Baramati Lok Sabha Seat: महाराष्ट्र में इस बार के लोकसभा चुनाव में लड़ाई दिलचस्प होने वाली है। भतीज अजीत पवार के हाथों पहले ही पार्टी गंवा चुके शरद पवार को अब अपने परिवार की परंपरागत सीट बचाने के लिए फिर से भतीजे से लड़ना होगा। दरअसल महाराष्ट्र की बारामती सीट पर पवार परिवार की पकड़ रही है। यह सीट 1996 से लगातार शरद पवार और फिर उनकी बेटी सुप्रिया सुले के पास रहा है। इस बार भी सुप्रिया सुले का यहां से लड़ना तय है। अब इस सीट से अजीत पवार ने अपनी पत्नी सुनेत्रा पवार को मैदान में उतार दिया है, मतलब अब बारामती सीट पर लड़ाई ननद बनाम भाभी को होना तय हो गया है।
पवार परिवार के बीच पहली चुनावी लड़ाई
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने शनिवार को सुनेत्रा पवार को बारामती लोकसभा सीट से मैदान में उतारने की घोषणा की है। अभी तक पवार परिवार सीधी लड़ाई में नहीं उलझा था, यह उनकी पहली लड़ाई होगी। बारामती से अपनी उम्मीदवारी के बारे में बोलते हुए, राकांपा उम्मीदवार सुनेत्रा पवार ने कहा- "आज मेरे लिए बहुत बड़ा दिन है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस और अजीत पवार को धन्यवाद देना चाहती हूं। मुझ पर विश्वास करने के लिए।"
55 साल से पवार परिवार का गढ़ रहा है बारामती
55 वर्षों से अधिक समय से बारामती लोकसभा सीट पवार परिवार का गढ़ रही है। शरद पवार ने 1967 में पहली बार बारामती से महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव जीता। उन्होंने 1972, 1978, 1980, 1985 और 1990 के विधानसभा चुनावों में यह सीट बरकरार रखी। 1996 से लेकर 2004 तक शरद पवार इसी सीट से सांसद रहे हैं। इसके बाद 2009 से अबतक उनकी बेटी सुप्रिया सुले बारामती सीट से सांसद है।
