इलेक्शन

'तीन खानदानों से त्रस्त हैं जम्मू-कश्मीर के लोग', कांग्रेस, एनसी और पीडीपी पर बरसे पीएम मोदी

Jammu and Kashmir Assembly Elections 2024: कौन बनेगा जम्मू-कश्मीर का मुख्यमंत्री? इस सवाल का जवाब 8 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद मिल पाएगा। चुनावी सीजन में वार-पलटवाक के बीच पीएम मोदी ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर के लोग कांग्रेस, एनसी और पीडीपी के तीन खानदानों से त्रस्त हैं।

Image

जम्मू में चुनाव प्रचार करने पीएम मोदी।

Jammu-Kashmir Chunav: जम्मू-कश्मीर का रण जीतने के लिए राजनीतिक दलों के नेता जोर शोर से चुनाव प्रचार में जुटे हैं। नेता वोटरों को लुभाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी राज्य में तीसरे चरण के चुनाव के प्रचार के लिए जम्मू पहुंचे। यहां पर उन्होंने एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी पर जमकर कटाक्ष किया है।

चुनाव जम्मू-कश्मीर का भविष्य चुनने के लिए है ये चुनाव

पीएम मोदी ने चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि ये चुनाव जम्मू-कश्मीर का भविष्य चुनने के लिए है। आज शहीद वीर सरदार भगत सिंह की जन्म जयंती भी है। देश के करोड़ों युवाओं की प्रेरणा, भगत सिंह जी को मैं श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं। पीएम मोदी ने कहा कि जम्मू की ये सभा इस विधानसभा चुनाव की मेरी आखिरी सभा है। मुझे बीते हफ्तों में जम्मू-कश्मीर के अलग-अलग हिस्सों में जाने का अवसर मिला है। मैं जहां भी गया, वहां भाजपा को लेकर अभूतपूर्व उत्साह दिख रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग आतंकवाद, अलगाववाद और हिंसा नहीं चाहते हैं। यहां के लोग शांति और समृद्धि चाहते हैं। यहां के लोग अपने बच्चों के लिए उज्ज्वल भविष्य चाहते हैं। यह सुनिश्चित करने के लिए यहां के लोग भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार चाहते हैं!

कांग्रेस, एनसी और पीडीपी पर पीएम मोदी ने किया कटाक्ष

पीएम मोदी ने कांग्रेस, एनसी और पीडीपी पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) और पीडीपी के तीन खानदानों से त्रस्त हैं। लोग फिर वही निजाम नहीं चाहते, जिसमें भ्रष्टाचार हो, नौकरियों में भेदभाव हो। जम्मू-कश्मीर के लोग आतंक, अलगाव और खून-खराबा अब नहीं चाहते हैं। यहां के लोग अमन-शांति चाहते हैं।

पिछले दो चरणों में हुए भारी मतदान ने जम्मू-कश्मीर की जनता का मूड बता दिया है। दोनों चरणों में भाजपा के पक्ष में जबरदस्त मतदान हुआ है। अब यहां भाजपा की पूर्ण बहुमत की पहली सरकार बनना तय है।

'भाजपा की जो सरकार यहां बनेगी, वो पीड़ा को दूर करेगी'

जम्मू क्षेत्र के लोगों के लिए इतिहास में पहले कभी ऐसा मौका नहीं आया है, जो इस चुनाव में आया है। अब पहली बार जम्मू क्षेत्र के लोगों की इच्छा वाली सरकार बनने जा रही है। आपको इस मौके को छोड़ना नहीं है। क्योंकि भाजपा की जो सरकार यहां बनेगी, वो आपकी पीड़ा को दूर करेगी।

बता दें कि जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव के दो चरणों का चुनाव हो चुका है। तीसरे और अंतिम चरण का चुनाव एक अक्टूबर को होगा और आठ अक्टूबर को नतीजे घोषित होंगे।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

और पढ़ें
End of Article