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क्या बिहार पर पड़ेगा दिल्ली चुनाव का असर? तेजस्वी यादव ने दिया इस सवाल का जवाब

Tejashwi Yadav on Bihar Chunav: बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और लालू प्रसाद यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव ने दावा किया है कि बिहार पर दिल्ली चुनाव का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा है कि बिहार, बिहार है... हमें यह समझना पडेगा। इसी साल आखिरी में बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं। फिलहाल आरजेडी बिहार की सबसे बड़ी पार्टी है।

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तेजस्वी यादव का दावा।

Bihar Politics: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव ने रविवार को कहा कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की शानदार जीत का बिहार विधासभा चुनाव में कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, जहां इस साल के अंत में विधानसभा के चुनाव होने हैं ।

तेजस्वी यादव का दावा- दिल्ली का असर बिहार में नहीं पड़ेगा

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में जनता मलिक होती है। भाजपा को लगभग 26 वर्षों के बाद सत्ता हासिल हुई है। उम्मीद है कि लोगों को किए गए वादे पूरे किए जाएंगे और जुमलेबाज़ी नहीं होगी । राजद नेता से जब यह पूछा गया कि भाजपा और उसके सहयोगी यह दावा कर रहे हैं कि दिल्ली में मिली जीत का फायदा बिहार विधानसभा चुनाव में मिलेगा, उन्होंने कहा, ‘‘बिहार, बिहार है... हमें यह समझना पडेगा।’’

लंबे वक्त से बिहार के मुख्यमंत्री बने हुए हैं नीतीश कुमार

बिहार में पिछले दो विधानसभा चुनावों में राष्ट्रीय जनता दल सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। बिहार में राजग का नेतृत्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कर रहे हैं । कुमार 2005 से कुछ समय को छोड़ कर अब तक मुख्यमंत्री पद पर आसीन हैं । नीतीश कुमार ने एक संक्षिप्त अवधि के लिये राज्य की बागडोर जीतन राम मांझी को सौंप दिया था।

पिछले कुछ वक्त से मोदी सरकार में मंत्री जीतन राम मांझी के तेवर भी काफी गरम लग रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में ये कह दिया है कि बिहार विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी को यदि सम्मानजनक स्थान नहीं दिया गया और उम्मीद से कम सीटें दी गईं, तो वो मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे देंगे। नीतीश कुमार ने इस अवधि में राजद के साथ भी दो बार अल्पकालिक गठबंधन किया था ।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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