इलेक्शन

Kondagaon seat : कोंडागांव सीट पर फिर मरकाम Vs उसेंडी, दिग्गजों के बीच दिलचस्प मुकाबला

  • Written by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Oct 31, 2023, 04:20 PM IST

Chhattisgarh Kondagaon seat 2023 Profile, Net Worth, Party Name : 2018 के विधानसभा चुनाव में मरकाम ने भाजपा प्रत्याशी लता उसेंडी को 1,796 वोटों से हराकर जीत हासिल की। मरकाम को कुल 61,582 वोट मिले थे, जो मतदान का 44.60 % था। जबकि भाजपा की लता उसेंडी को 59,786 वोट प्राप्त हुए।

Image

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023।

Chhattisgarh Kondagaon seat 2023 Profile : छत्तीसगढ़ की कोंडागांव विधानसभा सीट हाई प्रोफाइल है। इस सीट पर भाजपा और कांग्रेस के दिग्गज उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इस सीट पर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम का मुकाबला भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लता उसेंडी से है। खास बात यह है कि मरकाम और उसेंडी के बीच यह चौथी बार मुकाबला है। 2008 में उसेंडी ने मरकाम को हराया था। इसके बाद के दो विधानसभा चुनावों 2013 और 2018 में मरकाम ने उसेंडी को हराया। इस बार चुनावी दंगल में बाजी कौन मारता है, यह देखना दिलचस्प होगा।

एसटी के लिए आरक्षित है सीट

2018 के विधानसभा चुनाव में मरकाम ने भाजपा प्रत्याशी लता उसेंडी को 1,796 वोटों से हराकर जीत हासिल की। मरकाम को कुल 61,582 वोट मिले थे, जो मतदान का 44.60 % था। जबकि भाजपा की लता उसेंडी को 59,786 वोट प्राप्त हुए। यह सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है। पिछले दो चुनावों में इस सीट पर कड़ा मुकाबला देखने को मिला है। इस बार भी दोनों उम्मीदवारों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है।

पुरुषों से ज्यादा महिला मतदाता

कोंडागांव सीट एसटी बाहुल्य है। यहां यादव, देवांगन, साहू, कलार, और सामान्य वर्ग के लोग हैं। इस सीट पर मतदाताओं की संख्या करीब 176627 है। पुरुष मतदाताओं की संख्या 86124 और महिला मतदाताओं की संख्या करीब 90504 है। इस सीट पर पुरुषों के मुकाबले महिला मतदाता ज्यादा हैं। ट्रांसजेंडर मतदाताओं की संख्या करीब 20 है। यह इलाका नक्सल प्रभावित रहा है। इलाके के लोग सड़क, पानी, बिजली की समस्या को उठाते रहे हैं। यहां मक्का प्रोसिसंग प्लांट की शुरुआत अभी नहीं हो पाई है। जल जीवन मिशन योजना भी अधर में लटकी हुई है।

पेयजल की समस्या दूर नहीं हुई

कोंडागांव विधानसभा में 5 तहसील 5 विकासखंड है, विकासखंडों की स्थिति जिला गठन के 11 साल बाद भी नहीं सुधरी है, इन विकासखंडों के ग्रामीण अंचलों में पेयजल की समस्या बनी हुई है. क्षेत्र के आधा से ज्यादा आबादी डोबरा का पानी पीने को मजबूर हैं।

टाइम्स नाउ नवभारत
टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलauthor

अक्टूबर 2017 में डिजिटल न्यूज़ की दुनिया में कदम रखने वाला टाइम्स नाउ नवभारत अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। अपने न्यूज चैनल टाइम्स नाउ नवभारत की सोच एवं नजरिए के साथ आगे बढ़ते हुए यह न्यूज़ प्लेटफॉर्म आम लोगों से जुड़े मुद्दों का गहराई से विश्लेषण एवं उसे आसान भाषा में पेश करता आया है। राजनीति से लेकर खेल, मनोरंजन, कारोबार और आम लोगों के जीवन पर असर डालने वालीं खबरों का मायने समझाते हुए यह डिजिटल प्लेटफॉर्म लोगों के भरोसे पर खरा उतरा है। \n\nसाथ ही यह अपने न्यूज़ चैनल पर दिखाए जाने वाली खबरों, शोज, स्पशेल कार्यक्रमों एवं रिपोर्टों को पेश करता है। चैनल के ये कार्यक्रम एवं शोज देश-दुनिया के घटनाक्रमों पर एक नया एवं विश्वसनीय नजरिया देते हैं। अपनी खबरों एवं विश्लेषण के चलते पसंदीदा न्यूज़ प्लेटफॉर्म बन चुका टाइम्स नाउ नवभारत, डिजिटल लोगों के भरोसे को लगातार मजबूत कर रहा है।

और पढ़ें
End of Article