हरियाणा में सरकार नौकरियों के इंतजार कर रहे युवाओं को झटका लगा है। चुनाव आयोग ने होने वाले हरियाणा विधानसभा चुनाव को देखते हुए राज्य में चल रही भर्ती प्रक्रियों के परिणामों को जारी करने पर रोक लगा दी है। अब चुनाव के बाद ही भर्ती प्रक्रियाओं के परिणाम घोषित किए जाएंगे। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश की शिकायत के बाद चुनाव आयोग ने यह फैसला किया है।
क्या कहा था कांग्रेस सांसद ने
मिली जानकारी के अनुसार चुनाव आयोग ने कांग्रेस सांसद जयराम रमेश से प्राप्त शिकायत का संज्ञान लिया है, जिसमें हरियाणा पुलिस में कांस्टेबल के 5600 पदों, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) द्वारा टीजीटी और पीटीआई के 76 पदों तथा हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) द्वारा विभिन्न पदों पर भर्ती की प्रक्रिया में आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के बारे में बताया गया है।
परीक्षाओं के परिणामों पर रोक
इसके बाद आयोग ने राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी और राज्य सरकार से तथ्यों का पता लगाने तथा मौजूदा आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) निर्देशों के मद्देनजर आयोग ने पाया कि एचएसएससी और एचपीएससी द्वारा चल रही भर्ती प्रक्रिया में आदर्श आचार संहिता का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है। आयोग ने पाया है कि भर्ती प्रक्रिया चुनाव की घोषणा से पहले शुरू की गई थी और यह मौजूदा आदर्श आचार संहिता निर्देशों के अनुसार है, जैसा कि ऊपर बताया गया है, जहां वैधानिक अधिकारी अपना काम जारी रख सकते हैं। हालांकि, समान अवसर बनाए रखने तथा यह सुनिश्चित करने के लिए कि किसी को कोई अनुचित लाभ न मिले, आयोग ने निर्देश दिया है कि संबंधित प्राधिकारियों (एचएसएससी और एचपीएससी) द्वारा इन भर्तियों के परिणामों की घोषणा राज्य में विधानसभा चुनाव संपन्न होने तक जारी नहीं की जाएगी।
