What is DANIPS: भारत में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित की जाने वाली सिविल सेवा परीक्षा (CSE) देश की सबसे प्रतिष्ठित और चुनौतीपूर्ण परीक्षाओं में से एक है। जब भी पुलिस सेवा या खाकी वर्दी का जिक्र होता है, तो अधिकांश युवाओं के मन में सबसे पहला नाम IPS यानी भारतीय पुलिस सेवा का ही आता है। हालांकि, बहुत से अभ्यर्थियों को यह जानकारी नहीं होती कि सिविल सेवा परीक्षा के जरिए ही पुलिस विभाग में एक और बेहद महत्वपूर्ण और प्रभावशाली पद मिलता है, जिसे DANIPS कहा जाता है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आपराधिक जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले इस पद का अपना अलग जलवा और महत्व है। यदि आप भी यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं, तो DANIPS के बारे में जानने के साथ इसके और IPS के बीच का अंतर समझना आपके करियर विजन के लिए बेहद आवश्यक है।
DANIPS क्या है?
DANIPS का पूरा नाम Delhi, Andaman and Nicobar Islands, Lakshadweep, Dadra and Nagar Haveli and Daman and Diu Police Service है। यह केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) के लिए एक ग्रुप 'बी' सिविल सेवा कैडर है। इस पद पर भर्ती यूपीएससी सीएसई परीक्षा के माध्यम से मेरिट लिस्ट के आधार पर पूरी की जाती है। बता दें कि DANIPS अधिकारी के रूप में चयनित होने वाले उम्मीदवारों को शुरुआत में सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) या उप पुलिस अधीक्षक (DSP) के पद पर तैनात किया जाता है। यह सेवा सीधे भारत सरकार के गृह मंत्रालय के तहत आती है।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें -QS Asia Rankings 2027 में IIT दिल्ली भारत का नंबर-1 संस्थान
DANIPS के कार्य क्षेत्र और जिम्मेदारियां
DANIPS अधिकारियों की भूमिका विशेष रूप से देश की राजधानी दिल्ली जैसे संवेदनशील महानगर और द्वीप समूहों में अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। दिल्ली में कानून-व्यवस्था, वीआईपी सुरक्षा, साइबर अपराध और आपराधिक जांच का जिम्मा संभालना। इस पद पर चयनित उम्मीदवार केंद्र शासित प्रदेशों में पुलिस नेतृत्व करते हैं। बता दें कि यह अधिकारी जमीनी स्तर पर जनता से सीधे जुड़े रहते हैं और अपराध नियंत्रण में मुख्य भूमिका निभाते हैं।
DANIPS और IPS में क्या है मुख्य अंतर?
DANIPS के बारे में जानने के बाद आपके लिए यह जानना जरूरी है कि इसमें और आईपीएस में क्या अंतर होता है -
| पहलू | IPS (भारतीय पुलिस सेवा) | DANIPS |
| सेवा का स्तर | ऑल इंडिया सर्विस (Group 'A' All India Service)। | ग्रुप 'बी' सिविल सेवा (Group 'B' Civil Service)। |
| कैडर आवंटन | पूरे देश में किसी भी राज्य या एजीएमयूटी (AGMUT) कैडर में नियुक्ति संभव। | केवल दिल्ली और निर्दिष्ट केंद्र शासित प्रदेशों में ही तैनाती होती है। |
| प्रारंभिक रैंक | एएसपी (Assistant Superintendent of Police) / एसीपी। | एसीपी (Assistant Commissioner of Police) / डीएसपी |
| प्रमोशन | तेज गति से प्रमोशन होकर एसपी, डीआईजी, आईजी, डीजीपी तक पहुंचते हैं। | पदोन्नति के बाद IPS कैडर में इंडक्शन (Promotion to IPS) होता है और फिर डीसीपी/एसपी बनते हैं। |
करियर ग्रोथ और IPS में प्रमोशन
DANIPS में शामिल होने वाले अधिकारियों के लिए करियर ग्रोथ के बेहतरीन अवसर होते हैं। शुरुआती 8 से 10 वर्षों की सफल सेवा के बाद अधिकारियों को IPS कैडर में प्रमोट कर दिया जाता है। इसके बाद वे आधिकारिक रूप से IPS अधिकारी बन जाते हैं और पुलिस उपायुक्त (DCP), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (Addl. CP) जैसे उच्च पदों पर पदोन्नत होते हैं।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें - 'Ostrich Mentality' इंग्लिश फ्रेज का क्या है अर्थ?
युवाओं और UPSC एस्पिरेंट्स के लिए जरूरी टिप्स
यूपीएससी का फॉर्म भरते समय यदि आपकी रैंक थोड़ी पीछे रह जाती है, तो DANIPS एक बेहतरीन विकल्प साबित होता है। इसमें आपको देश की राजधानी दिल्ली और खूबसूरत यूटी (UTs) में सेवा करने का सीधा मौका मिलता है। दिल्ली पुलिस दुनिया के सबसे बड़े और आधुनिक पुलिस बलों में से एक है। DANIPS अधिकारी के रूप में यहां मिलने वाला प्रशासनिक और सुरक्षा संबंधी अनुभव किसी भी राज्य के पुलिस सेवा से कहीं अधिक विस्तृत और विविधतापूर्ण होता है।
