जयराम रमेश ने यह भी कहा कि इलेक्टोरल बॉन्ड को सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के खिलाफ बताया है। बीजेपी सरकार अलग-अलग तरीके से लगातार विपक्षी पार्टी को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी के कोषाध्यक्ष अजय माकन ने भी बीजेपी पर निशाना साधते हुए बताया है कि बीजेपी ने 2017-18 में आए 42 करोड़ रुपए के चंदे के बारे में कोई भी डिटेल नहीं दी है। लेकिन इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने उस पर आंखें मूंद ली हैं और हमारे 14 लाख रुपए के मामले में 135 करोड़ रुपए हमसे छीन कर ले गए, यह सरासर अन्याय है। इसके बाद हमने लगातार पीछे पिछले दो सालों का बीजेपी का डेटा खंगाल तो पता चला कि 253 लोगों के नाम ही नहीं हैं चंदे की लिस्ट में। 2.5 करोड़ रुपए की ऐसी राशि है जिनका कोई पता नहीं है। 1.05 करोड़ देने वालों के नाम नहीं है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट और हमारी इलेक्शन कमीशन बीजेपी की इन सब कमियों पर आंख बंद कर बैठी हुई है। पिछले 7 सालों का हमने जो एनालिसिस किया है, उसके हिसाब से 4600 करोड़ रुपए बीजेपी के ऊपर पेनाल्टी लगनी चाहिए।
कांग्रेस के ऊपर जो डिमांड आया है वह 1993-94 का डिमांड आया है। सीताराम केसरी के समय का यह डिमांड अब कांग्रेस के पास आया है। कांग्रेस के ऊपर 1823 करोड़ रुपए का डिमांड बनाया गया है। अगर ऐसे ही जांच बीजेपी की हो तो 4600 करोड़ का डिमांड बनेगा उनके ऊपर। जब पीछे के सारे मामले खोले जा रहे हैं तो बीजेपी के येदिउरप्पा डायरी का मामला, बंगारू लक्ष्मण का मामला क्यों नहीं खोला जा रहा है।
