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बंगाल की लडाई मछली खाने पर आई: हिमंत ने दिया ममता 'दीदी' को मछली खाने का चैलेंज; बोले- आपसे 1kg ज्यादा खा जाउंगा

  • Agency by: Agency
  • Updated Apr 22, 2026, 07:45 PM IST

कल पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग होगी। पहले चरण में उत्तरी बंगाल के 152 निर्वाचन क्षेत्रों और राज्य के दक्षिणी हिस्से के कई जिलों में मतदान होना है। इससे पहले वहां मछली खाने को लेकर लड़ाई तेज हो गई है।

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ममता बनर्जी और हिमंत बिस्वा सरमा।

West Bengal Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल में पहले चरण की वोटिंग में अब 24 घंटे भी नहीं बचे हैं, लेकिन उससे पहले वहां मांस और मछली खाने पर राजनीति तेज हो गई है। असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने बंगाल की अपनी समकक्ष को मांस खाने का खुला चैलेंज दिया है। उनका एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे एक चुनावी रैली में सीएम ममता को मांस खाने के कंपटीशन का न्योता दे रहे हैं। इससे पहले सीएम ममता बनर्जी की पार्टी ने आरोप लगाया था कि अगर भाजपा बंगाल की सत्ता में आ जाएगी तो वह राज्य भर में मछली और मांस खाने पर प्रतिबंध लगा देगी। टीएमसी के इसी आरोपों पर भाजपा की ओर से हिमंता ने पलटवार किया है। उन्होंने साफ किया कि भाजपा की सरकार वाले किसी भी राज्य में मछली या मीट पर कोई रोक नहीं है।

क्या बोले असम सीएम हिमंत?

असम के सीएम हिमंत सरमा ने कहा कि 'दीदी कहती हैं कि बंगाल में भाजपा की सरकार आएगी तो राज्य में मांस और मछली बंद हो जाएगी। अरे भइया असम में भी बीजेपी की सरकार है। असम का सब लोग मांस और मछली दिल लगाकर खाते हैं। मैं दीदी को बोलता हूं, दीदी आप मेरे घर आ जाओ या मैं आपके घर आ जाउंगा, टेबल पर बैठकर दोनों मांस खाने का कंपटीशन करेंगे। आप भी खाते जाओ रोहू-इलिस, मैं भी खाते जाउंगा, आखिर में मैं आपसे एक किलो ज्यादा ही मांस खा जाउंगा।' आगे उन्होंने ममता बनर्जी पर आरोप लगाया कि दीदी काम की बात नहीं करती हैं, वे जनता को मुद्दे से भटकाने के लिए ऐसे बयान दे रही हैं।

इससे पहले, असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बीते शनिवार को पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर राज्य के संसाधनों को "बांग्लादेशी मुस्लिम घुसपैठियों" के हवाले करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को सत्ता से हटाना होगा वरना हम बंगाल गंवा देंगे। हिमंता शर्मा ने कालिम्पोंग में एक रैली को संबोधित करते हुए दावा किया था कि असम और त्रिपुरा की भाजपा सरकारों ने "बांग्लादेशी मुसलमानों" को भारत में प्रवेश करने से रोका है, जबकि बंगाल में अवैध घुसपैठ जारी है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने बंगाल का पूरा खजाना बांग्लादेशी मुस्लिम घुसपैठियों के लिए आरक्षित कर दिया है। उन्होंने वोट के लिए इस भूमि को बांग्लादेशी मुसलमानों को बेच दिया।

कल पहले चरण की वोटिंग, सुरक्षा सख्त

गौरतलब है कि कल पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग होगी। पहले चरण में उत्तरी बंगाल के 152 निर्वाचन क्षेत्रों और राज्य के दक्षिणी हिस्से के कई जिलों में मतदान होना है। निर्वाचन आयोग के अनुसार, इस चरण में 3.60 करोड़ से अधिक मतदाता मतदान कर सकेंगे। इन मतदाताओं में लगभग 1.84 करोड़ पुरुष, 1.75 करोड़ महिला और 465 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं। निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की रिकॉर्ड 2,450 कंपनियों को तैनात किया है, जिनमें लगभग 2.5 लाख कर्मी शामिल हैं। निर्वाचन आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

8,000 से अधिक मतदान केंद्र अत्यधिक संवेदनशील घोषित

पहले चरण के लिए 8,000 से अधिक मतदान केंद्रों को ’अत्यधिक संवेदनशील’ के रूप में चिह्नित किया है।आयोग ने मालदा, मुर्शिदाबाद, उत्तर दिनाजपुर, कूच बिहार, बीरभूम और बर्धमान जैसे कुछ जिलों को ’विशेष रूप से संवेदनशील’ के तौर पर चिह्नित किया है और इन क्षेत्रों के सभी निर्वाचन क्षेत्रों को कड़ी निगरानी में रखा है। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को बड़ी संख्या में तैनात किया गया है,जिन्हें निगरानी टीम और 2,193 त्वरित प्रतिक्रिया टीम का सहयोग प्राप्त है, ताकि किसी भी घटना पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।

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