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इंसानों के चेहरे सालों तक याद रखने वाला इकलौता पक्षी, 99% नहीं जाने होंगे नाम

ये एक ऐसा जीव है, जो किसी व्यक्ति के चेहरे को सालों साल तक याद रख सकते हैं बल्कि उनसे जुड़े अच्छे या फिर बुरे एक्सपीरियंस को भी सालों तक याद रखते हैं। अगर किसी इंसान ने इस पक्षी को नुकसान पहुंचाया हो या फिर कभी उसे डराया हो तो ये पक्षी सालों बाद भी उस इंसान को पहचान सकता है और उसके प्रति सतर्क व्यवहार दिखा सकता है।

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Which bird remembers human

Which Bird remembers Human Faces for years : अगर आपको ऐसा लगता है कि सिर्फ इंसान ही चेहरे पहचान सकते हैं तो आपको इस लेख में हैरान करने वाला फैक्ट बताने जा रहे हैं। वैज्ञानिक मानते हैं कि इस दुनिया में एक ऐसा पक्षी है, जो सालों साल इंसानों के चेहरे याद रखता है। यही वजह है कि इस जीव को धरती के सबसे स्मार्ट जीवों का दर्जा मिला हुआ है।

एक्सपर्ट्स मानते हैं कि ये जीव है कौवा। जो न सिर्फ किसी व्यक्ति के चेहरे को सालों साल तक याद रख सकते हैं बल्कि उनसे जुड़े अच्छे या फिर बुरे एक्सपीरियंस को भी सालों तक याद रखते हैं। अगर किसी इंसान ने कौवे को नुकसान पहुंचाया हो या फिर कभी उसे डराया हो तो कौवा सालों बाद भी उस इंसान को पहचान सकता है और उसके प्रति सतर्क व्यवहार दिखा सकता है।

हैरान कर देगी ये स्टडी

इस विषय पर हुए कई वैज्ञानिक अध्ययनों में पाया गया है कि कौवे इंसानी चेहरों की पहचान करने के लिए अपने मस्तिष्ट के खास हिस्सों का उपयोग करते हैं। रिसर्चर्स ने प्रयोग के दौरान अलग-अलग मुखौटे पहनकर कौवों के साथ व्यवहार किया। जिन मुखौटों वाले लोगों ने कौवों को पकड़ा या फिर परेशान किया, उन्हें कौवों ने बाद में भी पहचान लिया और फिर उनके प्रति चेतावनी भरी आवाजें निकालीं।

सबसे खास बात ये है कि कौवे सिर्फ खुद ही चेहरे नहीं पहचानते, बल्कि अपने ग्रुप के अन्य कौवों को भी खतरे के बारे में जानकारी देते हैं। यानी कि अगर किसी शक्स से एक कौवे को खतरा महसूस होता है तो वो ये जानकारी दूसरे कौवों तक भी पहुंचा सकता है। इस तरह पूरा का पूरा ग्रुप उस इंसान को पहचानने लगता है।

साइंटिस्ट मानते हैं कि कौवों की ये क्षमता उनके जीवित रहने की रणनीति का हिस्सा है। दुश्मनों को पहचानना और फिर उन्हें याद रखना उनके लिए सुरक्षा का अहम तरीका है। यही वजह है कि कौवे शहरी इलाकों में भी आसानी से खद को ढाल देते हैं और इंसानों के व्यवहार को समझने में काफी सक्षम होते हैं।

Kusum Bhatt
कुसुम भट्टauthor

टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बतौर एजुकेशन जर्नलिस्ट कार्यरत कुसुम भट्ट शिक्षा जगत से जुड़ी हर छोटी-बड़ी हलचल पर पैनी नजर रखती हैं। मास्टर्स इन मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त करने के बाद वह पिछले 5 सालों से एजुकेशन बीट को मजबूती से संभाल रही हैं। कुसुम को खबरों को सबसे पहले ब्रेक करने, विषय की गहराई में जाकर स्टोरी तैयार करने और युवाओं को उनके करियर से जुड़ी सटीक जानकारी देने में विशेष दक्षता प्राप्त है। कुसुम की लेखन शैली संक्षिप्त, शोध आधारित और प्रभावशाली है। वे एग्जाम टिप्स, करियर गाइडेंस, सरकारी नौकरी से जुड़ी खबरें, बोर्ड रिजल्ट और सक्सेस स्टोरीज़ जैसे विषयों पर सटीक और भरोसेमंद कंटेंट तैयार करने के लिए जानी जाती हैं। कुसुम अबतक पांच हजार से अधिक बाइलाइन रिपोर्ट पब्लिश कर चुकी हैं। उन्हें ब्लॉगिंग, वेब स्टोरीज और ट्रेंडिंग एजुकेशनल टॉपिक्स पर काम करने का खास शौक है। उनका मानना है कि – "शिक्षा सिर्फ करियर का माध्यम नहीं, बल्कि सोच और समाज दोनों को बदलने की शक्ति रखती है।"

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