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बाबरी मस्जिद बनाने वाले हुमायूं कबीर ने नउदा और रेजीनगर दोनों सीटों पर दर्ज की जीत; भाजपा प्रत्याशी को बड़े अंतर से दी मात

बाबरी मस्जिद को लेकर तृणमूल से निष्कासित किए गए हुमायूं कबीर ने दो सीटों पर जीत हासिल कर ली है। वे मुर्शिदाबाद जिले में नउदा और रेजीनगर से चुनावी मैदान में थे।

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नउदा और रेजीनगर से जीत के प्रमाणपत्र के साथ हुमायूं कबीर।

West Bengal Election 2026 Result : आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के प्रमुख हुमायूं कबीर ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में नउदा और रेजीनगर दोनों सीटों पर जीत हासिल कर ली है। उन्होंने दोनों ही सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों को मात दी। गौरतलब है कि कबीर को दिसंबर में बेलडांगा में बाबरी मस्जिद की तर्ज पर एक मस्जिद बनाने के प्रस्ताव के कारण तृणमूल से निलंबित कर दिया गया था।

नौउदा का ऐसा है सियासी गणित

मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की तरह की मस्जिद बनाने का प्रस्ताव रखने वाले एजेयूपी संस्थापक हुमायूं कबीर ने नौदा जीत दर्ज कर ली है। निर्वाचन आयोग ने इस पर मुहर लगा दी है। यहां कबीर ने अपने सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी भाजपा के राणा मंडल को 27,943 वोटों से हराकर नवादा सीट पर जीत दर्ज की। कबीर को 86,463 वोट मिले और मंडल को 58,520 वोट प्राप्त हुए। तृणमूल की सईना मुमताज खान 51,867 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं।

मुर्शिदाबाद जिले की नौउदा विधानसभा सीट इस बार ममता बनर्जी के बागी और निर्वासित विधायक हुमायूं कबीर के कारण चर्चा में थी। वे यहां से चुनावी मैदान में थे। 1951 में गठित की गई नौउदा सीट पर अब तक 2019 के उपचुनाव सहित 18 विधानसभा चुनाव हुए हैं, जिनमें कांग्रेस नौ बार, क्रांतिकारी समाजवादी पार्टी (आरएसपी)चार बार और टीएमसी ने दो बार जीत दर्ज की है। इसके अलावा, प्रगतिशील मुस्लिम लीग, भारतीय संघ मुस्लिम लीग और एक निर्दलीय उम्मीदवार ने भी एक-एक बार यह सीट अपने नाम की है। टीएमसी नेता साहिना मुमताज बेगम ने 2019 के उपचुनाव में यहां से जीत दर्ज की थी। उन्होंने कांग्रेस के सुनील कुमार मंडल को बड़े अंतर से हराया था। इसके बाद 2021 में हुए विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा के अनुपम मंडल को भी मात दी। साहिना मुमताज बेगम ने वो चुनाव 74,153 वोटों के बड़े अंतर से जीता था। इस बार यहां से टीएमसी से निष्कासित नेता हुमायूं कबीर अपनी आम जनता उन्नयन पार्टी के साथ चुनावी मैदान में थे। कबीर ने चुनाव से ऐन पहले बाबरी मस्जिद की नींव रखकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा था, जिसके कारण इस सीट पर मुकाबला रोचक हो गया है। यहां से भाजपा ने राणा मंडल, कांग्रेस ने मतिउर रहमान और टीएमसी ने एक बार फिर साहिना मुमताज खान पर भरोसा जताया था।

रेजिनगर (Rejinagar)

वहीं रेजीनगर में, हुमांयू ने भाजपा के बापन घोष को 58,876 वोटों से हराया। कबीर को 1,23,536 वोट मिले और घोष को 64,660 वोट प्राप्त हुए। इस सीट पर भी तृणमूल के अताउर रहमान 41,718 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

रेजिनगर विधानसभा सीट (Rejinagar Assembly Constituency) पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले की अहम सीटों में गिनी जाती है। यह सीट बहरामपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। यहां मुस्लिम वोटरों की बड़ी हिस्सेदारी होने के कारण चुनावी मुकाबला हमेशा दिलचस्प रहता है। इस सीट पर रबिउल आलम चौधरी ने तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर जीत दर्ज की थी। उन्हें 1,18,494 वोट मिले थे। भाजपा के अरबिंद बिस्वास दूसरे स्थान पर रहे। जीत का अंतर करीब 68 हजार वोट था। रेजिनगर सीट 2026 में इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि मुर्शिदाबाद जिले में तृणमूल, कांग्रेस और भाजपा तीनों दल यहां ताकत झोंक सकते हैं। यह इलाका पारंपरिक रूप से कांग्रेस प्रभाव वाला रहा है, लेकिन पिछले चुनावों में तृणमूल ने बढ़त बनाई है। भाजपा भी यहां अपना वोट शेयर बढ़ाने की कोशिश में है। भाजपा ने यहां से बापन घोष, कांग्रेस ने जिल्लू एस.के, और टीएमसी ने अताउर रहमान पर भरोसा जताया था।

जीत के बाद कबीर ने कहा कि मुर्शिदाबाद के लोगों का मैं शुक्रगुजार हूं, जिन्होंने मेरे साथ हुए अन्याय और ममता बनर्जी सरकार द्वारा अल्पसंख्यकों के साथ किए जा रहे भेदभाव का जवाब दिया। यह जीत और भी ज्यादा हौसला बढ़ाने वाली है क्योंकि अभी सिर्फ चार महीने पहले ही हमारी पार्टी की स्थापना हुई थी।"

छोड़नी होगी एक सीट

इससे पहले, हुमायूं कबीर ने साल 2021 के चुनावों में भरतपुर से तृणमूल के टिकट पर जीत हासिल की थी। अब दो सीटों पर जीतने के बाद उन्हें अब इन दो सीटों में से एक सीट छोड़नी पड़ेगी,जिसके चलते वहां उपचुनाव होगा।

Shiv Shukla
शिव शुक्ला author

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभ... और देखें

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