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Phulparas Assembly Election 2025: फुलपरास सीट पर क्या है इस बार चुनावी समीकरण?, जानें पिछला इतिहास

Phulparas Assembly Constituency (फुलपरास विधानसभा सीट): 1951 के बाद से फुलपरास विधानसभा सीट पर 18 विधानसभा चुनाव हुए हैं, जिसमें 1977 का चर्चित उपचुनाव भी शामिल है। इसी उपचुनाव में कर्पूरी ठाकुर को जीत मिली थी। वर्ष 2010 के चुनाव में जदयू के टिकट पर गुलजार देवी ने 36113 मत प्राप्त कर राजद उम्मीदवार पूर्व सांसद वीरेंद्र कुमार चौधरी को 12344 मतों से पराजित कर विधायक निवाचित हुई थी

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बिहार विधानसभा चुनाव 2025।

Phulparas Assembly Constituency (फुलपरास विधानसभा सीट): बिहार की 243 विधानसभा सीटों में से फुलपरास भी एक है। यह सीट मधुबनी जिले में स्थित है। 2020 के विधानसभा चुनावों में इस सीट पर जनता दल यूनाइटेड (जद-यू) विजयी हुई। जद-यू प्रत्याशी शीला कुमारी ने कांग्रेस के कृपानाथ पाठक को 10966 वोटों के अंतर से हराया। फुलपरास विधानसभा क्षेत्र, झंझारपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। साल 2020 के चुनाव में जनता दल यूनाइटेड की प्रत्याशी शीला कुमारी ने यहां जीत का परचम लहराया था।

शीला मंडल इस बार भी जद-यू उम्मीदवार

शीला कुमार को इस चुनाव में कुल 75116 वोट मिले थे। कांग्रेस के उम्मीदवार कृपानाथ पाठक इस चुनाव में दूसरे नंबर पर रहे थे। कांग्रेस के प्रत्याशी को कुल 64150 वोट मिले थे। एलजेपी के बिनोद कुमार सिंह तीसरे नंबर पर रहे थे। फुलपरास सिर्फ एक विधानसभा सीट नहीं, बल्कि जननायक कर्पूरी ठाकुर जैसे दिग्गज नेता की सियासी कर्मभूमि है। फुलपरास विधानसभा सीट से जदयू ने इस बार भी शीला मंडल को चुनावी मैदान में उतारा हैं। शीला मंडल अभी बिहार में मंत्री भी हैं।

कर्पूरी ठाकुर भी यहां से जीते

1951 के बाद से फुलपरास विधानसभा सीट पर 18 विधानसभा चुनाव हुए हैं, जिसमें 1977 का चर्चित उपचुनाव भी शामिल है। इसी उपचुनाव में कर्पूरी ठाकुर को जीत मिली थी। वर्ष 2010 के चुनाव में जदयू के टिकट पर गुलजार देवी ने 36113 मत प्राप्त कर राजद उम्मीदवार पूर्व सांसद वीरेंद्र कुमार चौधरी को 12344 मतों से पराजित कर विधायक निवाचित हुई थी जबकि तीसरे स्थान पर पूर्व सांसद के स्वजातीय निर्दलीय उम्मीदवार बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी रहे रामनारायण मंडल को 8066 मत प्राप्त हुआ था।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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