी ने सुरेश कश्यप को चुनावी मैदान में उतारा जो जीत हासिल करने में कामयाब रहे।

2019 का आंकड़ा

हिमालच प्रदेश की शिमला लोकसभा के अंतर्गत 17 विधानसभा सीटें आती है। यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। 2019 के लोकसभा चुनाव में शिमला संसदीय क्षेत्र में कुल 12,59,085 मतदाता थे। भारतीय जनता पार्टी के सुरेश कश्यप कुल 6,06,182 वोट प्राप्त कर विजयी हुए थे। वहीं, कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी राम शांडिल कुल 2,78,668 वोट लेकर दूसरे स्थान पर रहे थे। उन्हें 3,27,514 वोटों से हार का सामना करना पड़ा था।

2014 में ऐसा रहा रिजल्ट

साल 2014 के लोकसभा चुनाव में शिमला लोकसभा में कुल मतदाताओं की संख्या 11,53,363 थी। यहां से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी वीरेंद्र कश्यप ने 3,85,973 वोट प्राप्त कर जीत हासिल की थी। जबकि, कांग्रेस के मोहन लाल ब्राक्टा को कुल 3,01,786 वोट मिले थे। उन्हें 84,187 वोटों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा था।

2014 मुख्य उम्मीदवार

  • विनोद सुलतानपुरी / कांग्रेस
  • सुरेश कश्यप / बीजेपी
  • हेमराज / बसपा
2024 लोकसभा चुनाव के लिए दोनों पार्टियों ने अपना गुणा गणित लगाकर प्रत्याशियों को चुनावी मैदान में भेजा है। जहां, बीजेपी ने दोबारा सुरेश कश्यप पर भरोसा जताते हुए टिकट दिया है, वहीं कांग्रेस पार्टी ने प्रत्याशी में तब्दीली करते हुए विनोद सुलतानपुरी को चुनावी मैदान में उतारा है। अब देखना है यहां के वोटर्स इस बार अपना आशीर्वाद किसे देते हैं। इस बार इस सीट पर आखिरी चरण में 1 जून को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक वोटिंग होनी है और 4 जून को यहां नया सांसद मिलेगा यानी चुनाव का रिजल्ट घोषित किया जाएगा।
Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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