Uttarakhand Chunav: Harish Rawat करेंगे कैंपेन कमेटी को लीड, राहुल के साथ हुई बैठक में हुआ फैसला

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 24, 2021, 03:44 PM IST

उत्तराखंड में हरीश रावत के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी चुनाव लड़ने जा रही है जो कैंपेन कमेटी को लीड करेंगे। राहुल गांधी के साथ आज हुई हरीश रावत की मुलाकात के बाद यह फैसला लिया गया है।

Uttarakhand Chunav: Harish Rawat करेंगे कैंपेन कमेटी को लीड, राहुल के साथ हुई बैठक में हुआ फैसला

नई दिल्ली:  उत्तराखंड चुनाव की तैयारियों में जुटी कांग्रेस ने फ्रंटफुट पर खेलते हुए हरीश रावत को अपना कैंपेन कमेटी का चेयरमैन नियुक्त किया है। पार्टी महासचिव हरीश रावत की नई दिल्ली में राहुल गांधी संग हुई बैठक के बाद तय किया गया कि पार्टी राज्य में हरीश रावत के नेतृत्व में कैंपेन कमेटी लीड करेगी। राहुल गांधी के साथ बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए हरीश रावत ने कहा, 'कदम-कदम बढ़ाए जा, कांग्रेस के गीत गाए जा.. मैं आने वाले उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में प्रचार अभियान का चेहरा रहूंगा।'

रावत ने कही ये बात

राहुल गांधी के साथ बैठक के बाद हरीश रावत ने कहा, 'कांग्रेस में एक विशेषाधिकार हमेशा पार्टी अध्यक्ष के पास होता है, कांग्रेस अध्यक्ष विधायक दल की बैठक के बाद तय करती है कि नेता कौन होगा। हम सब लोग उत्तराखंड में भी उसी का पालन करेंगे। कैंपेन कमेटी के चेहरे के रूप में मैं लीड करूंगा। ये तय हुआ है। उम्मीद करूंगा कि सब लोग उस काम में सहयोग करेंगे। पार्टी का निर्णय सबको मान्य होता है। जो अभी पीसीसी प्रेसीडेंड के चीफ का फैसला होगा वो सभी को मान्य होगा।'

गणेश गोदियाल ने कहा हाईकमान करेगा तय

उत्तराखंड कांग्रेस के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'जो उनको माहौल चाहिए, वो माहौल के अनुरूप बनाया जाए। जहां मुख्यमंत्री के चेहरे का सवाल है ये कांग्रेस प्रेसीडेंड चुने हुए विधायकों के निर्णय के बाद बताते हैं। उसके बाद यह तय होता है कि कांग्रेस अध्यक्ष उसमें क्या फैसला लेते हैं। अंतिम फैसला हाईकमान ही करेगा।'

उत्तराखंड चुनाव में कैंपेन कमेटी का चेयरमैन होने के नाते हरीश रावत के पास पूरा अधिकार होगा कि टिकट वितरण किस तरह का हो। उत्तराखंड में कांग्रेस इस निर्णय के बाद जहां रावत समर्थक जश्न मनाने में जुटे हैं वहीं दूसरी तरफ दूसरा खेमा फिर सक्रिय हो सकता है जिससे गुटबाजी के आसार प्रबल हो गए हैं।

End of Article