Seat Sharing in Bihar: नीतीश कुमार के इंडिया गठबंधन से निकल जाने के बाद बिहार में लोकसभा चुनाव में सीट बंटवारे का नया फॉर्मूला तैयार हुआ है। राष्ट्रीय जनता दल 28 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है, जबकि 8 सीट कांग्रेस को मिल सकती हैं। दो से तीन सीटें भाकपा माले को मिलेंगी जबकि एक सीट सीपीआई और सीपीएम को मिलेगी। इसी फार्मूले पर बिहार में सीट बंटवारे पर बातचीत चल रही है।
नीतीश कुमार के जाने से नए समीकरण
बिहार में नीतीश कुमार के पाला बदलने के बाद नए समीकरण बने हैं। नीतीश अब एनडीए के साथ हैं। नए सियासी परिदृश्य में महागठबंधन भी अब कमजोर पड़ गया है। अब इसमें दो बड़ी पार्टी आरजेडी और कांग्रेस ही रह गए हैं। इन्हीं के बीच सीटों के बंटवारे की बात चल रही है। बाकी छोटे दल हैं जो कम सीटों पर चुनाव लडे़ंगे। इससे पहले आरजेडी नेता तेजस्वी बिहार में राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा में भी शिरकत कर चुके हैं।
2019 में बीजेपी ने जीती थीं 17 सीटें
बिहार में कुल 40 लोकसभा सीटें हैं। एनडीए की बात करें तो इसमें बीजेपी के साथ तीन सहयोगी दल हैं। एलजेपी के दोनों गुट (पशुपति पारस और चिराग पासवान) और जीतन राम मांझी की पार्टी। 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने राज्य में 17 सीटें जीती थीं। पार्टी ने तब जेडीयू के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ा था। अब नीतीश दोबारा बीजेपी के साथ हैं।
2019 चुनाव में किस पार्टी को कितनी सीटें मिलीं?
बीजेपी ने 17 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे और पार्टी के सभी उम्मीदवार विजयी हुए थे। वहीं, जेडीयू ने भी 17 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, 16 उम्मीदवारों ने जीत हासिल की थी। लालू यादव की आरजेडी ने 19 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन एक भी सीट नहीं मिली। जबकि कांग्रेस ने 9 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, और एक सीट पर जीत मिली थी। (इनपुट- साकेत)
