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लालू की लाडली की सियासत में एंट्री! जिस बेटी ने दी राजद सुप्रीमो को किडनी, वो सारण से लड़ेगी चुनाव?

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Mar 18, 2024, 09:33 PM IST

Saran Lok Sabha Seat: रोहिणी आचार्य को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि वो लालू यादव की उत्तराधिकारी हो सकती हैं। क्योंकि वर्तमान समय में जितने भी लालू परिवार के सदस्य राजनीति में हैं उनमें से तेजप्रताप को छोड़कर सभी पर ईडी और सीबीआई का शिकंजा कसा हुआ है।

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लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य लड़ सकती है सारण से चुनाव

Photo : Twitter

Saran Lok Sabha Seat: लालू यादव के परिवार में से एक और की एंट्री राजनीति में होने जा रही है। लालू यादव की लाडली रोहिणी आचार्य के बारे में खबर है कि वो लोकसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमा सकती हैं। वो भी उस सीट से, जिस सीट से कभी उनके पिता लालू यादव ने राजनीति की शुरुआत की थी। रोहिणा आचार्य राजद के विरोधियों पर करारे हमले और लालू यादव को किडनी डोनेट करने को लेकर खासी सुर्खियों में रह चुकी हैं।

सारण लोकसभा सीट से उछला नाम

रोहिणा आचार्य का नाम लालू यादव के परिवार के करीबी सहयोगी और राजद एमएलसी सुनील कुमार सिंह की ओर से उछाला गया है। सुनील कुमार सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए रोहिणी आचार्य को सारण सीट से लोकसभा उम्मीदवार बनाने की मांग की है।

सारण सीट का इतिहास

सारण लोकसभा सीट, जब छपरा के नाम से जाना जाता था, तब यहीं से लालू यादव ने अपनी दिल्ली की राजनीति शुरू की थी। 2008 में इस लोकसभा का नाम सारण हुआ है। 1977 में यहां से लालू यादव पहली बार जीत कर संसद पहुंचे थे। फिर 1989 में जीते। इसके बाद एक फिर यहां से 2004 में लड़े और जीते। 2009 में जब नए परिसीमन में छपरा लोकसभा सीट सारण हो गया तो एक बार फिर लालू यादव यहीं से सांसद बने। हालांकि 2014 में राबड़ी देवी की इस सीट से हार हुई और बीजेपी के राजीव प्रताप रूडी ने यह सीट लालू परिवार से छीन ली। तब से सारण सीट पर बीजेपी का कब्जा है। सारण लोकसभा सीट के अंदर 6 विधानसभा सीटें आती हैं, जिनमे से 4 सीट पर राजद का कब्जा है और दो सीट बीजेपी के पास है।

लालू की उत्तराधिकारी रोहिणी

रोहिणी आचार्य को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि वो लालू यादव की उत्तराधिकारी हो सकती हैं। क्योंकि वर्तमान समय में जितने भी लालू परिवार के सदस्य राजनीति में हैं उनमें से तेजप्रताप को छोड़कर सभी पर ईडी और सीबीआई का शिकंजा कसा हुआ है। चारा घोटाले में लालू यादव को जेल हो चुकी है। राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और मीसा भारत लैंड फॉर जॉब स्कैम में फंसे हैं। ऐसे में अगर भविष्य में इनपर कभी कार्रवाई होती है और सजा होती है तो रोहिणी आचार्य एक विकल्प के तौर पर लालू का गद्दी संभाल सकती हैं।

लालू यादव की जान बचाने वाली बेटी

रोहिणी आचार्य को लालू यादव की जान बचाने वाली बेटी भी कहा जाता है। दरअसल जब लालू यादव को चारा घोटाले में जेल हुई और वहीं पर उनकी किडनी के डैमेज होने का पता चला तो डॉक्टरों से किडनी ट्रांसप्लांट की सलाह दी। लालू यादव के परिवार में रोहिणी की किडनी ही लालू यादव के लिए फिट मिला। जिसके बाद पहले तो लालू ने मना किया, लेकिन फिर मान गए। रोहिणी आचार्य अपने परिवार के साथ सिंगापुर में ही सेटल है, वहीं के अस्पताल में लालू यादव की किडनी ट्रांसप्लांट की गई।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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