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Andhra Pradesh, Odisha Assembly Election 2024 : ओडिशा विधानसभा में बहुमत के पार BJP,आंध्र प्रदेश में TDP-BJP की सरकार बननी तय

Andhra Pradesh, Odisha Assembly Election 2024, Andhra Pradesh, Odisha Vidhan Sabha Chunav ke Parinamचुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक आंध्र प्रदेश में तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) बड़ी जीत दर्ज कर सकती है। अब तक रुझानों में वह 121 सीट पर आगे चल रही है।

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ओडिशा में सबसे बड़ी पार्टी बन सकती है भाजपा।

Andhra Pradesh, Odisha Assembly Election 2024 , Andhra Pradesh, Odisha Vidhan Sabha Chunav ke Parinam : आंध्र प्रदेश और ओडिशा में दोनों जगह सरकारें बदलने जा रही हैं। आंध्र प्रदेश में टीडीपी-भाजपा गठबंधन और ओडिशा में भाजपा की सरकार बननी तय है। ओडिशा में भाजपा अकेले दम पर बहुमत का आंकड़ा पार की है तो आंध्र प्रदेश में टीडीपी के साथ गठबंधन में है। चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद नायडू ने परिवार के साथ इसका जश्न मनाया। यहां जानिए दोनों राज्यों के विधानसभा चुनाव नतीजों से जुड़े ताजा अपडेट्स-

आंध्र प्रदेश/ओडिशा विधानसभा चुनाव रिजल्ट लाइव अपडेट्स

-आंध्र प्रदेश में टीडीपी 133 सीटों, जेएनपी 20, वाईएसआरसीपी 15 और भाजपा सात सीटों पर आगे है।

-ओडिशा में भाजपा 74, बीजद 57, कांग्रेस 14, माकपा 1 और निर्दलीय एक सीट पर आगे है।

-चुनाव आयोग के अब तक के रुझानों के मुताबिक आंध्र प्रदेश में टीडीपी 130 सीटों पर आगे चल रही है। भाजपा यहां सात सीटों पर और जेएनपी 20 सीटों पर आगे चल रही है। वाईएसआर को 18 सीटें मिलती दिख रही हैं।

-ओडिशा में भाजपा 78 सीटों पर आगे चल रही है। बीजद 54 सीटों, कांग्रेस 11, दो सीट पर निर्दलीय और माकपा एक सीट पर आगे है।

-अब तक रुझानों में टीडीपी 127 सीट पर आगे चल रही है। वहीं, उसके सहयोगी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 7 सीटों और पवन कल्याण की जनसेना पार्टी 17 सीटों पर आगे चल रही है।

-आंध्र प्रदेश में जगन मोहन रड्डी की पार्टी वाईएसआरसीपी को भारी नुकसान हो रहा है। वाईएसआरसीपी 22 सीटों से आगे चल रही है। बता दें कि आंध्र प्रदेश में विधानसभा की 175 सीटें हैं। आंध्र प्रदेश में सरकार बनाने के लिए 88 विधायकों की जरूरत होती है।

-ओडिशा विधानसभा चुनाव में आ रहे रुझानों में भारतीय जनता पार्टी बहुमत हासिल करने के करीब नजर आ रही है।

- राज्य में बहुमत के लिए 74 सीटों की जरूरत है।

-ओडिशा में अब तक रुझानों के मुताबिक भाजपा 73 सीटों पर आगे चल रही है। बीजद 50 सीटों पर आगे चल रही है। कांग्रेस 12 सीटों और माकपा एक सीट पर आगे है।

-दो सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार आगे चल रहे हैं। ओडिशा में विधानसभा की 147 सीटे हैं। यहां सरकार बनाने के लिए 74 विधायकों की जरूरत होती है।

जगन के हाथ से निकल सकती है सत्ता

आंध्र प्रदेश में ये रुझान अगर नतीजों में तब्दील हुए तो जगन मोहन के हाथों से सत्ता निकल सकती है। आंध्र प्रदेश में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के जगन मोहन रेड्डी 2019 से सत्ता में हैं। जगन मोहन ने पिछली बार 175 में से 151 सीटों पर एकतरफा जीत दर्ज की थी। राज्य में भाजपा ने चंद्रबाबू नायडू की तेलुगु देशम पार्टी (TDP) और एक्टर पवन कल्याण की जन सेना पार्टी (JSP) के साथ गठबंधन किया है।

24 साल से लगातार सीएम हैं नवीन पटनायक

वहीं, ओडिशा में नवीन पटनायक 24 साल (मार्च 2000) से लगातार मुख्यमंत्री हैं। ओडिशा में भाजपा ने फिलहाल किसी को मुख्यमंत्री का चेहरा नहीं बनाया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर ही चुनाव लड़ा। नवीन यदि फिर से सीएम बनते हैं तो वह सीएम पद पर बने रहने का पवन चामलिंग का रिकॉर्ड तोड़ देंगे। इस चुनाव में पीएम मोदी ने बीजद पर जमकर हमला बोला। पीएम ने कहा कि एक गुट है जिसने ओडिशा की सरकार पर कब्जा कर रखा है। राज्य के संसाधनों को लूटा जा रहा है।

एग्जिट पोल ने टीडीपी को जीतने का अनु्मान जताया

एग्जिट पोल में भी आंध्र प्रदेश में टीडीपी-भाजपा गठबंधन के जीतने का अनुमान जताया गया है। चाणक्या ने इस गठबंधन को 114-125 सीटें मिलने का अनुमान जताया है। जबकि वाईएसआर को 39-49 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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