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Video: जब बेगुसराय में बीच तालाब नाव से कूद पड़े राहुल गांधी, पकड़ने लगे मछली

Rahul Gandhi Video: लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस नेता राहुल गांधी रविवार को बिहार के बेगूसराय जिले में एक जनसभा को संबोधित करने के तुरंत बाद मछली पकड़ने गए। स्थानीय तालाब में मछली पकड़ने की कोशिश करते हुए, कांग्रेस सांसद ने मछुआरा समुदाय से बातचीत की, उनकी शिकायतें सुनीं और इस पेशे से जुड़ी चुनौतियों और संघर्षों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त किया।

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बिहार के बेगुसराय में मछली पकड़ते हुए राहुल गांधी (फोटो- @Congress)

Rahul Gandhi Video: कांग्रेस नेता राहुल गांधी आज बिहार में चुनाव प्रचार करने के लिए थे। बिहार के बेगुसराय में राहुल गांधी का एक अलग की रूप देखने को मिला। राहुल गांधी जब मछुआरे से मिलने के लिए एक तालाब में नाव के साहरे पहुंचे तो सीधे तलाब में छलांग लगी दी। पानी के अंदर खड़े होकर न सिर्फ वो मछुआरों से बात करते दिखे बल्कि मछली पकड़ने भी उनका साथ दिया।

तालाब में कूदे राहुल गांधी

मिली जानकारी के अनुसार, सुबह से ही तालाब के किनारे जोर-शोर से तैयारियां चल रही थीं। राहुल गांधी के पहुंचते ही ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति से उनका स्वागत किया। इसके बाद जब वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी तालाब में उतरे, तो राहुल गांधी भी बिना किसी झिझक के पानी में उतर गए और मछुआरों के साथ हाथ बंटाने लगे। उनके साथ कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार भी मौजूद थे। तीनों नेताओं ने तालाब में ग्रामीणों से बातचीत की और वहां तैयार किए गए स्थानीय व्यंजनों का स्वाद भी लिया। मछुआरों के साथ बातचीत में, राहुल गांधी ने उन्हें गठबंधन के चुनावी वादों से अवगत कराया, जिनमें बाढ़ के दौरान मछुआरा परिवारों को 5,000 रुपए की सहायता, मत्स्य बीमा योजना और नदियों व तालाबों का पुनरुद्धार शामिल है।

राहुल ने सरकार पर साधा निशाना

इससे पहले, राहुल गांधी ने एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए राज्य सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार की भी तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि बिहार के लोग विदेशों में भी अपना नाम कमाते हैं, जहां वे प्रवास करते हैं, लेकिन अपने देश में उनकी स्थिति दयनीय बनी रहती है। उन्होंने सत्तारूढ़ सरकार को उनके इस दुर्भाग्य के लिए दोषी ठहराया और उस पर नालंदा विश्वविद्यालय के पुनरुद्धार सहित बिहार के उत्थान के लिए यूपीए सरकारों द्वारा शुरू की गई कई विकासात्मक पहलों को विफल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "बिहार के लोग दूसरे राज्यों में जाते हैं। वहां वे कड़ी मेहनत करते हैं और उन राज्यों के विकास में योगदान देते हैं। अगर बिहार के लोग अपने खून-पसीने से दुबई जैसा शहर बना सकते हैं, तो बिहार क्यों नहीं बना सकते?" उन्होंने आगे आरोप लगाया, "इसका कारण यह है कि यहां की भाजपा-जदयू सरकार ने लोगों को मौका ही नहीं दिया। हमारी यूपीए सरकार ने नालंदा जैसे उत्कृष्ट विश्वविद्यालयों के पुनर्निर्माण का काम शुरू किया था, लेकिन यहां की सरकार ने सब कुछ बर्बाद कर दिया।"

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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