Rahul Gandhi : कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राजनीति में उन्हें 'नॉन सीरियस' कहे जाने पर जवाब दिया है। उन्होंने बताया है कि वह 'सीरियस पॉलिटिशियन' हैं। राजनीति में उन्होंने अपने 'गंभीर प्रयासों' का ब्योरा भी दिया। साथ ही उन्होंने मीडिया के बारे में कहा कि कुछ लोगों ही मुद्दों पर बहस करते हैं और राय बनाते हैं जबकि 90 फीसदी लोगों क्या सोचते हैं उनके बारे में कोई बात नहीं करता। राहुल ने कहा कि वह 90 फीसदी लोगों के बारे में बात करते हैं इसलिए उन्हें 'नॉन सीरियस' कहा जाता है। कांग्रेस नेता ने कहा कि मीडिया में एक भी आदिवासी, दलित और ओबीसी एंकर नहीं है।
मीडिया में मुझे नॉन सीरियस नेता कहा जाता है-राहुल
राहुल ने कहा कि 'मीडिया में मेरे बारे में कहा जाता है कि राजनीति में मेरी दिलचस्पी नहीं है। मुझे नॉन सीरियस कहा जाता है। मीडिया में 24 घंटे यही चलता रहता है कि मैं नॉन सीरियस हूं लेकिन क्या मनरेगा, जमीन अधिग्रहण बिल, नियामगिरि, भट्टा परसौल नॉन सीरियस राजनीति के दायरे में आते हैं। मीडिया की नजर में अमिताभ बच्चन, ऐश्वर्या राय, विराट कोहली सीरियस हैं और मैं नॉन सीरियस।'
'एक भी दलित, आदिवासी, ओबीसी एंकर नहीं'
कांग्रेस नेता ने कहा कि 'हजार लोगों में से 20 लोगों के पास हेडफोन और माइक्रोफोन हैं। ये आपस में चर्चा करते हैं और मुद्दों पर अपनी राय बनाते हैं। 980 लोगों के पास कुछ नहीं है लेकिन जब कोई 90 प्रतिशत लोगों की बात करता है तो वह नॉन सीरियस हो जाता है। मैंने एंकरों और पत्रकारों के नाम निकालने शुरू किए। मैंने पाया कि हिंदुस्तान की मीडिया में
दलित, आदिवासी और ओबीसी समुदाय से एक भी एंकर नहीं है।
मैं फैशनडिजाइनर नहीं बल्कि दर्जी हूं-राहुल
कांग्रेस नेता ने कहा कि वह फैशन डिजाइनर नहीं बल्कि दर्जी हैं। वह कपड़ा छूते ही समझ जाते हैं कि वह कैसे गिरेगा, कैसे काटा जाएगा। वह कारीगर हैं सब जानते हैं। कांग्रेस के मेनीफेस्टो पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जवाब देते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा कि उनका घोषणापत्र देखकर प्रधानमंत्री घबरा गए हैं। यह क्रांतिकारी घोषणापत्र है। बता दें कि कांग्रेस के मेनीफेस्टो को लेकर भाजपा उसे लगातार घेर रही है। पीएम मोदी ने कहा है कि कांग्रेस के मेनीफेस्टो पर मुस्लीम लीग की छाया है।
