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Maharashtra: एमबीएमसी के शहर अभियंता दीपक खांबित को चुनाव आयोग ने भेजा नोटिस, ये हैं आरोप

Maharashtra: निर्वाचन आयोग लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के तहत आचार संहिता लागू होते ही जितने भी सरकारी अधिकारी अथवा कर्मचारी हैं, सभी पूरे आचार संहिता की अवधि तक चुनाव आयोग के स्टाफ बन जाते हैं।

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अभियंता दीपक खांबित को चुनाव आयोग की नोटिस

Maharashtra: चुनाव आयोग ने मीरा-भायंदर महानगरपालिका के शहर अभियंता दीपक खांबित को आचार संहिता एवं निर्वाचन आयोग लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के नियमों की धज्जियां उड़ाने के आरोप में नोटिस भेजते हुए अभियंता के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। इलाके के एक सामाजिक कार्यकर्ता की शिकायत के बाद चुनाव आयोग ने मामले की जांच शुरू करते हुए खांबित को नोटिस जारी किया।

क्या है आरोप

दरअसल सिटी इंजीनियर दीपक खांबित ने चुनाव आयोग के इजाजत के बिना, चुनावी प्रक्रिया को अनदेखा करते हुए 26 अप्रैल को बीएमसी में कार्यरत 46 जूनियर इंजीनियर्स का एप्टीट्यूड टेस्ट लेने का कार्य किया। शिकायत के मुताबिक, सभी कनिष्ठ अभियंताओं ने इस परीक्षा की तैयारी के लिए अपना सिविक ऐप्स 3 दिन के लिए बंद कर के रखा जिसके चलते चुनावी कार्यप्रणाली बुरी तरह प्रभावित हुई।

क्या कहता है नियम

निर्वाचन आयोग लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के तहत आचार संहिता लागू होते ही जितने भी सरकारी अधिकारी अथवा कर्मचारी हैं, सभी पूरे आचार संहिता की अवधि तक चुनाव आयोग के स्टाफ बन जाते हैं, ऐसे में आयुक्त या किसी भी अधिकारी को कोई आदेश निकालने या मुख्य निर्णय लेने से पहले चुनाव आयोग से मंजूरी लेना अनिवार्य होता है।

आयोग ने क्या पूछा

आयोग जानना चाहता है कि एप्टीट्यूड टेस्ट रखने का फैसला अभियंता ने किस के कहने पर क्यों लिया और इसकी जानकारी आयोग को क्यों नहीं दी। अभियंता के इस गैरकानूनी फैसले के पीछे किसकी क्या मंशा है। ऐसे में सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में अभियंता और उससे जुड़े कुछ अधिकारियों की इस मामले में मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

Rakesh Kamal Trivedi
राकेश त्रिवेदीauthor

20 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ टीवी पत्रकारिता में सक्रिय, वर्तमान में TIMES NOW नवभारत में न्यूज़ एडिटर। क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज़्म में मजबूत पकड़ के साथ महाराष्ट्र की राजनीति और हाई-इम्पैक्ट राष्ट्रीय खबरों पर गहरी नज़र। डेटा-ड्रिवन रिसर्च, निर्भीक सवाल, ऑन-ग्राउंड एक्सपीरियंस और बेबाक विश्लेषण का संतुलित मिश्रण उनकी शैली की खासियत है।

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