Rajya Sabha Elections 2024: राज्यसभा की 56 सीटों में से 41 सीट पर उम्मीदवारों का चयन निर्विरोध हो गया लेकिन तीन राज्यों की 15 सीटों पर अतिरिक्त उम्मीदवार की घोषणा कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पेच फंसा दिया है। इन 15 सीटों में सर्वाधिक 10 सीटें उत्तर प्रदेश में हैं। कर्नाटक की 4 और हिमाचल प्रदेश की एक सीट पर मंगलवार को विधायक मतदान करेंगे। इन 15 सीटों के नतीजे भी इसी दिन आएंगे। भगवा पार्टी की ओर से अतिरिक्त उम्मीदवार उतारे जाने से विपक्ष में खलबली मची हुई है।
41 में सर्वाधिक 20 सीटें भाजपा को मिलीं
निर्विरोध चुनाव जीतने वालों में सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेता शामिल हैं। इनमें कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, अशोक चव्हाण, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और एल मुरुगन शामिल हैं। 41 में सबसे ज्यादा 20 सीटें भाजपा के खाते में गई हैं। कांग्रेस को छह, टीएमसी को चार, वाईएसआर कांग्रेस को तीन, राजद को दो, बीजद को दो, एनसीपी, शिवसेना, बीआरएस और जद-यू को एक-एक सीट मिली है।
उत्तर प्रदेश (10 सीटें)
देश के सबसे बड़े सूबे की 10 सीटों के लिए 11 उम्मीदवार मैदान में हैं। समाजवादी पार्टी ने यहां से अपने तीन उम्मीदवार जया बच्चन, पूर्व सांसद रामजी लाल सुमन और पूर्व आईएएस अधिकारी आलोक रंजन को चुनाव में उतारा है। यहां भाजपा ने सात की बजाय आठ उम्मीदवार उतारकर मुकाबले को रोचक बना दिया है। इससे सपा में खलबली मची हुई है। भाजपा ने यदि अपना आठवां उम्मीदवार नहीं उतारा होता तो यहां से 10 सदस्य निर्विरोध चुन लिए जाते। भाजपा उम्मीदवारों में पूर्व केंद्रीय मंत्री आरपीएन सिंह, पूर्व सांसद चौधरी तेजवीर सिंह, पार्टी महासचिव अमरपाल मौर्य, पूर्व राज्यमंत्री संगीता बलवंत, पार्टी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी, पूर्व विधायक साधना सिंह, आगरा के पूर्व मेयर नवीन जैन, स्थानीय उद्योगपति एवं पूर्व सपा नेता संजय सेठ शामिल हैं। सेठ 2019 में भाजपा में शामिल हुए।
यूपी में विधानसभा की 403 सीटें हैं लेकिन अभी विधानसभा में 399 सदस्य हैं। यहां से जीत दर्ज करने के लिए एक उम्मीदवार को 37 विधायकों की पहली प्राथमिकता वाले वोट चाहिए। भाजपा के पास 252 और एनडीए के पास कुल 277 विधायक हैं। जबकि सपा के विधायकों की संख्या 108 है। 'इंडिया' ब्लॉक के विधायकों को मिलाकर उसके विधायकों की संख्या 110 तक पहुंचती है।
हिमाचल प्रदेश (एक सीट)
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में 68 विधायक हैं। यहां से राज्यसभा की सीट जीतने के लिए उम्मीदवार को 35 विधायकों के वोट की जरूरत होगी। कांग्रेस के पास 40 और भाजपा के पास 25 विधायक हैं। लेकिन जीत दर्ज करने वाले आंकड़े से दूर होने के बावजूद भाजपा ने यहां अपना उम्मीदवार उतारकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। कांग्रेस यहां से अपने वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी को राज्यसभा भेजना चाहती है। भाजपा ने सिंघवी के खिलाफ हर्ष महाजन को उतारा है।
कर्नाटक (चार सीट)
कर्नाटक की चार सीटों के लिए पांच उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। कांग्रेस ने यहां से अजय माकन, सैयद नसीर हुसैन और जीसी चंद्रशेखर को उतारा है। भाजपा की ओर से नारायण भांडागे उम्मीदवार हैं तो जेडी-एस नेता एवं राज्यसभा के पूर्व सदस्य डी कुपेंद्र भी मैदान में हैं। कर्नाटक विधानसभा में अभी कुल 223 सदस्य हैं। यहां से एक उम्मीदवार को जीत दर्ज करने के लिए 45 वोट की जरूरत होगी। कर्नाटक में भाजपा के पास 66 विधायक हैं और उसने एक उम्मीदवार उतारा है। एचडी कुमारस्वामी की पार्टी जेडी-एस के 19 विधायक हैं और भाजपा के समर्थन के बाद इनके विधायकों की संख्या 85 तक जा सकती है। जेडी-एस ने एक उम्मीदवार उतारा है। कर्नाटक में कांग्रेस के 135 विधायक हैं और उसने यहां से तीन प्रत्याशी उतारे हैं
