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Bihar Chunav: बिहार चुनाव से पहले जानिए क्या है जनता का मूड?

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। सत्तादल और विपक्ष एक-दूसरे पर जमकर आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति कर रहे हैं। साथ वोटर्स को लुभाने के लिए तरह-तरह के वादे किए जा रहे हैं। इस बीच, चलिए जानते हैं कि जनता का क्या मूड है।

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (बाएं) और राजद नेता तेजस्वी यादव (दाएं)

Photo : Twitter

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। सत्तादल और विपक्ष एक-दूसरे पर जमकर आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति कर रहे हैं। साथ वोटर्स को लुभाने के लिए तरह-तरह के वादे किए जा रहे हैं। राजग ने 'संकल्प पत्र' तो महागठबंधन ने अपना 'घोषणा पत्र' जारी कर दिया है जिसमें सरकारी नौकरियां देने की बात भी कही गई हैं। इसी बीच, राजग और महागठबंधन के उम्मीदवारों को लेकर जनता के मन में क्या चल रहा है? इस पर एक नजर डालते हैं।

सबसे पसंदीदा CM चेहरा कौन?

टाइम्स नाउ नवभारत ने बिहार चुनाव को लेकर जेवीसी सर्वे के हवाले से आंकड़े जारी किए जिसमें पसंदीदा मुख्यमंत्री चेहरे से लेकर कई सवाल पूछे गए हैं। ऐसे में बिहार की जनता ने सबसे पसंदीदा मुख्यमंत्री चेहरे के तौर पर तेजस्वी यादव को सबसे ऊपर रखा, जबकि नीतीश कुमार की लोकप्रियता थोड़ी कम दिखाई गई है। सर्वे के मुताबिक, तेजस्वी यादव को 33 फीसदी, नीतीश कुमार को 29 फीसदी, चिराग पासवान और प्रशांत किशोर को 10-10 फीसदी, सम्राट चौधरी को 9 फीसदी, भाजपा से कोई और को 4 फीसदी और महागठबंधन से कोई और को 5 फीसदी लोगों ने पसंद किया।

किस पार्टी को कितनी सीटें?

जेवीसी सर्वे के मुताबिक, महागठबंधन में शामिल घटक दलों में सबसे ज्यादा सीटें राजद के जीतने की संभावना है। बकौल जेवीसी सर्वे, राजद को 69-78, कांग्रेस को 10-17, भाकपा (माले) को 12-14, भाकपा को एक और माकपा को 1-2 सीटें मिलने की संभावना जताई जा रही है। वहीं, राजग में शामिल दलों की बात की जाए तो भाजपा बड़े भाई के तौर पर ऊभरती हुई दिख सकती है। बकौल जेवीसी सर्वे, भाजपा को 70-81, जदयू को 42-48, एलजेपी (रामविलास) को 5-7, हम को दो, आरएलएम को एक-दो सीटें मिल सकती हैं।

CM के तौर पर कैसे रहे नीतीश कुमार?

मुख्यमंत्री के तौर पर नीतीश कुमार कैसे रहे? जब इस सवाल को खंगाला गया तो ठीक रहे कहने वाले 47 फीसदी, 'ठीक नहीं रहे' वाले 41 फीसदी और 'कह नहीं सकते' वाले 12 फीसदी हैं।

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